1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Amarnath Yatra: क्‍या है अमरनाथ गुफा में दो कबूतरों का रहस्‍य, जिसे भी दिख जाए जीवन हो जाता है धन्य, मिलता है मोक्ष का आशीर्वाद

Amarnath Yatra: क्‍या है अमरनाथ गुफा में दो कबूतरों का रहस्‍य, जिसे भी दिख जाए जीवन हो जाता है धन्य, मिलता है मोक्ष का आशीर्वाद

 Written By: Arti Azad
 Published : Jun 03, 2026 08:17 am IST,  Updated : Jun 03, 2026 08:17 am IST

अमरनाथ धाम केवल हिम शिवलिंग के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि यहां से जुड़ी कई पौराणिक मान्यताएं भी श्रद्धालुओं की आस्था को और गहरा करती हैं। इन्हीं में से एक है गुफा के आसपास दिखाई देने वाले कबूतरों का जोड़ा, जिसके दर्शन होना किसी दैवीय संकेत से कम नहीं माना जाता।

Amarnath Yatra - India TV Hindi
अमरनाथ यात्रा में कबूतरों का जोड़ा दिखना क्यों है शुभ Image Source : INDIA TV

हिमालय की बर्फीली वादियों में स्थित बाबा अमरनाथ धाम करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां बनने वाले पवित्र हिम शिवलिंग के दर्शन को मोक्षदायक माना जाता है, लेकिन इस गुफा से जुड़ा एक और रहस्य शिवभक्तों को आकर्षित करता रहा है। मान्यता है कि अमरनाथ गुफा में दिखाई देने वाला सफेद कबूतरों का जोड़ा कोई साधारण पक्षी नहीं, बल्कि अमरकथा से जुड़ा दिव्य प्रतीक है।

कहते हैं कि जिसे भी इन कबूतरों के दर्शन हो जाते हैं, उन पर दैवीय कृपा बरसती है और मोक्ष का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इन कबूतरों का संबंध उस अमरकथा से बताया जाता है, जिसे भगवान शिव ने मां पार्वती को सुनाया था।  

अमरकथा और कबूतरों का संबंध

पौराणिक कथा के अनुसार,  माता पार्वती लंबे समय से भगवान शिव से एक प्रश्न पूछती थीं। वह जानना चाहती थीं कि जब संसार का प्रत्येक जीव जन्म और मृत्यु के चक्र से बंधा है, तब शिव ही क्यों अजर-अमर हैं। वह यह भी जानना चाहती थीं कि आखिर ऐसा क्या रहस्य है, जिसके कारण महादेव काल के भी स्वामी माने जाते हैं। साथ ही उनके गले में धारण की गई नरमुंड माला और अमरत्व के रहस्य को लेकर भी पार्वती की जिज्ञासा बनी रहती थी। 

शुरुआत में भगवान शिव इस गूढ़ ज्ञान को साझा करने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन माता पार्वती के बार-बार आग्रह करने पर उन्होंने अमरत्व का रहस्य बताने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने ऐसी जगह की तलाश की, जहां कोई तीसरा जीव इस कथा को न सुन सके। अंततः उन्होंने हिमालय की एक निर्जन गुफा को चुना, जिसे आज अमरनाथ गुफा के नाम से जाना जाता है।

कहा जाता है कि गुफा तक पहुंचने से पहले भगवान शिव ने अपने सभी प्रतीकों और साथियों का त्याग कर दिया। नंदी को पहलगाम में, चंद्रमा को चंदनवाड़ी में, गले के सर्प को शेषनाग में और गणेश जी को महागुणस पर्वत के पास छोड़ दिया। पंचतत्वों का त्याग पंचतरणी में किया गया। आज भी अमरनाथ यात्रा के प्रमुख पड़ाव इन्हीं घटनाओं से जुड़े माने जाते हैं।

मान्यता है कि गुफा में प्रवेश करने के बाद भगवान शिव ने अपने दिव्य प्रभाव से चारों ओर ऐसा वातावरण बना दिया कि कोई जीव वहां पहुंच न सके। इसके बाद उन्होंने माता पार्वती को अमरकथा सुनानी शुरू की। कथा सुनते-सुनते माता पार्वती को नींद आ गई, लेकिन भगवान शिव को इसका आभास नहीं हुआ। उसी समय गुफा में मौजूद दो सफेद कबूतर पूरी कथा सुन रहे थे। वे बीच-बीच में आवाज निकालते रहे, जिससे भगवान शिव को लगा कि माता पार्वती कथा सुन रही हैं।

जब अमरकथा समाप्त हुई तो भगवान शिव ने देखा कि माता पार्वती तो सो रही हैं। तब उन्हें आश्चर्य हुआ कि आखिर पूरी कथा किसने सुनी। तभी उनकी नजर उन दो कबूतरों पर पड़ी। महादेव क्रोधित हो गए और उन्हें दंड देने के लिए आगे बढ़े। तब कबूतरों ने विनम्रता से कहा कि उन्होंने अमरत्व की कथा सुन ली है। यदि अब उन्हें मार दिया गया तो अमरकथा का सत्य ही समाप्त हो जाएगा।

तब उनकी बात सुनकर भगवान शिव का क्रोध शांत हो गया। उन्होंने कबूतरों को आशीर्वाद दिया कि वे सदैव इस पवित्र गुफा में शिव और पार्वती के प्रतीक रूप में निवास करेंगे। तभी से इन कबूतरों को अमर पक्षी माना जाता है। मान्यता है कि आज भी अमरनाथ यात्रा के दौरान कई श्रद्धालुओं को यह कबूतरों का जोड़ा दिखाई देता है। भक्तों का विश्वास है कि इनके दर्शन होना भगवान शिव की विशेष कृपा का संकेत है और जिस श्रद्धालु को यह दुर्लभ दर्शन प्राप्त हो जाए, उसके जीवन में सुख, सौभाग्य और अंत समय में मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें: Somvati Amavasya: सोमवती अमावस्या कब है? अधिक मास की इस दुर्लभ अमावस्या पर जरूर करें स्नान-दान, जानें सही तारीख और शुभ समय

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।