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निवेशकों की बेरुखी IPO पर पड़ी भारी, कंपनियों को 50 फीसदी कम मिली फंडिंग

 Edited By: Alok Kumar
 Published : Mar 30, 2023 06:31 pm IST,  Updated : Mar 30, 2023 06:31 pm IST

चालू वित्त वर्ष में जुटाई गई कुल राशि में 39 प्रतिशत यानी 20,557 करोड़ रुपये अकेले एलआईसी (भारतीय जीवन बीमा निगम) ने जुटाये। अगर इसको हटा दिया जाए तो इस साल आईपीओ के जरिये केवल 31,559 करोड़ रुपये जुट पाते।

IPO- India TV Hindi
आईपीओ Image Source : FILE

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने का खामियाजा आईपीओ मार्केट पर तगड़ा हुआ है। निवेशकों की बेरुखी से कंपनियों को आईपीओ के जरिये मिलने वाली फंडिंग में भारी कमी आई। आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये जुटाई गई राशि चालू वित्त वर्ष में 2021-22 के मुकाबले आधे से अधिक घटकर 52,116 करोड़ रुपये रही। वहीं पिछले वित्त वर्ष में आईपीओ से 1,11,547 करोड़ रुपये जुटाये गये थे, जो अबतक का सर्वाधिक आंकड़ा है। प्राइम डाटाबेस के अनुसार केवल 37 कंपनियां 2022-23 में शेयर बाजारों में सूचीबद्ध हुईं। यह 2021-22 में आये 53 आईपीओ से कहीं कम है।

एलआईसी के आईपीओ ने इज्जत बचाया

प्राइम डाटाबेस के प्रबंध निदेशक प्रवीण हल्दिया ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में जुटाई गई कुल राशि में 39 प्रतिशत यानी 20,557 करोड़ रुपये अकेले एलआईसी (भारतीय जीवन बीमा निगम) ने जुटाये। अगर इसको हटा दिया जाए तो इस साल आईपीओ के जरिये केवल 31,559 करोड़ रुपये जुट पाते। इन सबके बावजूद वित्त वर्ष 2022-23 में आईपीओ के जरिये जुटाई गई राशि, तीसरी सबसे अधिक रकम है। कुल मिलाकर सार्वजनिक इक्विटी के जरिये जुटाया गया कोष भी 56 प्रतिशत घटकर 76,076 करोड़ रुपये रहा जो 2021-22 में 1,73,728 करोड़ रुपये था। जहां आईपीओ (लघु एवं मझोले उद्यमों के निर्गम समेत) के जरिये 54,344 करोड़ रुपये जुटाये गये, वहीं पूंजी बाजार के जरिये जुटाई गई राशि 85,021 करोड़ रुपये रही। इसमें से 11,231 करोड़ रुपये बिक्री पेशकश के जरिये, 9,335 करोड़ रुपये पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी)/इनविट (बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट)/रीट (रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट) के जरिये 1,166 करोड़ रुपये जुटाये गये। यानी इक्विटी कोष के रूप में 76,076 करोड़ रुपये जुटाये गये। कुल 8,944 करोड़ रुपये सार्वजनिक बॉन्ड के जरिये जुटाये गये।

चौथी तिमाही में पिछले नौ साल में सबसे कम आईपीओ

कुल मिलाकर आईपीओ और बॉन्ड के जरिये 85,021 करोड़ रुपये जुटाये गये। प्राइम डाटाबेस के अनुसार, कुल 37 निर्गम में से 25 निर्गम केवल तीन महीने (मई, नवंबर और दिसंबर) में आए। वहीं चौथी तिमाही में पिछले नौ साल में सबसे कम निर्गम आये।

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