Saraswati Puja 2025 Date: सरस्वती पूजा नवरात्रि में मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार है जिसकी शुरुआत सातवें नवरात्र से होती है और समापन दशहरा पर्व के दिन होता है। इस पर्व का पहला दिन सरस्वती आवाहन के नाम से जाना जाता है। दूसरा सरस्वती पूजा, तीसरा सरस्वती बलिदान और चौथा दिन सरस्वती विसर्जन कहलाता है। इस साल इस चार दिवसीय पर्व की शुरुआत 29 सितंबर से हो रही है और इसका समापन 2 अक्टूबर को हो रहा है। चलिए आपको बताते हैं चारों दिन की पूजा के शुभ मुहूर्त।
नवरात्रि सरस्वती पूजा 2025 (Navratri Saraswati Puja 2025)
- 29 सितंबर 2025 - सरस्वती आवाहन
- 30 सितंबर 2025 - सरस्वती पूजा
- 1 अक्तूबर 2025 - सरस्वती बलिदान
- 2 अक्तूबर 2025 - सरस्वती विसर्जन
सरस्वती आवाहन 2025 (Saraswati Avahan 2025 Date)
नवरात्रि पूजा के समय की जाने वाली चार दिवसीय सरस्वती पूजा का प्रथम दिन सरस्वती आवाहन के नाम से जाना जाता है। इस दिन भक्त माता सरस्वती को पूजन हेतु निमन्त्रित करते हैं। रुद्रयामल में प्राप्त वर्णन के अनुसार, देवी सरस्वती का आवाहन मूल नक्षत्र में करना चाहिये और इस साल सरस्वती आवाहन मुहूर्त 29 सितंबर को सुबह 10:30 से शाम 05:06 बजे तक रहेगा।
सरस्वती प्रधान पूजा का समय 2025 (Saraswati Puja 2025 Muhurat)
चार दिवसीय सरस्वती पूजा के दूसरे दिन को सरस्वती प्रधान पूजा दिवस के रूप में जाना जाता है। इस दिन पूर्वाषाढा नक्षत्र में देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। 30 सितंबर 2025 को पूर्वाषाढा पूजा मुहूर्त दोपहर 03:45 से शाम 06:08 बजे तक रहेगा।
2025 सरस्वती बलिदान पूजा (Saraswati Balidan Puja 2025)
सरस्वती पूजा के तृतीय दिवस को सरस्वती बलिदान दिवस के रूप में जाना जाता है। दसरस्वती बलिदान पूजा सदैव उत्तराषाढा नक्षत्र में ही की जानी चाहिये। 1 अक्टूबर 2025 को उत्तराषाढा बलिदान मुहूर्त दोपहर 03:44 से शाम 06:07 बजे तक रहेगा।
2025 सरस्वती विसर्जन (Saraswati Visarjan 2025 Date)
सरस्वती पूजा के अन्तिम दिन को सरस्वती विसर्जन दिवस के रूप में जाना जाता है। संग्रह ग्रन्थ के अनुसार, श्रवण नक्षत्र में सरस्वती विसर्जन करना चाहिये। 2 अक्टूबर 2025 को श्रवण नक्षत्र विसर्जन मुहूर्त सुबह 09:13 से दोपहर 03:18 बजे तक रहेगा।
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