Malmas 2026: मलमास यानि अधिक मास की शुरुआत मई 17 तारीख से हुई थी और 15 जून तक मलमास रहेगा। धार्मिक, आध्यात्मिक दृष्टि से इस माह को अच्छा माना जाता है लेकिन मांगलिक कार्यों को करने की इस महीने मनाही होती है। ऐसे में कई लोगों के मन में ये सवाल होता है कि भले ही शादी, सगाई इस माह में न हो लेकिन क्या शादी सगाई की बात इस दौरान पक्की कर सकते हैं? अगर आपके मन में भी ये सवाल है तो आज हम आपको इसी का जवाब अपने इस लेख में देंगे।
क्या मलमास में रोका, सगाई या शादी की बात पक्की या फिक्स कर सकते हैं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मलमास या अधिक मास के दौरान संक्रांति नहीं होती इसलिए मांगलिक कार्य इस महीने में करना शुभ नहीं माना जाता है। शादी, सगाई, रोका, गृह प्रवेश, मुंडन आदि कार्य इस महीने में करना अच्छा नहीं होता। ऐसे में सवाल उठता ही कि भले ही इस महीने में शादी-सगाई जैसे शुभ कार्य न होते हैं तो क्या शादी, रोगा, सगाई, मुंडन आदि की डेट भी क्या इस महीने में पक्की नहीं कर सकते? शास्त्रों की मानें तो केवल दिन पक्का करने के लिए मलमास का महीना अशुभ नहीं है जुबानी बात पक्की करने में किसी तरह की रोक नहीं होती, क्योंकि इसके लिए शुभ मुहूर्त देखना बहुत जरूरी नहीं होता। साथ ही जुबानी बात पक्की करने में मांगलिक अनुष्ठान की आवश्यकता भी नहीं पड़ती। हालांकि कुछ विद्वानों का मत यह भी है कि मांगलिक कार्यों की डेट भी मलमास में पक्की करने से बचना चाहिए जब तक बहुत जरूरी न हो।
मलमास में मांगलिक कार्य करने से क्या होता है?
धार्मिक मतों के अनुसार किसी भी मांगलिक कार्य को संपन्न करने के लिए सूर्य, शुक्र, गुरु जैसे ग्रहों का अनुकूल अवस्था में होना बेहद जरूरी है। वहीं ऐसा माना जाता है कि मलमास में संक्रांति तिथि न होने के कारण सूर्य का तेज मलमास को प्राप्त नहीं होता। ऐसे में मलमास में मांगलिक कार्य करने से सूर्य देव का आशीर्वाद आपको प्राप्त नहीं होता और जीवन में परेशानियां आ सकती हैं। इसलिए मलमास में हर तरह का मांगलिक कार्य करना वर्जित होता है। हालांकि सूर्य उपासना, धार्मिक कार्य, विष्णु उपासना, शिव उपासना, मंत्र जप, योग-ध्यान करने के लिए यह महीने शुभ माना जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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