Saraswati Avahan 2025 Date And Time: सरस्वती पूजा का पहला दिन सरस्वती आवाहन के नाम से जाना जाता है। इस दिन देवी सरस्वती को आमंत्रित किया जाता है यानी उनका आवाहन किया जाता है। रुद्रयामल में प्राप्त वर्णन के अनुसार, देवी सरस्वती का आवाहन मूल नक्षत्र में करना चाहिये। विद्या प्राप्ति के इच्छुक साधकों को नवरात्रि में सरस्वती पूजा जरूर करनी चाहिये। चलिए जानते हैं सरस्वती आवाहन का मुहूर्त क्या रहेगा।
सरस्वती आवाहन पूजा का समय (Saraswati Avahan Puja Time 2025)
| सरस्वती आवाहन | 29 सितंबर 2025, सोमवार |
| मूल नक्षत्र आवाहन मुहूर्त | 10:30 ए एम से 05:06 पी एम |
| अवधि | 06 घण्टे 36 मिनट्स |
| मूल नक्षत्र प्रारम्भ | 29 सितम्बर 2025 को 03:55 ए एम बजे |
| मूल नक्षत्र समाप्त | 30 सितम्बर 2025 को 06:17 ए एम बजे |
सरस्वती आवाहन पूजा (Saraswati Avahan Puja)
- सरस्वती आवाहन का अनुष्ठान मूल नक्षत्र मुहूर्त में किया जाता है।
- सरस्वती आवाहन के समय देवी सरस्वती के विशेष मंत्र पढ़े जाते हैं।
- पूजा के समय देवी के पैर धोए जाते हैं।
- भक्त इस दिन देवी सरस्वती की मूर्ति को चंदन और कुमकुम से सजाते हैं और इस तरह के रिवाज को ‘अलंकारम’ कहा जाता है।
- सफेद रंग सरस्वती माता का पसंदीदा रंग माना जाता है, इसलिए इस दिन सफेद चीजों का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
- पूजा समाप्त हो जाने के बाद प्रसाद सभी भक्तों के बीच वितरित किया जाता है।
- इस दिन देवी सरस्वती के भजन सुने जाते हैं।
- पूजा के समय सरस्वती माता की आरती की जाती है।
- कुछ भक्त सरस्वती आवाहन की पूर्व संध्या पर उपवास भी देखते हैं।
सरस्वती आवाहन मंत्र (Saraswati Avahan Mantra)
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥१॥
शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्।
हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्॥२॥
सरस्वती जी की आरती (Saraswati Ji Ki Aarti)
- जय सरस्वती माता,मैया जय सरस्वती माता।
- सदगुण वैभव शालिनी,त्रिभुवन विख्याता॥
- जय सरस्वती माता॥
- चन्द्रवदनि पद्मासिनि,द्युति मंगलकारी।
- सोहे शुभ हंस सवारी,अतुल तेजधारी॥
- जय सरस्वती माता॥
- बाएं कर में वीणा,दाएं कर माला।
- शीश मुकुट मणि सोहे,गल मोतियन माला॥
- जय सरस्वती माता॥
- देवी शरण जो आए,उनका उद्धार किया।
- पैठी मंथरा दासी,रावण संहार किया॥
- जय सरस्वती माता॥
- विद्या ज्ञान प्रदायिनि,ज्ञान प्रकाश भरो।
- मोह अज्ञान और तिमिर का,जग से नाश करो॥
- जय सरस्वती माता॥
- धूप दीप फल मेवा,माँ स्वीकार करो।
- ज्ञानचक्षु दे माता,जग निस्तार करो॥
- जय सरस्वती माता॥
- माँ सरस्वती की आरती,जो कोई जन गावे।
- हितकारी सुखकारीज्ञान भक्ति पावे॥
- जय सरस्वती माता॥
- जय सरस्वती माता,जय जय सरस्वती माता।
- सदगुण वैभव शालिनी,त्रिभुवन विख्याता॥
- जय सरस्वती माता॥
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