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Amla Navami Par Kya Kare: नहीं समझ आ रहा कि आंवला नवमी पर क्या करें? तो जरूर पढ़ें ये आर्टिकल सारी कन्फ्यूजन हो जाएगी दूर

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Oct 31, 2025 06:53 am IST,  Updated : Oct 31, 2025 06:54 am IST

Amla Navami Par Kya Kare: आज 31 अक्टूबर 2025 को आंवला नवमी का त्योहार मनाया जा रहा है। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा होती है। साथ ही इस दिन स्नान-दान का भी विशेष महत्व माना गया है। चलिए आपको बताते हैं आंवला नवमी के दिन क्या करना चाहिए।

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आंवला नवमी पर क्या करें? Image Source : CANVA

Amla Navami Par Kya Kare: आज कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि शुक्रवार का दिन है। नवमी तिथि आज सुबह 10 बजकर 4 मिनट तक रहेगी। आज अक्षय नवमी (Akshaya Navami) का व्रत किया जायेगा। दीपावली के ठीक 10 दिन बाद मनायी जाने वाली अक्षय नवमी का शास्त्रों में बहुत महत्व बताया गया है। पुराणों में इस दिन से ही द्वापर युग की शुरुआत मानी जाती है। अक्षय का अर्थ होता है- जिसका क्षरण न हो। इस दिन किए गए कार्यों का अक्षय फल प्राप्त होता है। इसे इच्छा नवमी, आंवला नवमी, कूष्मांड नवमी, आरोग्य नवमी और धातृ नवमी के नाम से भी जाना जाता है। 

आंवला नवमी पर क्या करना चाहिए (Amla Navami Par Kya Kare)

  • आंवला नवमी के दिन भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की पूजा-अर्चना करनी चाहिए।
  • साथ ही इस दिन तर्पण और स्नान-दान का भी बहुत महत्व है। संभव हो तो आज किसी तीर्थ स्थल पर जाकर स्नान करना चाहिए, लेकिन अगर आप कहीं दूर नहीं जा सकते, तो घर पर ही अपने नहाने के पानी में थोड़ा-सा गंगाजल डालकर स्नान जरूर कीजिये। इससे आपको अक्षय फलों की प्राप्ति होगी।
  • इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे भोजन पकाने और खाने का विशेष महत्व माना जाता है। अगर भोजन पकाना संभव न हो तो कम से कम आज के दिन इस पेड़ के नीचे बैठकर भोजन जरूर करें। कहते हैं इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
  • इस दिन व्रत रखने का भी विशेष महत्व माना गया है। कहते हैं इससे सुख-शांति, सद्भाव और वंश वृद्धि का फल प्राप्त होता है। 
  • शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि अक्षय नवमी के दिन श्री विष्णु द्वारा कूष्माण्ड नामक दैत्य का अत्याचार समाप्त किया गया था, जिसके बाद उस दैत्य के रोम से कूष्माण्ड की बेल निकली थी। इसलिए इसे कूष्माण्ड नवमी भी कहते हैं। कूष्माण्ड को आम भाषा में पेठा या कद्दू कहते हैं, जिसकी सब्जी बनाई जाती है। आज के दिन कुष्माण्ड, यानि पेठे का दान करना चाहिए। दान के साथ ही गन्ध, पुष्प और अक्षत आदि से कुष्माण्ड का पूजन भी करना चाहिये। इससे उत्तम फलों की प्राप्ति होती है।
  • अक्षय नवमी के दिन से मथुरा प्रदक्षिणा, यानि मथुरा की परिक्रमा भी शुरू हो जाती है।
  • इस दिन आंवले का दान भी बेहद शुभ होता है।

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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