पंजाब के लुधियाना में शुक्रवार को नायक सिकंदर सिंह का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। वह जगराओं के पास गगड़ा गांव के रहने वाले थे। वह भारतीय सेना की 5 सिख लाइट इन्फैंट्री में तैनात थे। 33 वर्ष की उम्र में हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया था। दिल्ली में ड्यूटी के दौरान यह घटना हुई थी। शुक्रवार सुबह उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, जहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उन्हें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।
पार्थिव शरीर पहुंचते ही पत्नी, बेटियां और परिजन बिलख पड़े, जबकि गांव समेत बड़ी संख्या में लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। करीब 16 साल पहले एक साधारण मजदूर परिवार से सेना में भर्ती हुए सिकंदर सिंह तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और कम उम्र से ही परिवार की जिम्मेदारियां संभालते रहे। उनका विवाह करीब 5 साल पहले हुआ था। वह अपने पीछे पत्नी रमनजीत कौर और ढाई साल व आठ महीने की दो बेटियों को छोड़ गए हैं।
शादी के बाद पूरी कराई पत्नी की पढ़ाई
पत्नी रमनजीत कौर ने बताया कि चार दिन पहले उनकी पति से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। उस दौरान उन्होंने कहा था कि सीने में बहुत दर्द हो रहा है और वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहे हैं। इसके बाद वह अपनी बेटियों से भी बात नहीं कर सके। पत्नी ने बताया कि सिकंदर सिंह ने शादी के बाद उन्हें एमए और बीएड तक पढ़ाया और हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सरकार से बेटियों के भविष्य की सुरक्षा और सहयोग की अपील भी की।
16 साल पहले सेना से जुड़े
नायक सिकंदर सिंह लगभग 16 साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। एक साधारण मजदूर परिवार से आने के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और अनुशासन से अच्छी पहचान बनाई थी। शुक्रवार सुबह उनका शव उनके पैतृक गांव पहुंचा। इसके बाद सुबह 10 बजे के करीब उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन से पूरा इलाका शोक में डूबा हुआ है। कैप्टन पूर्ण सिंह और हवलदार अमरपाल सिंह ने भी श्रद्धांजलि दी।
परिवार की हर संभव मदद करेंगे साथी
5 सिख रेजिमेंट के सूबेदार गुरमीत सिंह ने बताया कि लांस नायक सिकंदर सिंह उनकी यूनिट के सदस्य थे। वे अपनी यूनिट से बाहर किसी अन्य स्थान पर ड्यूटी कर रहे थे। उन्हें बीमारी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने घर पर बात की थी या नहीं, यह भी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने अपनी तैनाती वाली जगह पर भी किसी को अपनी बीमारी के बारे में कुछ नहीं बताया था। ऐसा कहा जा रहा है कि उनकी मृत्यु हार्ट अटैक (दिल का दौरा) से हुई है, लेकिन असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा। गुसरमीत सिंह ने कहा कि नायक सिकंदर सिंह के परिवार को यूनिट की तरफ से जो भी सहायता चाहिए होगी, वह हर समय उपलब्ध रहेगी। अन्य शहीद परिवारों की तरह उनकी भी हर समस्या सुनी जाएगी और उन्हें राहत दी जाएगी।
(लुधियाना से तुषार भारती की रिपोर्ट)
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