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Moonlighting : TCS के HR ने दी 6 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को चेतावनी, बताया मूनलाइटिंग से जुड़ा नियम

 Edited By: Sachin Chaturvedi
 Published : Oct 11, 2022 10:17 am IST,  Updated : Oct 11, 2022 10:17 am IST

जब कोई कर्मचारी अपनी नियमित नौकरी के अलावा स्वतंत्र रूप से कोई अन्य काम भी करता है, तो उसे तकनीकी तौर पर ‘मूनलाइटिंग’ कहा जाता है। प्रौद्योगिकी पेशेवरों के बीच ‘मूनलाइटिंग’ के बढ़ते चलन ने उद्योग में एक नई बहस छेड़ दी है।

TCS- India TV Hindi
TCS Image Source : PTI (FILE PHOTO)

Highlights

  • ‘मूनलाइटिंग’ के बढ़ते चलन ने उद्योग में एक नई बहस छेड़ दी है
  • टेक महिंद्रा जैसी कुछ कंपनियों ने इसका समर्थन किया है
  • विप्रो ने 300 से अधिक कर्मचारियों को बर्खास्त करने की घोषणा की

Moonlighting : कोरोना लॉकडाउन के बीच कर्मचारियों की भलाई के लिए अन्य इंडस्ट्री के साथ ही आईटी कंपनियों ने भी जब वर्क फ्रॉम होम की घोषणा की, तब शायद कंपनियों को पता नहीं था कि कर्मचारी इन कंपनियों को ही दिन में चांद दिखा देंगे। दफ्तर की जगह घर पर बैठे कर्मचारियों ने 2 या इससे अधिक जगह काम करना शुरू कर दिया। कुछ पेरोल पर तो कुछ कर्मचारी आउटसोर्सिंग के जरिए पैसा पीटने लगे। आम बोलचाल में इसे मूनलाइटिंग कहा जाता है।

जब मूनलाइटिंग पर कंपनियों के एचआर की नजर पड़ी तो बवाल मच गया। भारत में कई कंपनियां इसे पक्ष और विपक्ष में आ खड़ी हुईं। इस बीच देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का बयान भी सामने आया है। कंपनी के एचआर ने मूनलाइटिंग को कंपनी के नियमों के खिलाफ बताते हुए अपने 6 लाख से अधिक कर्मचारियों को चेतावनी दे डाली है। 

एचआर ने कहा मूनलाइटिंग नैतिक मुद्दा

टीसीएस ने कहा कि ‘मूनलाइटिंग’ एक ‘नैतिक मुद्दा’ है और यह कंपनी के मूल मूल्यों के खिलाफ है। टीसीएस ने साथ ही कहा कि उसने अपने किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। कंपनी में 6.16 लाख से अधिक लोग काम करते हैं। टीसीएस के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी मिलिंद लक्कड़ ने कहा कि पिछले कुछ सप्ताह से चल रहे मूनलाइटिंग के मुद्दे पर अपना अंतिम दृष्टिकोण बनाते समय सभी उचित पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा। लक्कड़ ने कहा, ‘‘हम मानते हैं कि मूनलाइटिंग एक नैतिक मुद्दा है और यह हमारे मूल मूल्यों और संस्कृति के खिलाफ है।’’ 

आईटी कंपनियों में मचा है बवाल 

जब कोई कर्मचारी अपनी नियमित नौकरी के अलावा स्वतंत्र रूप से कोई अन्य काम भी करता है, तो उसे तकनीकी तौर पर ‘मूनलाइटिंग’ कहा जाता है। प्रौद्योगिकी पेशेवरों के बीच ‘मूनलाइटिंग’ के बढ़ते चलन ने उद्योग में एक नई बहस छेड़ दी है। टेक महिंद्रा जैसी कुछ कंपनियों ने इसका समर्थन किया है जबकि आईबीएम, विप्रो जैसी अन्य कंपनियों ने इसके बारे में चिंता व्यक्त की है। 

अभी तक नहीं की कोई कार्रवाई 

कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और प्रबंध निदेशक राजेश गोपीनाथन ने कहा कि सेवा अनुबंध के तहत कर्मचारियों को किसी अन्य संगठन के लिए काम करने की अनुमति नहीं है। लक्कड़ ने कहा कि विप्रो के विपरीत टीसीएस ने किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि टीसीएस की अपने कर्मचारियों के प्रति लंबे समय के लिए प्रतिबद्धता है और कर्मचारियों की कंपनी के प्रति पारस्परिक प्रतिबद्धता भी है। वहीं, विप्रो ने हाल में अनुशासत्मक कार्रवाई के रूप में 300 से अधिक कर्मचारियों को बर्खास्त करने की घोषणा की थी। 

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