गणेश विसर्जन के लिए अनंत चतुर्दशी का दिन सबसे शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। कई श्रद्धालु इसी शुभ दिन पर गणेश विसर्जन करते हैं और इस बार यह दिन 25 सितंबर को पड़ रहा है। गणेश भगवान की विदाई से पहले उनकी विधि विधान पूजा की जाती है। फिर उन्हें भोग लगाया जाता है और अंत में आरती करके पूरी श्रद्धा से भगवान की मूर्ति को विसर्जित कर दिया जाता है। बता दें गणेश चतुर्थी के दिन घर लाई बप्पा की प्रतिमा को नदी, तालाब या समुद्र में विसर्जित किया जाता है। वहीं कई लोग घर पर भी गणपति बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन कर देते हैं। चलिए आपको बताते हैं गणेश विसर्जन कैसे किया जाता है और इसमें क्या-क्या सामग्री लगती है।
गणेश विसर्जन पूजा सामग्री लिस्ट
- दीपक और घी
- जल से भरा कलश
- गंगाजल
- धूप
- अगरबत्ती
- मोदक और फल
- अक्षत और फूल
- रोली
- चंदन
- सिंदूर
- कपूर
गणेश विसर्जन विधि
- विसर्जन से पहले गणपति बप्पा की विधि विधान पूजा करें।
- उन्हें तिलक लगाकर दूर्वा अर्पित करें।
- फिर मोदक का भोग लगाएं।
- इसके बाद फूल-माला चढ़ाएं और दीपक जलाएं।
- परिवार सहित गणेश जी की आरती करें और पूजा में हुई किसी भूल के लिए क्षमा मांगें।
- फिर सम्मानपूर्वक गणेश जी प्रतिमा को हाथ में उठाएं और 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' के जयकारों के साथ विसर्जन के स्थान तक जाएं।
- प्रतिमा को विसर्जित करने से पहले एक बार फिर से आरती करें और फिर पूरी श्रद्धा से मूर्ति का विसर्जन कर दें।
- इस बात का ध्यान रखें कि बप्पा की प्रतिमा के साथ एक लाल रंग की पोटली भी रखनी है। जिसमें थोड़े चावल, पंचमेवा और मिठाई बांधकर रखी जाती है, इसे गणपति बप्पा की यात्रा का भोजन माना जाता है।
घर पर गणपति बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन कैसे करें?
यदि आपके घर के आस-पास कोई नदी, तालाब या समुद्र नहीं है तो घर पर भी गणपति बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन कर सकते हैं। इसके लिए एक बड़े टब या साफ बाल्टी की जरूरत होगी। इसमें साफ जल भर लें। साथ ही थोड़ा सा गंगाजल भी मिला लें। इसमें फूल भी डालें। फिर मूर्ति के वस्त्र व आभूषण हटाकर धीरे-धीरे मूर्ति को जल में प्रवाहित करें। ध्यान रहे मूर्ति को पहले जल में तीन बार थोड़ा-थोड़ा डुबोया जाता है फिर चौथी बार में 'गणपति बाप्पा मोरया, अगले वर्ष तू जल्दी आ' का जयकारा लगाते हुए प्रतिमा को विसर्जित कर दिया जाता है।
गणेश विसर्जन मुहूर्त 2026
- प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) - 06:11 AM से 10:42 AM
- अपराह्न मुहूर्त (चर) - 04:44 PM से 06:14 PM
- अपराह्न मुहूर्त (शुभ) - 12:13 PM से 01:43 PM
- रात्रि मुहूर्त (लाभ) - 09:14 PM से 10:43 PM
यह भी पढ़ें: