राजस्थान के झुंझुनू जिले में रविवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.1 मापी गई। एनसीएस के मुताबिक, भूकंप रविवार सुबह 9:30 बजे आया और इसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। भूकंप की वजह से किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। इससे पहले 3 मई को मध्य प्रदेश के बैतूल में 5 किलोमीटर की गहराई पर 2.8 तीव्रता का एक और भूकंप आया था।
उत्तरी गुजरात में 3.4 तीव्रता का भूकंप
वहीं, उत्तरी गुजरात में शुक्रवार देर रात 3.4 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप शुक्रवार देर रात 3:35 बजे पर दर्ज किया गया। इसका केंद्र बनासकांठा जिले में वाव के पास स्थित था। गांधीनगर स्थित संस्थान ने बताया कि भूकंप वाव से लगभग 27 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व (ईएनई) में 4.9 किलोमीटर की गहराई में आया। गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (GSDMA) के अनुसार, गुजरात भूकंप के लिहाज से अत्यधिक जोखिम वाला क्षेत्र माना जाता है। राज्य ने पिछले 200 वर्षों में नौ बड़े भूकंपों का सामना किया है।
जीएसडीएमए के आंकड़ों के अनुसार, 26 जनवरी 2001 को कच्छ में आया भूकंप पिछली दो शताब्दियों में भारत में आया तीसरा सबसे बड़ा और दूसरा सबसे विनाशकारी भूकंप था। उस विनाशकारी भूकंप के कारण जिले के कई कस्बे और गांव लगभग पूरी तरह नष्ट हो गए थे। उस त्रासदी में लगभग 13,800 लोग मारे गए थे और 1.67 लाख अन्य घायल हुए थे।
क्यों आते हैं भूकंप?
भूकंप आने के मुख्य कारण भूगर्भीय प्लेटों की गतिशीलता और आपसी टकराव होते हैं। धरती की बाहरी सतह सात बड़ी और कई छोटी टेक्टोनिक प्लेटों से बनी होती है। ये प्लेटें निरंतर गति में रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं, खिसकती हैं या एक-दूसरे के नीचे चली जाती हैं, तो उस ऊर्जा का निकास भूकंप के रूप में होता है। प्लेटों के किनारे या फॉल्ट लाइनों में समय के साथ तनाव इकट्ठा होता है। जब यह तनाव एक सीमा से अधिक हो जाता है, तो चट्टानें टूटती हैं और अचानक ऊर्जा मुक्त होती है, जिससे भूकंप आता है।
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