केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) इस साल मध्य अप्रैल से लागू होने की संभावना है। भारत और ब्रिटेन ने पिछले साल 24 जुलाई को व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत भारत के 99 प्रतिशत निर्यात पर ब्रिटिश बाजार में कोई टैरिफ नहीं लगेगा, जबकि ब्रिटेन के कुछ उत्पादों जैसे कार और व्हिस्की पर भारत में लागू टैरिफ कम कर दिए जाएंगे। इस समझौते को लागू करने से पहले ब्रिटेन की संसद की मंजूरी लेनी जरूरी है। वहीं, भारत में केंद्रीय मंत्रिमंडल ऐसे समझौतों को मंजूरी देता है।
ब्रिटिश संसद से मंजूरी मिलने के बाद लागू होगा FTA
ब्रिटिश संसद से मंजूरी मिलने के बाद इसे आपसी सहमति वाली तारीख पर लागू किया जाएगा। पीयूष गोयल ने कहा कि ये एफटीए ब्रिटेन की संसद में सबसे तेजी से मंजूरी पाने वाला समझौता होगा। उन्होंने एसोचैम द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि सामान्य तौर पर ऐसे समझौते को लागू होने में डेढ़ साल का समय लगता है। लेकिन इस समझौते पर जुलाई 2025 में हस्ताक्षर हुए थे और इसे अगले एक महीने में लागू किया जाएगा।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत बंद होने वाले दावे खंडन
वहीं दूसरी ओर, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत बंद होने वाले दावे को पीयूष गोयल ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इन दावों का कोई आधार नहीं है। गोयल ने कहा, ''हमारा अमेरिका के साथ बहुत अच्छा व्यापार समझौता है। हम अपने सभी संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करने में सफल रहे हैं।'' वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए बातचीत का सिलसिला जारी है।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद स्थगित कर दी गई थी मीटिंग
बताते चलें कि दोनों देशों के मुख्य वार्ताकारों को द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए पिछले महीने वाशिंगटन में मिलना था। लेकिन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा अमेरिकी प्रशासन के जवाबी शुल्कों को रद्द करने के बाद इस मुलाकात को स्थगित कर दिया था। मंत्रालय ने व्यापार समझौते पर द्विपक्षीय बातचीत रुक जाने का दावा करने वाली खबरों को खारिज करते हुए ये बात कही।



































