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प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री में Stamp Duty खर्च को ऐसे करें कम, ये 4 लीगल रास्ते अपनाएं

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Apr 15, 2025 07:25 am IST,  Updated : Apr 15, 2025 07:25 am IST

स्टाम्प ड्यूटी खर्च को कम करने और बड़ी बचत करने के लिए आप कुछ समझदारी भरे कदम उठा सकते हैं। हम कुछ टिप्स दे रहे हैं, जिसकी मदद से आप बड़ी बचत कर सकते हैं।

Stamp Duty - India TV Hindi
स्टाम्प ड्यूटी Image Source : INDIA TV

जमीन, मकान, दुकान, फ्लैट आदि की खरीदारी में स्टाम्प ड्यूटी का बड़ा बोझ होता है। लाखों रुपये स्टाम्प ड्यूटी के तौर पर खरीदार को चुकाना होता है। आपको बता दें कि स्टाम्प ड्यूटी, प्रॉपर्टी की खरीद, बिक्री, या ट्रांसफर पर लागू होता है। इस टैक्स को राज्य सरकार द्वारा वसूल किया जाता है। स्टाम्प ड्यूटी प्रॉपर्टी की मार्केट वैल्यू या लेनदेन मूल्य (जो भी अधिक हो) पर वसूल किया जाता है। अब सवाल यह है कि क्या कानूनी तरीके से स्टाम्प ड्यूटी के बोझ को कम किया जा सकता है। जवाब है बिल्कुल! हम आपको कई तरीके बता रहे हैं, जिसके जरिये आप प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री में स्टाम्प ड्यूटी खर्च को कम कर सकते हैं। उन तरीकों को आइए जानते हैं। 

पत्नी को ज्वाइंट ओनरशिप दें 

अगर आप प्रॉपर्टी की खरीद में स्टाम्प ड्यूटी बचाना चाहते हैं तो अपनी पत्नी को ज्वाइंट ओनरशिप बनाएं। पत्नी के अलावा आप मां या किसी और महिला को भी ज्वाइंट ओनरशिप बनाकर टैक्स बचत कर सकते हैं। कई भारतीय राज्य महिला खरीदारों के लिए कम स्टाम्प शुल्क वसूलते हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली में, महिलाएं पुरुषों के लिए छह प्रतिशत की तुलना में केवल चार प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी भुगतान करती हैं। महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों में भी इसी तरह की रियायतें मौजूद हैं।

प्रॉपर्टी की कीमत सही तरीके से कराएं

कभी-कभी प्रॉपर्टी की कीमत मार्केट वैल्यू से कम होती है, लेकिन डील अधिक राशि पर होती है। सरकारी गाइडलाइन वैल्यू और बाजार मूल्य की तुलना कर सही मूल्यांकन कराएं। ऐसा कर आप स्टाम्प ड्यूटी में बचत कर पाएंगे। हालांकि, इसके लिए आपको प्रमाण देना होगा। खरीदार को यह प्रमाण प्रस्तुत करना होगा कि संपत्ति का बाजार मूल्य सर्किल रेट से कम है। इसके बाद अगर कलेक्टर को बाजार मूल्य सर्किल रेट से कम लगता है, तो स्टाम्प ड्यूटी कम हो जाएगी।

टैक्स छूट का दावा करें

भारत में, आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत, व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) आवासीय संपत्ति की खरीद से संबंधित खर्चों के लिए 1.5 लाख रुपये तक की कटौती का दावा कर सकते हैं, जिसमें स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क शामिल हैं। यह कटौती केवल उस वित्तीय वर्ष में लागू होती है जब वास्तविक भुगतान किया जाता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह लाभ केवल नई आवासीय संपत्तियों के लिए उपलब्ध है, न कि पुरानी या कमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए। 

अफोर्डेबल प्रॉपर्टी खरीदें 

अफोर्डेबल प्रॉपर्टी खरीद कर आप स्टाम्प ड्यूटी में बड़ी बचत कर सकते हैं। कई राज्य सरकारें सस्ते घरों पर छूट देती है। उदाहरण के लिए, दिल्ली किफायती आवास योजनाओं के तहत 45 लाख रुपये तक के मूल्य वाले फ्लैट खरीदने वाले पहली बार घर खरीदने वालों को पूरी स्टाम्प ड्यूटी माफ करती है। इसी तरह, महाराष्ट्र मुंबई महानगर क्षेत्र में 35 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले घरों और अन्य राज्य स्थानों में 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले घरों के लिए स्टाम्प ड्यूटी पर पूरी छूट प्रदान करता है। 

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