भोपाल: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संकेत किए हैं कि मध्य प्रदेश में जुलाई में UCC लागू हो सकता है। 20 से 24 जुलाई के 5 दिन के मानसून सत्र के दौरान सरकार UCC बिल पास करा सकती है। मोहन यादव ने कहा विधानसभा सत्र के दौरान सौभाग्य से कॉमन सिविल कोड की तरफ बढ़ रहे हैं, महाकाल चाहेंगे तो इसी सत्र में पारित होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश नाथ काटजू की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सीएम मोहन यादव ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार मानसून सत्र में कई जरूरी और महत्वपूर्ण विषय लेकर आ रही है, जिसमें यूसीसी भी शामिल है।
20 जुलाई से शुरू होगा मानसून सत्र
मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र इस बार 20 जुलाई से 24 जुलाई तक चलेगा। यह सत्र 5 दिनों का होगा, जिसमें यूसीसी विधेयक के अलावा साल 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा।
समिति ने तैयार की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने बताया कि यूसीसी की तैयारी के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में 6 सदस्यों की कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी ने अलग-अलग जिलों का दौरा कर सभी धर्मों के लोगों से राय ली है। सरकार ने इसके लिए एक विशेष वेबसाइट भी शुरू की है, जहां आम लोग अपने सुझाव दे सकते हैं। कमेटी की रिपोर्ट का संकलन पूरा होते ही सरकार इसे जल्द से जल्द कानून का रूप देना चाहती है।
कांग्रेस ने जताया विरोध
दूसरी तरफ, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस कदम का विरोध किया है। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री मुकेश नायक का आरोप है कि सरकार समानता के नाम पर समाज को बांटने का काम कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि यूसीसी आने से आदिवासी समाज की पहचान, उनकी परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों को बड़ा खतरा हो सकता है।
बता दें कि उत्तराखंड में UCC जनवरी 2025 में लागू किया गया। इसके तहत शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन जरूरी किया गया, बहुविवाह पर रोक लगाई गई और लिव-इन रिलेशनशिप को भी कानूनी दायरे में लाया गया है।
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