भारतीय सेना के एक अग्निवीर जशनप्रीत सिंह की ट्रेनिंग के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। जशनप्रीत सिंह पंजाब के बरनाला के गांव बख्तगढ़ के रहने वाले थे, जिनकी उम्र 22 वर्ष थी। अग्निवीर जशनप्रीत सिंह का उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़ स्थित आर्मी सेंटर में ट्रेनिंग चल रही थी। इसी दौरान हार्ट अटैक पड़ने से निधन हो गया।
जानकारी के मुताबिक, बूटा सिंह के पुत्र जशनप्रीत सिंह देश की रक्षा करने के सपने के साथ भारतीय सेना में बतौर अग्निवीर भर्ती हुए थे। उनकी ट्रेनिंग उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़ में चल रही थी और वह अपनी इस कठिन ट्रेनिंग को लगभग पूरा करने वाले थे। जल्द ही वे देश सेवा में नियमित रूप से अपनी सेवाएं शुरू करने वाले थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
अचानक पड़ा दिल का दौरा
बताया जा रहा है कि ट्रेनिंग के दौरान अचानक जशनप्रीत सिंह की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें दिल का दौरा पड़ा। सैन्य अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए तमाम हर संभव प्रयास किए, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

शोक में डूबा परिवार और इलाका
महज 22 वर्ष की आयु में इस जवान की असमय मृत्यु से हंसते-खेलते परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
कौन होते हैं अग्निवीर?
बता दें कि अग्निवीर भारत सरकार की 'अग्निपथ योजना' के तहत भारतीय सेना (थल सेना, नौसेना और वायुसेना) में भर्ती होने वाले जवानों को कहा जाता है। केंद्र सरकार ने जून 2022 में इस योजना की शुरुआत की थी। अग्निवीरों की कुल नौकरी 4 साल की होती है, जिसमें शुरुआती 6 महीने की ट्रेनिंग भी शामिल है। 4 साल की सेवा पूरी होने के बाद सभी अग्निवीरों के कार्यकाल की समीक्षा की जाती है। उनके प्रदर्शन, अनुशासन और सेना की जरूरतों के आधार पर 25% अग्निवीरों को सेना में स्थाई कर दिया जाता है, जो आगे 15 साल तक देश की सेवा करते हैं। बाकी बचे 75% अग्निवीरों को ससम्मान सेवामुक्त कर दिया जाता है, जिन्हें पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों और विभिन्न राज्य सरकारों की नौकरियों में प्राथमिकता मिलती है।
(रिपोर्ट- परवीन ऋषि)
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