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FPI ने सितंबर में ₹23,885 करोड़ के शेयर बेचकर निकाले पैसे, इस साल अब तक ₹1.58 लाख करोड़ की बिकवाली

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Oct 05, 2025 11:15 am IST,  Updated : Oct 05, 2025 11:15 am IST

कुछ एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि मौजूदा बिकवाली के बावजूद स्थितियां धीरे-धीरे भारत के पक्ष में हो सकती हैं।

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धीरे-धीरे भारत के पक्ष में हो सकती हैं परिस्थितियां Image Source : PIXABAY

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) सितंबर में भी शुद्ध विक्रेता बने रहे। विदेश पोर्टफोलियो निवेशकों ने सितंबर 2025 में भारतीय शेयर बाजार से 23,885 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर पैसे निकाले। इसी के साथ, विदेशी निवेशक इस साल अब तक कुल 1.58 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में 34,990 करोड़ रुपये और जुलाई में 17,700 करोड़ रुपये की भारी बिकवाली के बाद ये निकासी का लगातार तीसरा महीना है। 

भारतीय बाजार से पैसे निकालने के पीछे हैं कई बड़ी वजहें

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रमुख, प्रबंधक अनुसंधान हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि हालिया बिकवाली कई कारकों से प्रेरित थी, जैसे अमेरिका का भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाना और H-1B वीजा पर एकमुश्त एक लाख अमेरिकी डॉलर की फीस लगाना। इसके अलावा, रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिरने से मुद्रा जोखिम भी बढ़ा है, जबकि भारतीय इक्विटी के अपेक्षाकृत हाई वैल्यूएशन की वजह से एफपीआई ने दूसरे एशियाई बाजारों की ओर रुख किया। 

धीरे-धीरे भारत के पक्ष में हो सकती हैं परिस्थितियां

कुछ एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि मौजूदा बिकवाली के बावजूद स्थितियां धीरे-धीरे भारत के पक्ष में हो सकती हैं। एंजेल वन के सीनियर फंडामेंटल एनालिस्ट वकार जावेद खान ने कहा कि वैल्यूएशन अब ज्यादा उचित हो गए हैं और जीएसटी रेट में कटौती तथा वृद्धि समर्थक मौद्रिक नीति जैसे कारक विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी को एक बार फिर जगा सकते हैं।

वैश्विक बाजारों की तुलना में भारतीय बाजार का प्रदर्शन निराशाजनक

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वी.के. विजयकुमार ने कहा कि पिछले एक साल में भारतीय इक्विटी ने अधिकांश वैश्विक बाजारों की तुलना में खराब प्रदर्शन किया है और एक साल का रिटर्न नेगेटिव रहा है। इसी बीच, सितंबर के दौरान डेट मार्केट में शुद्ध निवेश देखा गया है। एफपीआई ने सितंबर में सामान्य सीमा के तहत लगभग 1,085 करोड़ रुपये और स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग के माध्यम से डेट मार्केट में 1,213 करोड़ रुपये का निवेश किया।

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