1. Hindi News
  2. धर्म
  3. 27 सितंबर से शुरू हो रहा है आश्विन का महीना, इस माह में क्या करना चाहिए और क्या नहीं? जानिए नियम

27 सितंबर से शुरू हो रहा है आश्विन का महीना, इस माह में क्या करना चाहिए और क्या नहीं? जानिए नियम

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Sep 26, 2026 01:28 pm IST,  Updated : Sep 26, 2026 01:29 pm IST

तीज-त्यौहार व्रत के लिहाज से आश्विन का महीना विशेष महत्व रखता है। ऐसे में इस माह में इन कार्यों करने से बचना चाहिए। तो आइए जानते हैं कि आश्विन माह में क्या करें और क्या नहीं।

आश्विन माह नियम- India TV Hindi
आश्विन माह नियम Image Source : INDIA TV

हिंदू धर्म में आश्विन का महीना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस माह में कई बड़े और प्रमुख व्रत-त्यौहार आते हैं। इस साल 27 सितंबर 2026 से आश्विन माह का आरंभ हो रहा है और समापन 25 अक्तूबर को होगा। हिंदू पंचांग में आश्विन माह सातवां महीना है। इस महीने में पितरों को समर्पित पितृ पक्ष आता है। इसके अलावा शारदीय नवरात्रि, जितिया, शरद पूर्णिमा और विजयादशमी जैसे बड़े और प्रमुख व्रत-त्यौहार आते हैं। देव और पितरों की कृपा पाने के लिए आश्विन माह सबसे उत्तम माना गया है। तो इस माह में इन बातों का खास ख्याल रखें। तो यहां जानिए आश्विन महीने में क्या करें और क्या नहीं।

आश्विन माह में क्या करें?

  • आश्विन माह में प्रतिदिन सुबह के समय उठकर स्नान आदि के बाद पूजा-पाठ करें।

  • पूरे महीने शाम के समय देवी-देवता और पितरों के लिए दीया जलाएं।

  • आश्विन मास में स्नान-दान का भी महत्व है तो गंगा या अन्य पवित्र नदी में स्नान जरूर करें।

  • आश्विन माह में जप, तप और दान-पुण्य करें। ऐसा करने से आपको पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होगी।

  • पूरे आश्विन महीने में सात्विक आहार ही ग्रहण करें।

आश्विन माह में क्या न करें?

  • आश्विन महीने में तामसिक और नशीली चीजों से दूरी बनाकर रखें। प्याज, लहसुन और मांस, मछली, अंडा का सेवन न करें।

  • इस माह में भूलकर भी किसी महिला और बड़े-बुजुर्ग का अपमान न करें। वरना पितृ और देवी आपसे नाराज हो सकती हैं।

  • जब तक पितृ पक्ष चल रहा है तब तक शादी, मुंडन, गृह प्रवेश या कोई अन्य मांगलिक और शुभ कार्य न करें और न ही नया व्यावसायिक कार्य शुरू करें।

  • आश्विन माह में क्रोध, अहंकार और किसी से भी कोई वाद-विवाद न करें। घर में शांति और सकारात्मक वातावरण बनाए रखें।

शारदीय नवरात्रि 2026

इस साल शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक रहेगा। 20 अक्टूबर को विजयदशमी (दशहरा) के साथ समाप्त होगा। इस बार मां दुर्गा वाहन सिंह यानी शेर पर सवार होकर धरतीलोक पर आएंगी और माता रानी का प्रस्थान घोड़े पर होगा। शारदीय नवरात्रि की अष्टमी पूजा और नवमी पूजा 19 अक्टूबर को रहेगी। 20 अक्टूबर को भी नवमी तिथि रहेगी इसलिए नवमी पूजा इस दिन भी रहेगी।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

पितृ पक्ष में पहला श्राद्ध करने से पहले जरूर जान लें ये जरूरी बातें, तभी पितृ प्रसन्न होकर देंगे आशीर्वाद

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।