1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Karva Chauth 2025 Date: करवा चौथ व्रत कब है 9 या 10 अक्टूबर? जानिए इस पर्व की पौराणिक कथा

Karva Chauth 2025 Date: करवा चौथ व्रत कब है 9 या 10 अक्टूबर? जानिए इस पर्व की पौराणिक कथा

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Sep 24, 2025 12:42 pm IST,  Updated : Sep 24, 2025 12:42 pm IST

Karva Chauth 2025 Date, Vrat Katha: करवा चौथ का त्योहार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रहती हैं। जानिए 2025 में करवा चौथ किस तारीख को है।

karva chauth- India TV Hindi
करवा चौथ कब है 2025 में Image Source : CANVA

Karva Chauth 2025 Date, Vrat Katha: करवा चौथ व्रत विवाहित महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। ये व्रत शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी आयु की कामना से रखती हैं तो वहीं अविवाहिता इस व्रत को अच्छे वर की कामना से रखती हैं। मुख्य रूप से ये पर्व उत्तर भारत के राज्यों में मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रहती हैं यानी इस बीच अन्न और जल कुछ भी ग्रहण नहीं किया जाता है। फिर रात में चांद की पूजा करके व्रत खोला जाता है। जानिए इस साल करवा चौथ व्रत कब रखा जाएगा।

करवा चौथ व्रत कब है 2025 (Karva Chauth 2025 Date)

2025 में करवा चौथ व्रत 10 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को रखा जाएगा। करवा चौथ पूजा मुहूर्त शाम 05:57 से 07:11 बजे तक रहेगा। वहीं करवा चौथ व्रत का समय 10 अक्टूबर की सुबह 06:19 से रात 08:13 बजे तक रहेगा। करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय रात 08:13 बजे होगा।

करवा चौथ व्रत कथा (Karwa Chauth Vrat Katha)

एक साहूकार के सात बेटे थे और उसकी करवा नाम की एक बेटी भी थी। एक दिन साहूकार के घर में करवा चौथ का व्रत रखा गया। रात्रि को जब सब भोजन करने लगे तो करवा के भाइयों ने उससे भी भोजन करने के लिए कहा लेकिन करवा ने यह भोजन करने से मना कर दिया। करवा ने अपने भाइयों से कहा कि अभी चांद नहीं निकला है और वह आज चन्द्रमा को अर्घ्य देकर ही भोजन करेगी। भाइयों से अपनी बहन का यूं भूखे-प्यासा रहना देखा नहीं जा रहा था। ऐसे में करवा के सबसे छोटे भाई ने एक दीपक दूर किसी पीपल के पेड़ में प्रज्वलित किया और वह अपनी बहन से बोला - बहन अब व्रत तोड़ लो क्योंकि चांद निकल आया है। बहन को भाई की चतुराई समझ नहीं आयी और उसने खाना खा लिया। निवाला खाते ही उसे अपने पति की मृत्यु हो गई। शोकातुर होकर करवा अपने पति के शव को लेकर एक वर्ष तक बैठी रही और उसके ऊपर उगने वाली घास को इकट्ठा करती रही। अगले साल जब कार्तिक कृष्ण चतुर्थी आई तो फिर से उसने करवा चौथ का व्रत विधि-विधान किया, जिसके फलस्वरूप उसका पति पुनः जीवित हो गया। कहते हैं तब से ही करवा चौथ व्रत का महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

नवरात्रि के तीसरे दिन तक जौ नहीं हुए हैं अंकुरित, तो तुरंत करें ये काम, जानिए हरे-भरे जौ क्या देते हैं संकेत

Dussehra 2025 Date: दशहरा पर्व कब मनाया जाएगा 1 या 2 अक्टूबर? जान लें विजयादशमी की सही तारीख

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Festivals से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म