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तेल और गैस के मामले में भारत का "कतर या कुवैत" बन सकता है ये राज्य, पश्चिम एशिया को देगा टक्कर

Edited By: Sachin Chaturvedi @sachinbakul Published : Oct 08, 2022 02:49 pm IST, Updated : Oct 08, 2022 02:49 pm IST

राजस्थान में मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या नाम से तेल क्षेत्र हैं। कंपनी के अनुसार राजस्थान ब्लॉक में ये तीन बड़े खोज हैं जिसमें 2.2 अरब बैरल तेल के बराबर हाइड्रोकार्बन भंडार है।

Rajasthan- India TV Paisa
Photo:FILE Rajasthan

Highlights

  • राजस्थान में जितना तेल और गैस भंडार है, वह पश्चिम एशिया का मुकाबला कर सकता है- अनिल अग्रवाल
  • वेदांता समूह केयर्न ऑयल एंड गैस के जरिये राजस्थान आंध्र प्रदेश और गुजरात में कच्चे तेल का उत्पादन करती है
  • कंपनी के राजस्थान में मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या नाम से तेल क्षेत्र हैं जिसमें 2.2 अरब बैरल तेल के बराबर हाइड्रोकार्बन भंडार

क्या भारत का कोई राज्य दुनिया में तेल उत्पादन के लिए प्रसिद्ध पश्चिमी एशिया के देशों को टक्कर दे सकता है। वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के मुताबिक ऐसा एक मात्र राज्य राजस्थान है। यहां तेल और गैस के बड़े भंडार हैं और ​दुर्लभ खनिज संसाधनों समेत अन्य खनिज संसाधनों के मामले में भी राजस्थान अव्वल हैै। इस प्रकार यहां विकास के काफी अवसर हैं।

अग्रवाल ने जयपुर आयोजित ‘निवेश राजस्थान’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ राजस्थान सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों और बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ राज्य में निवेश के लिये माहौल एकदम अनुकूल है। राजस्थान में जितना तेल और गैस भंडार है, वह पश्चिम एशिया का मुकाबला कर सकता है। दुर्लभ खनिज संसाधनों समेत अन्य खनिज संसाधनों के मामले में भी राजस्थान अव्वल है और इस क्षेत्र में काफी अवसर हैं।’’ 

मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या 

वेदांता समूह अपनी कंपनी केयर्न ऑयल एंड गैस के जरिये राजस्थान के अलावा आंध्र प्रदेश और गुजरात में तेल ब्लॉक से कच्चे तेल का उत्पादन करती है। कंपनी के राजस्थान में मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या नाम से तेल क्षेत्र हैं। कंपनी के अनुसार राजस्थान ब्लॉक में ये तीन बड़े खोज हैं जिसमें 2.2 अरब बैरल तेल के बराबर हाइड्रोकार्बन भंडार है।

इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार में बड़ी संभावनाएं

राजस्थान में निवेश के लिये परिवेश पूरी तरह अनुकूल है और यह राज्य तेल एवं गैस संसाधन के मामले में पश्चिम एशिया से मुकाबला करने में सक्षम है। उन्होंने यह भी कहा कि पड़ोसी राज्य गुजरात में लगने वाला वेदांता और फॉक्सकान का संयुक्त सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र राजस्थान के लिए भी काफी मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह संयंत्र लगने से चिप के इस्तेमाल वाले तैयार उत्पादों की लागत काफी कम हो जाएगी और राजस्थान में टेलीविजन, मोबाइल फोन जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के कारखानों का संकुल लगाया जा सकता है। 

सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री का फायदा राजस्थान को भी 

अग्रवाल ने गुजरात में सेमीकंडक्टर चिप बनाने का कारखाना लगाने का जिक्र करते हुए कहा कि इसका फायदा राजस्थान को भी हो सकता है। यहां टेलीविजन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने के कारखानों का संकुल लगाया जा सकता है। पड़ोसी राज्य गुजरात में स्थित सेमीकंडक्टर चिप और डिस्प्ले कारखानों से कच्चे माल सस्ते में मिलेगा, जिससे तैयार उत्पादों की कीमतें कम होंगी। उन्होंने कहा कि चिप और ग्लास के स्थानीय स्तर पर विनिर्माण से लैपटॉप, टेलीविजन और मोबाइल फोन के दाम में उल्लेखनीय कमी आएगी। 

वेदांता-फॉक्सकॉन ने लगाया है गुजरात में कारखाना 

वेदांता-फॉक्सकॉन 1,54,000 करोड़ रुपये के निवेश से गुजरात में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले बनाने का एक संयंत्र लगाएंगे। अग्रवाल ने कहा कि कारखाना अगले दो साल में चालू हो जाएगा। सेमीकंडक्टर चिप का उपयोग कार, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में किया जाता है। फिलहाल ये भारत में नहीं बनते हैं और इनका आयात किया जाता है।

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