घर खरीदना सिर्फ एक इन्वेस्टमेंट नहीं, बल्कि जिंदगी का बड़ा फैसला होता है। यही वजह है कि जब प्रॉपर्टी लेने की बात आती है तो लोगों के मन में दुविधा पैदा होती है कि क्या अपने होमटाउन में घर लिया जाए या फिर दिल्ली, बेंगलुरु, गुड़गांव या हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में पैसा लगाया जाए?
बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन की इस प्रॉपर्टी को ऋषि मंडावत और स्मिता मेहता ने खरीदा है। इस प्रॉपर्टी में तीन कार पार्किंग भी शामिल है।
जानकार का कहना है कि टियर-2 शहर अब भारतीय रियल एस्टेट बाजार में तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कुल मिलाकर, रिपोर्ट से पता चलता है कि टियर-2 बाजार में 'प्रीमियमाइजेशन' का ट्रेंड मजबूत हो रहा है, जहां मात्रा कम लेकिन मूल्य स्थिर या बढ़ रहा है।
2025 का वर्ष भारतीय प्रॉपर्टी मार्केट के लिए मिले-जुले नतीजे लेकर आया, जहां मांग में गिरावट के बावजूद संपत्ति के मूल्य में स्थिर वृद्धि हुई। यह दर्शाता है कि बाजार के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग प्रभाव पड़े हैं और आने वाले साल में आर्थिक नीति और वैश्विक परिस्थितियां इस क्षेत्र को प्रभावित कर सकती हैं।
प्रॉपइक्विटी का कहना है कि पारंपरिक रूप से अक्टूबर-दिसंबर का समय त्योहारों के चलते बिक्री और नए लॉन्च के लिए मजबूत माना जाता है। हालांकि, हालिया गिरावट इस बात को दर्शाती है कि बाजार में ‘प्रीमियमाइजेशन’ की तरफ रुझान बढ़ा है।
नोएडा जैसे शहरों में, जहां ज्यादातर प्रॉपर्टी लीजहोल्ड मॉडल पर मिलती है, कई बार अलॉटमेंट के सालों बाद अथॉरिटी की ओर से नए चार्ज या लीज रेंट बढ़ाने की मांग सामने आ जाती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि क्या अथॉरिटी ऐसा कर सकती है और खरीदार के अधिकार क्या हैं?
मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक, अबतक ट्रांसफर फीस से छूट माता-पिता, भाई-बहन, पत्नी के लिए जरिये संपत्ति लेने पर दी जाती रही है। इस नए फैसले से काफी लोगों को फायदा मिलेगा।
उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। अब राज्य में जमीन या संपत्ति की रजिस्ट्री केवल कागजों के आधार पर नहीं, बल्कि टाइटल-बेस्ड सिस्टम के तहत होगी।
यह फैसला न केवल मकान मालिकों के अधिकारों को मजबूती देता है, बल्कि भविष्य में ऐसे सभी मामलों के लिए एक कानूनी मिसाल भी स्थापित करता है, जहां किरायेदार मालिकाना हक को चुनौती देते हैं।
ग्रेटर नोएडा में रहने का सपना देखने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। जल्द ही यहां के इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल स्मार्ट टाउनशिप में घर खरीदने का शानदार मौका मिलने जा रहा है। औद्योगिक गतिविधियों के तेजी से बढ़ने के बीच अब ग्रुप हाउसिंग के लिए चार नए भूखंडों की योजना तैयार की जा रही है।
यह लेटेस्ट रिपोर्ट बताती है कि भारत के प्रमुख शहरों में आवासीय बाजार लगातार मज़बूत हो रहा है। प्रॉपर्टी की कीमतों में यह स्थिर वृद्धि बताती है कि खरीदारों का भरोसा और निवेशकों की दिलचस्पी अभी भी रियल एस्टेट सेक्टर में बरकरार है।
इस नए सिस्टम के लागू होने से रजिस्ट्री की पुरानी और थका देने वाली प्रक्रिया काफी सरल हो जाएगी। यह नई व्यवस्था प्रॉपर्टी रजिस्ट्री को एक सहज और परेशानी मुक्त अनुभव बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
देश की राजधानी दिल्ली में घर खरीदना हर किसी का सपना होता है, लेकिन कुछ इलाके ऐसे हैं जहां कीमतें इतनी ऊंची हैं कि आम आदमी के लिए घर खरीदना लगभग नामुमकिन है। आइए जानते हैं कि दिल्ली के 5 सबसे महंगे रिहायशी इलाकों के बारे में।
दिल्ली-NCR के रियल एस्टेट बाजार में इस समय जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है। एनारॉक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई-सितंबर तिमाही में दिल्ली-एनसीआर के प्राइमरी हाउसिंग मार्केट में घरों की औसत कीमतों में सालाना 24% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
दिल्ली-एनसीआर का ऑफिस रियल एस्टेट मार्केट इस समय तेजी की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जुलाई से सितंबर 2025 की तिमाही में कॉर्पोरेट्स की बढ़ती मांग के चलते नेट लीजिंग 2.5 गुना बढ़कर 37.9 लाख वर्ग फीट पहुंच गई।
रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी की कीमतों में तेज वृद्धि ने डिमांड को प्रभावित किया जिससे घरों की बिक्री पर असर हो गया। हालांकि, रियल एस्टेट डेवलपर्स की संस्था CREDAI-MCHI ने इसे चिंता का विषय नहीं माना है।
नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की घोषणा और निर्माण के चलते रियल एस्टेट मार्केट में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। बीते 5 साल में प्लॉट की कीमतें 6 गुना और फ्लैट की कीमतें 2.5 गुना बढ़ीं।
अपार्टमेंट वाला यह एरिया पश्चिमी एक्सप्रेस हाईवे और आगामी मेट्रो लाइनों के माध्यम से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है, और बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी), लोअर परेल और छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के नजदीक है।
कभी दिल्ली और मुंबई की तुलना में सस्ता माना जाने वाला बेंगलुरु अब तेजी से भारत के सबसे महंगे किराए वाले शहरों में शामिल होता जा रहा है। व्हाइटफील्ड, पनथुर और सारजापुर जैसे तकनीकी हॉटस्पॉट्स में क्वालिटी हाउसिंग की मांग बढ़ गई है।
महाराष्ट्र के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन (आईजीआर) की आधिकारिक वेबसाइट रजिस्ट्रेशन दस्तावेज उपलब्ध हैं। प्रॉपर्टी की डील बीते महीने ही हुई है।
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