चंद्रमा 21 अक्टूबर की सुबह कुंभ राशि में गोचर करेंगे। चंद्रमा का यह गोचर सुबह 7 बजे होगा। राहु पहले से ही कुंभ राशि में हैं इसलिए चंद्रमा और राहु के बीच युति होगी जिससे चंद्र ग्रहण दोष या योग बनेगा। इस योग के चलते राशिचक्र की कुछ राशियों के जीवन में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। आज हम आपको इन्हीं राशियों के बारे में जानकारी देंगे।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों ग्रहण दोष आपकी राशि से अष्टम भाव में बनेगा जोकि आपके त्रिक भाव में से एक है। इस भाव में चंद्रमा की स्थिति अच्छी नहीं कही जाती। आपको गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहने की आवश्यकता होगी, वो आपका काम बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। इसके साथ ही शेयर बाजार में पैसा लगाने से पहले दो बार सोचें। सट्टेबाजी के चक्कर में फंसेंगे तो आपको नुक्सान हो सकता है। करियर से जुड़ा कोई भी फैसला बिना घर वालों की सलाह के न लें। गुप्त बातों को दूसरों से साझा करने से भी आपको बचना होगा। उपाय के तौर पर शिवलिंग पर जल आपको अर्पित करना चाहिए।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों चंद्र-राहु का ग्रहण योग आपके छठे भाव में बनेगा जोकि शत्रु और रोग का भाव कहा जाता है। आपके विरोधी सक्रिय हो सकते हैं इसलिए आपको सतर्कता बरतनी होगी। बेवजह के खर्चे बढ़ सकते हैं जिससे आपका आर्थिक पक्ष डगमगाएगा। गलती से भी इस दौरान किसी को उधार न दें पैसा फंस सकता है। सेहत को लेकर भी सतर्कता कन्या राशि के लोगों को बरतनी चाहिए। माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर भी सावधाान रहें। उपाय के तौर पर कन्या वालों को गणेश भगवान के मंत्रों का जप करना चाहिए।
मीन राशि
मीन वालों ग्रहण योग आपकी राशि से द्वादश भाव में बनेगा। द्वादश भाव को हानि का कारक माना जाता है इसलिए आपको बेहद सचेत रहने की सलाह दी जाती है। किसी भी स्थिति में जमापूंजी को खर्च ना करें वरना वित्तीय स्थिति बिगड़ सकती है। कारोबारियों को धन का लेन-देन किसी विश्वासपात्र को पास रखकर ही करना चाहिए। सेहत को लेकर भी सतर्कता बरतें बाहर का तला-भुना भोजन आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। उपाय के तौर पर शिव मंत्रों का जप आपको करना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
ये भी पढ़ें: