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धनतेरस की पूजा में भोग का रखें खास ध्यान! जानें मां लक्ष्मी, कुबेर और धन्वंतरि देव के पसंदीदा भोज्य पदार्थ

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Nov 04, 2026 08:36 pm IST,  Updated : Nov 04, 2026 08:36 pm IST

धनतेरस के शुभ अवसर पर देवी लक्ष्मी के साथ ही कुबेर देव, धन्वंतरि भगवान और गणेश जी की भी पूजा की जाती है। इस दिन इन सभी देवी-देवताओं को क्या भोग लगाना चाहिए इसके बारे में आज हम आपको जानकारी देंगे।

Dhanteras 2026- India TV Hindi
धनतेरस 2026 Image Source : PINTEREST

धनतेरस का त्योहार हर वर्ष कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। धनतेरस के पर्व में माता लक्ष्मी, भगवान गणेश, कुबेर देव और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस पर इन देवी-देवताओं की पूजा करने से सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। धनतेरस 2026 पर देवी-देवताओं की पूजा के साथ ही उनके प्रिय भोग भी उन्हें अर्पित करने चाहिए। आइए ऐसे में जान लेते हैं कि माता लक्ष्मी, गणेश भगवान, धन्वंतरि देव और कुबेर देव को इस दिन किन चीजों का भोग लगाना चाहिए। 

माता लक्ष्मी के प्रिय भोग

  • चावल और मखाने की खीर
  • धनिये की पंजीरी
  • दूध से बनी मिठाइयां और पीले रंग की मिठाइयां
  • नारियल
  • बताशे
  • मीठा पान

भगवान गणेश के प्रिय भोग

  • मोदक
  • दूध और चावल से बनी खीर
  • केला, नारियल के लड्डू
  • दूर्वा (घास)
  • सूजी का हलवा

कुबेर देव के प्रिय भोग

  • धनिया की पंजीरी 
  • चावल की खीर
  • गुड़ और घी से बनी लापसी
  • मिश्री

धन्वंतरि भगवान के प्रिय भोग

  • पंचामृत और औषधियां जैसे- तुलसी, नीम के पत्ते, शहद और घी का भोग
  • गुड़ की खीर
  • पीली मिठाइयां

ऊपर दी गई भोग सामग्री में से हर देवी-देवता के लिए आप एक-एक भोज्य पदार्थ बना सकते हैं। सामर्थ्य और श्रद्धा से दिया गया थोड़ा सा भोग भी देवी-देवताओं को प्रसन्न कर सकता है और आपके जीवन में सुखद बदलाव आ सकते हैं। बस इस बात का ख्याल रखें कि धनतेरस की पूजा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में आपको करनी चाहिए और इसी समय देवी-देवताओं को भोग लगाना चाहिए। 

देवी-देवताओं को भोग लगाने का महत्व 

देवी-देवताओं को भोग लगाकर हम उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं। भोग इस बात का भी प्रतीक है कि जो भी हमारे पास है वो देवी-देवताओं की अनुकंपा से ही है और इसलिए स्वयं भोजन करने से पहले देवी-देवताओं को भोग लगाया जाता है। भोग लगाने से मानसिक शुद्धि भी होती है और सकारात्मक ऊर्जा भी हमें प्राप्त होती है। देवी-देवताओं को स्वयं भोजन करने से पहले जब हम भोग लगाते हैं तो हम स्वार्थ और अहंकार से भी मुक्त होते हैं। धनतेरस जैसे धार्मिक मौकों पर देवी-देवताओं को भोग लगाने से बरकत आती है और कष्टों से हम मुक्त होते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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