देश के सबसे व्यस्त और तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शामिल गाजियाबाद अब एक ऐसा कदम उठाने जा रहा है, जो न सिर्फ NCR बल्कि पूरे उत्तर भारत के परिवहन ढांचे को नई दिशा देगा। यहां साहिबाबाद में बन रहा उत्तर प्रदेश का पहला इंटरस्टेट बस टर्मिनल (ISBT) बिल्कुल एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस होगा। आधुनिक इमारत, एस्केलेटर, इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड, AC लाउंज, फूड कोर्ट, पार्किंग यह सब कुछ एक ही जगह! खास बात यह कि यहां से नेपाल तक सीधी बस सेवा भी शुरू होगी।
एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं
यूपीएसआरटीसी की रिपोर्ट के अनुसार, साहिबाबाद में बनने वाला यह नया ISBT पूरी तरह पीपीपी मोड पर बनाया जा रहा है। लगभग 161 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाला यह बस टर्मिनल यात्रियों को वही सुविधाएं देगा, जो आज बड़े हवाई अड्डों पर मिलती हैं, जैसे- बड़े वेटिंग हॉल, एसी लाउंज, डिजिटल टिकटिंग, साफ-सुथरा फूड कोर्ट, एस्केलेटर, लिफ्ट, आधुनिक शौचालय और हाइटेक सिक्योरिटी सिस्टम। कहा जा रहा है कि यहां आने वाला हर यात्री खुद को किसी बस अड्डे पर नहीं, बल्कि एक मिनी एयरपोर्ट पर महसूस करेगा।
नेपाल सहित कई राज्यों के लिए बसें
अभी तक उत्तर प्रदेश से दूसरे राज्यों के लिए चलने वाली ज्यादातर अंतरराज्यीय बसें दिल्ली के कश्मीरी गेट, आनंद विहार या सराय कालेखां ISBT से संचालित होती हैं। लेकिन साहिबाबाद ISBT बन जाने के बाद ये सभी सेवाएं गाजियाबाद से ही मिलेंगी। यहां से उत्तराखंड, बिहार, राजस्थान और नेपाल सहित पूरे उत्तर प्रदेश के लिए मिलेंगी।
निर्माण कार्य जल्द शुरू
यूपीएसआरटीसी और मैसर्स आनंद हैबिटेट के बीच हुई साझेदारी के बाद निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। कंपनी ने साहिबाबाद डिपो की वर्कशॉप में अपना कार्यालय बना लिया है और किसी भी समय काम शुरू हो सकता है। उम्मीद है कि यह बस टर्मिनल अगले दो वर्षों में पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।
ट्रांसपोर्ट हब
गाजियाबाद में इससे पहले भी दो प्रमुख बस अड्डे गाजियाबाद बस अड्डा और कौशांबी बस अड्डा पीपीपी मोड में बनाए जा रहे हैं। हालांकि कौशांबी प्रोजेक्ट जगह की दिक्कतों के चलते अटका है, लेकिन साहिबाबाद ISBT बनने से जिले की परिवहन व्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।



































