अग्निवेश अग्रवाल वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे थे, जिनकी स्कीइंग करते हुए एक हादसे में अमेरिका में 7 जनवरी को मृत्यु हो गई। महज 49 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले अग्निवेश अग्रवाल का जन्म 3 जून, 1976 को पटना में हुआ था। उनके पिता अनिल अग्रवाल के मुताबिक, अग्निवेश अग्रवाल ने मेयो कॉलेज, अजमेर में पढ़ाई की, फिर फुजैराह गोल्ड नाम की बेहतरीन कंपनियों में से एक की स्थापना की, हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन बने, और अपने साथियों और दोस्तों का सम्मान हासिल किया। अग्निवेश कई खूबियों वाले इंसान थे जिनमें एक खिलाड़ी, एक म्यूज़िशियन और एक लीडर की क्वालिटी थी। अग्निवेश ने नवंबर 2005 से फरवरी 2019 तक हिंदुस्तान जिंक में चेयरमैन का पद संभाला था, जिसे वेदांता ने 2002 में सरकार से खरीदा था।
इस कंपनी के थे मौजूदा चेयरमैन
अग्निवेश अग्रवाल ने Fujairah Gold FZC नाम की कंपनी की स्थापना की थी, जो यूएई में फुजैराह फ्री जोन II में रणनीतिक रूप से स्थित एक कीमती मेटल रिफाइनरी और एक कंटीन्यूअस कास्ट कॉपर रॉड प्लांट चलाती है। फिलहाल वह Talwandi Sabo Power Ltd के चेयरमैन के तौर पर अपनी भूमिका निभा रहे थे। अग्निवेश अग्रवाल ने 27 अप्रैल 2019 को तलवंडी साबो पावर लिमिटेड में कंपनी के निदेशक एवं चेयरपर्सन के रूप में कार्यभार संभाला था।
उन्हें कॉरपोरेट सेक्टर में एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव था। उन्हें बिज़नेस ऑपरेशंस की गहरी समझ के साथ-साथ प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का भी समृद्ध अनुभव प्राप्त था। अग्रवाल ने यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई से बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की है। ऐसा देखा जाता रहा कि अग्निवेश आम तौर पर सुर्खियों से दूर रहते थे और सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर उनकी मौजूदगी बेहद सीमित रही। हालांकि, वेदांता समूह के भीतर उन्हें एक अनुभवी और दूरदर्शी बोर्ड सदस्य के रूप में जाना जाता था, जिनकी रणनीतिक सोच और निर्णय क्षमता को खास सम्मान प्राप्त था।






































