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नीलामी के लिए सेबी का तारीख पर तारीख, इस गैरकानूनी काम के चलते 7 कंपनियों पर होगी कार्रवाई

Edited By: Vikash Tiwary @ivikashtiwary Published : Aug 17, 2023 07:16 pm IST, Updated : Aug 17, 2023 07:16 pm IST

SEBI's Auction: नियामक ने कहा कि इसके अलावा 77 मामलों में विभिन्न अदालतों और अदालत द्वारा नियुक्त समितियों के समक्ष कार्यवाही लंबित है। अब इन 7 कंपनियों की नीलामी की तारीख बढ़ा दी गई है।

SEBI- India TV Paisa
Photo:FILE SEBI

SEBI's Auction: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) गैरकानूनी तरीके से निवेशकों से जुटाई गई राशि की वसूली के लिए सनहेवन एग्रो इंडिया और रविकिरण रियल्टी इंडिया समेत सात कंपनियों की 15 संपत्तियों की नीलामी की तारीख 21 अगस्त की जगह 31 अगस्त कर दी है। जिन अन्य कंपनियों की संपत्तियों की नीलामी की जानी हैं उनमें इन्फोकेयर इन्फ्रा, भारत कृषि समृद्धि इंडस्ट्रीज लिमिटेड, जीएसएचपी रियलटेक लिमिटेड, जस्ट-रिलायबल प्रोजेक्ट्स इंडिया लिमिटेड और न्यूलैंड एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड शामिल हैं। सेबी की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, कुछ इच्छुक बोलीदाताओं के अधिक समय मांगने के मद्देनजर नीलामी की तारीख 21 अगस्त से 31 अगस्त करने का फैसला किया गया। 

13 करोड़ रुपये तय

बाजार नियामक के अनुसार, इन संपत्तियों की नीलामी के लिए 13 करोड़ रुपये का आरक्षित मूल्य रखा गया है। इन संपत्तियों में पश्चिम बंगाल में स्थित जमीनों के अलावा आवासीय इमारत भी शामिल है। इन संपत्तियों की नीलामी निवेशकों से गैरकानूनी रूप से जुटाए गए पैसे की वसूली के लिए की जा रही है। सेबी ने उन्हें सार्वजनिक निर्गम मानकों का पालन न करते हुए धन जुटाने का दोषी मानते हुए वसूली की यह कार्रवाई शुरू की है। भारतीय शेयर बाजार की सर्वोच्च संस्था सेबी को एक ताकतवर संस्थान माना जाता है, लेकिन कंपनियों से करीब 73 हजार करोड़ रुपये वसूलने में खुद सेबी के ही पसीने छूट रहे हैं। थक हार कर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 73,287 करोड़ रुपये के बकाया को ‘मुश्किल से वसूली’ होने वाले बकाये की श्रेणी में डाला है। 

नहीं हो पा रही वसूली

पूंजी बाजार नियामक ने मार्च 2023 के अंत में इस राशि को मुश्किल से वसूली में रखा है। सेबी को विभिन्न इकाइयों से कुल मिलाकर 1.02 लाख करोड़ रुपये का बकाया वसूलना है। सेबी से प्राप्त जानकारी के अनुसार इसमें ऐसी कंपनियां भी शामिल हैं, जो लगाए गए जुर्माने का भुगतान करने में विफल रहीं, या जिन्होंने निवेशकों का धन वापस करने के निर्देश का पालन नहीं किया। सोमवार को जारी सेबी की 2022-23 की वार्षिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। कुल 1.02 लाख करोड़ रुपये के बकाया में 63,206 करोड़ रुपये पीएसीएल लिमिटेड और सहारा समूह की कंपनी सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन से संबंधित है। यह कुल राशि का 62 प्रतिशत है। 

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