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PM Modi Birthday: यूपीआई, फास्टैग, जन औषधि केंद्र- पीएम मोदी ने कैसे आसान बनाई आम भारतीयों की जिंदगी, देखें 10 सबसे बड़े कामों की लिस्ट

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Sep 16, 2025 06:46 pm IST,  Updated : Sep 16, 2025 06:48 pm IST

किफायती इंटरनेट ने छोटे शहरों और गांवों को बदल दिया है। किसान मंडी के भाव अपने फोन पर जांचते हैं, छात्र ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेते हैं।

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10 साल पहले भारत में रोजमर्रा की जिंदगी बहुत अलग हुआ करती थी Image Source : INDIA TV

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार, 17 सितंबर को अपना 75वां जन्मदिन मनाएंगे। साल 2014 में भारत के प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी ने अपने करीब 11 साल के कार्यकाल में देश के आम लोगों के जीवन को न सिर्फ बेहतर बनाने का भरपूर प्रयास किया बल्कि आसान भी बना दिया। आज से करीब 10 साल पहले भारत में रोजमर्रा की जिंदगी बहुत अलग हुआ करती थी। रेलवे काउंटरों पर लंबी लाइनें लगाना, दुकानों पर सामान बदलने की गुहार लगाना, गैस कनेक्शन लेने के लिए रिश्वत देना, इस समय का “नॉर्मल” हुआ करता था। लेकिन, आज का जीवन काफी बदल चुका है। यहां हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन 10 कामों के बारे में जानेंगे, जिससे आम भारतीय की जिंदगी न सिर्फ बेहतर हुई है बल्कि काफी आसान भी हो गई है।

1. यूपीआई और डिजिटल भुगतान

फेरीवाले अब हर बिक्री को एक टैप से ट्रैक करते हैं। ऋण तक पहुंच कायम हो चुकी है, पारदर्शिता बढ़ी है, और भारत रीयल-टाइम या तत्‍काल भुगतान के मामले में दुनिया का निर्विवाद लीडर बन चुका है। यूपीआई के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन संभव हो गया है, प्रवासी परिवार प्रेषण लागत पर बड़ी बचत कर रहे हैं।

2. जन धन खाते

लाखों लोगों, विशेष कर महिलाओं ने पहली बार वित्तीय स्वतंत्रता अनुभव की है। मजदूरी और सब्सिडी सीधे उनके खातों में आने के साथ ही, परिवारों ने बचत को औपचारिक प्रणाली में स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है, बैंकों को मजबूत किया गया है और अर्थव्यवस्था में ऋण विस्तार को बढ़ावा मिला है।

3. फास्टैग और परिवहन दक्षता

टोल पर अब अंतहीन कतारें नहीं लगतीं। ईंधन की बचत होती है, सफ़र कम समय में पूरे होते हैं, और आपूर्ति श्रृंखलाएं सुचारु बन चुकी हैं। कम लॉजिस्टिक्स लागत ने भारत की व्यापार प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा दिया है, साथ ही “नेक्‍स्‍ट –डे डिलीवरी” की ई-कॉमर्स संस्कृति के लिए भी मंच तैयार किया है।

4. किफायती डेटा और इंटरनेट का उपयोग

किफायती इंटरनेट ने छोटे शहरों और गांवों को बदल दिया है। किसान मंडी के भाव अपने फोन पर जांचते हैं, छात्र ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेते हैं, और ग्रामीण युवा कोडिंग कोर्स करते हैं। इस डिजिटल लहर ने भारत के प्रतिभा पूल को व्‍यापक बनाते हुए ओटीटी प्लेटफॉर्म से लेकर एआई स्टार्टअप तक पूरी तरह से नई अर्थव्यवस्थाओं का निर्माण किया है।

5. मेट्रो का विस्तार

दिल्ली से बेंगलुरु तक, महानगरों ने यातायात में खपने वाले घंटों को पुनः प्राप्त कर लिया है और प्रदूषण को कम किया है। मेट्रो गलियारों के आस-पास रियल एस्टेट फलते-फूलते हुए शहरी विकास को नया आकार दे रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि महानगरों ने सार्वजनिक परिवहन को आकांक्षी स्थान के रूप से पुन: परिभाषित किया है - जहां हर वर्ग एक साथ यात्रा करता है, स्थायी जीवन शैली को बढ़ावा देता है।

6. जन औषधि केंद्र

परिवारों को मेडिकल बिलों के कारण अब नुकसान नहीं उठाना पड़ता। किफायती जेनरिक औषधियों ने उपचार को पहुंच के भीतर ला दिया है, जिससे स्वस्थ, अधिक उत्पादक कार्यबल तैयार हुआ है। जेनरिक औषधियों की मांग ने भारतीय फार्मा को “दुनिया की फार्मेसी” के रूप में दुनिया भर में अपनी बढ़त को मजबूत करने के लिए भी प्रेरित किया है।

7. डिजिलॉकर और ई-गवर्नेंस

फोटोकॉपी और अंतहीन लंबी कतारों की जगह तत्काल डिजिटल सत्यापन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उद्यमी अब तेजी से ऋण प्राप्त कर सकते हैं, नागरिक सरकार के साथ अधिक आत्मविश्वास से जुड़ते हैं, और “पेपरलेस संस्कृति” स्कूलों और निजी फर्मों को डिजिटल-फर्स्‍ट प्रथाओं की ओर प्रेरित कर रही है।

8. व्‍यापार में क्यूआर कोड

चाय की टपरी से लेकर मॉल तक, क्यूआर कोड ने छोटे दुकानदारों को वित्तीय छाप प्रदान की है, ऋण लेने की सुविधा, बीमा तक पहुँच और व्यवसाय में तरक्‍की के मार्ग खोले हैं। कर अनुपालन बिना किसी कार्रवाई के धीरे-धीरे बढ़ गया है। वैश्विक स्तर पर, भारत किफायती वित्तीय समावेशन का मॉडल बन गया है, जो अफ्रीका और एशिया के देशों को प्रेरित कर रहा है।

9. गिग अर्थव्यवस्था का विकास

लचीला कार्य लाखों छात्रों, महिलाओं और अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए जीवन रेखा बन गया। इस गिग बूम ने जीवनशैली को नया आकार दिया: किराने की 10 मिनट डिलीवरी, ऐप-आधारित कैब और भोजन के ऑर्डर न्‍यू नॉर्मल बन चुके हैं, जिससे उपभोग की परिपाटियों, शहर के लॉजिस्टिक्‍स और यहां तक कि खान-पान की आदतें भी बदल गई हैं।

10. सार्वजनिक सेवाएं और व्यवहार में परिवर्तन

प्रत्यक्ष लाभ अंतरण बिचौलियों को हटाता है, बिना रिश्वत या देरी के नागरिकों तक धन पहुंचना सुनिश्चित करता है। स्वच्छ भारत ने स्वच्छता के प्रति नागरिक गौरव की भावना को जागृत करते हुए महिलाओं को शौचालय और सुरक्षा के साथ सम्मान प्रदान किया। आज, लोग डीबीटी, क्यूआर कोड और डिजिटल पारदर्शिता को सुधार नहीं, बल्कि शासन की आधारभूत आवश्‍यकता मानते हैं।

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