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IndiGo को लगी भारी चपत, चंद रोज के इस संकट से $4.5 अरब घट गई वैल्यू, शेयर में भारी गिरावट

 Published : Dec 09, 2025 01:20 pm IST,  Updated : Dec 09, 2025 01:21 pm IST

IndiGo के पास भारत के घरेलू बाज़ार की लगभग 66% हिस्सेदारी है। मूडीज रेटिंग्स ने इस व्यवधान को 'क्रेडिट नेगेटिव' करार दिया है। पायलटों की कमी के कारण पिछले सप्ताह करीब 3,000 इंडिगो की उड़ानें रद्द हुईं।

रनवे पर खड़ा इंडिगो का एक विमान। - India TV Hindi
रनवे पर खड़ा इंडिगो का एक विमान। Image Source : PTI

भारी परिचालन संकट और पिछले सप्ताह बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द होने के बाद इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड, जो IndiGo एयरलाइन का संचालन करती है, के शेयरों में सोमवार को जोरदार गिरावट दर्ज की गई। सरकार द्वारा दंडात्मक कार्रवाई के संकेत दिए जाने के बाद कंपनी के शेयरों में 8.7% तक की गिरावट आई, जो फरवरी 2022 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। लगातार सात दिनों की बिकवाली के कारण इंडिगो की मार्केट वैल्यू में लगभग 4.5 अरब डॉलर की कमी आ चुकी है।

मनी कंट्रोल की खबर के मुताबिक, मूडीज रेटिंग्स ने इस व्यवधान को 'क्रेडिट नेगेटिव' करार दिया है। कैंसिलेशन, रिफंड और संभावित दण्डों के कारण इंडिगो को भारी वित्तीय नुकसान होने की आशंका है। इस घटना से कोड-शेयरिंग समझौतों में एयरलाइन की प्रतिष्ठा को भी क्षति पहुंचेगी।

इंडिगो का शेयर प्राइस आज

IndiGo एयरलाइन का संचालन करने वाली कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड का शेयर मंगलवार को बीएसई सेंसेक्स पर दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर एक समय में बीते सत्र के मुकाबले 0.74% की गिरावट के साथ 4890.25 रुपये के लेवल पर कारोबार कर रहा था। एनएसई पर 0.81% कमजोरी के साथ 4883.50 रुपये के आस-पास कारोबार कर रहा था।

संकट का मूल कारण: नए 'रस्ट नियम'

IndiGo के पास भारत के घरेलू बाज़ार की लगभग 66% हिस्सेदारी है। यह संकट मुख्य रूप से नए पायलट ड्यूटी गाइडलाइंस (जिन्हें 'रस्ट नियम' भी कहा जाता है) को ठीक से संभालने में विफलता के कारण हुआ। 1 नवंबर से लागू हुए नए नियमों के तहत, एयरलाइनें साप्ताहिक आराम की जगह छुट्टी नहीं दे सकतीं, जिससे पायलटों की उपलब्धता प्रभावित हुई। पायलटों की कमी के कारण पिछले सप्ताह करीब 3,000 IndiGo उड़ानें रद्द हुईं, अकेले शुक्रवार को 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द की गईं। विमानन मंत्री नायडू ने इस बात पर जोर दिया कि IndiGo को क्रू और रोस्टर मैनेजमेंट संभालने के लिए पर्याप्त समय मिला था क्योंकि नए दिशानिर्देश 1 नवंबर से लागू थे।

एयरलाइन ने रविवार को कहा था

IndiGo ने बीते रविवार को कहा था कि ऑपरेशंस बुधवार तक सामान्य होने की उम्मीद है। उड़ानों की संख्या बढ़ाई गई है और समय पर संचालन (ओटीपी) 75% तक सुधर गया है। एयरलाइन ने तकनीकी दिक्कतों, सर्दियों की समय-सारणी, प्रतिकूल मौसम और एयर ट्रैफिक कंजेशन को भी स्थिति बिगड़ने का कारण बताया। जेफरीज के विश्लेषकों ने कहा कि इंडिगो का "लीन और हाई-यूटिलाइज़ेशन मॉडल" नए पायलट नियमों से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।

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