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सुबह-सुबह राजस्थान में भूकंप के झटके, घरों से बाहर निकले लोग

 Edited By: Amar Deep @amardeepmau
 Published : Mar 07, 2026 10:11 am IST,  Updated : Mar 07, 2026 10:25 am IST

राजस्थान के सीकर जिले में शनिवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार सीकर में सुबह छह बजकर 32 मिनट पर 3.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।

सीकर में भूकंप के झटके।- India TV Hindi
सीकर में भूकंप के झटके। Image Source : FIE

इस वक्त की बड़ी खबर राजस्थान से सामने आ रही है। यहां सीकर जिले में शनिवार सुबह-सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटकों की वजह से लोगों में हड़कंप मच गया। सुबह-सुबह लोग घरों से बाहर निकल गए। वहीं राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की मानें तो भूकंप का समय आज सुबह छह बजकर 32 मिनट रहा। वहीं भूकंप की तीव्रता को लेकर राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान ने कहा है कि रिक्टर स्केल पर यह 3.5 दर्ज किया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार रानोली और आस-पास के इलाकों में भी झटके महसूस किए गए। काफी देर तक लोग भूकंप की वजह से घरों से बाहर ही रहे।

क्यों आते हैं भूकंप?

हाल के दिनों में देश-दुनिया के कई इलाकों में भूकंप की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हमारी धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार अपने स्थान पर घूमते रहती हैं। हालांकि, कभी-कभी इनमें टकराव या घर्षण भी होता है। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान आम जनजीवन को उठाना पड़ता है। भूकंप से मकानें गिर जाती हैं, जिसमें दबकर हजारों लोगों की मौत हो जाती है।

भारत में क्या हैं भूकंप के जोन

भूगर्भ विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के कुल भूभाग के लगभग 59 फीसदी हिस्से को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। वैज्ञानिकों ने भारत में भूकंप क्षेत्र को जोन-2, जोन-3, जोन-4 व जोन-5 यानी  4 भागों में विभाजित किया है। जोन-5 के इलाकों को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है, जबकि जोन-2 कम संवेदनशील माना जाता है। हमारे देश की राजधानी दिल्ली भूकंप के जोन-4 में आती है। यहां 7 से अधिक तीव्रता के भी भूकंप आ सकते हैं जिससे बड़ी तबाही हो सकती है। भारत में हिमालय क्षेत्र और कुछ अन्य फॉल्ट लाइनों (जैसे कच्छ, पूर्वोत्तर भारत) के कारण भूकंप का खतरा अधिक है, क्योंकि भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है।

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता

भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल के जरिए मापा जाता है। रिक्टर स्केल पर 4 से 4.9 तीव्रता के भूकंप में घर में रखा सामान अपनी जगह से नीचे गिर सकता है। 5 से 5.9 तीव्रता के भूकंप में भारी सामान और फर्नीचर भी हिल सकता है। 6 से 6.9 में इमारत का बेस दरक सकता है। 7 से 7.9 में इमारतें गिर जाती हैं। 8 से 8.9 में सुनामी का खतरा होता है और ज्यादा तबाही मचती है। 9 या ज्यादा में सबसे भीषण तबाही होती है।

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