1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Shri Krishna Janmashtami Aarti Live: आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की...जन्माष्टमी की रात जरूर करें कृष्ण भगवान की ये आरती

Shri Krishna Janmashtami Aarti Live: आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की...जन्माष्टमी की रात जरूर करें कृष्ण भगवान की ये आरती

 Written By: Laveena Sharma
 Updated : Aug 17, 2025 12:41 am IST

Janmashtami Shri Krishna Aarti Lyrics (आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की) Live: जन्माष्टमी के त्योहार पर भगवान कृष्ण की आरती का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन भक्त सुबह और शाम की पूजा के समय कन्हैया की आरती जरूर गाते हैं। यहां हम आपको बताएंगे जन्माष्टमी की आरती के लिरिक्स।

Krishna Ji Ki Aarti Lyrics- India TV Hindi
श्रीकृष्ण भगवान की आरती (Krishna Ji Ki Aarti) Image Source : INDIA TV

Krishna Ji Ki Aarti Lyrics, Kunj Bihari Ki Aarti Lyrics (आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की), Krishna Janmashtami Aarti, Banke Bihari Aarti Live: जन्माष्टमी का त्योहार सनातन धर्म के सबसे बड़े त्योहारों में शामिल है जो हर साल भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस शुभ दिन पर ही भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। इसलिए हर साल इस तिथि पर बड़ी ही धूमधाम से भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन कृष्ण भक्त उपवास रखते हैं और पूरे दिन उनकी भक्ति में लीन रहते हैं। जन्माष्टमी की सुबह-शाम बाल गोपाल की आरती करने का भी विशेष महत्व माना जाता है। चलिए आपको बताते हैं कि जन्माष्टमी के दिन कन्हैया की कौन-कौन सी आरती जरूर करनी चाहिए।

Krishna Ji Ki Aarti Lyrics, Aarti Kunj Bihari Ki (आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की)

  • आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • गले में बैजंती माला,
  • बजावै मुरली मधुर बाला ।
  • श्रवण में कुण्डल झलकाला,
  • नंद के आनंद नंदलाला ।
  • गगन सम अंग कांति काली,
  • राधिका चमक रही आली ।
  • लतन में ठाढ़े बनमाली
  • भ्रमर सी अलक,
  • कस्तूरी तिलक,
  • चंद्र सी झलक,
  • ललित छवि श्यामा प्यारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • कनकमय मोर मुकुट बिलसै,
  • देवता दरसन को तरसैं ।
  • गगन सों सुमन रासि बरसै ।
  • बजे मुरचंग,
  • मधुर मिरदंग,
  • ग्वालिन संग,
  • अतुल रति गोप कुमारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • जहां ते प्रकट भई गंगा,
  • सकल मन हारिणि श्री गंगा ।
  • स्मरन ते होत मोह भंगा
  • बसी शिव सीस,
  • जटा के बीच,
  • हरै अघ कीच,
  • चरन छवि श्रीबनवारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • चमकती उज्ज्वल तट रेनू,
  • बज रही वृंदावन बेनू ।
  • चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
  • हंसत मृदु मंद,
  • चांदनी चंद,
  • कटत भव फंद,
  • टेर सुन दीन दुखारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
  • आरती कुंजबिहारी की,
  • श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

श्री बालकृष्ण जी की आरती (Shri Balkishan Ji Ki Aarti)

  • आरती बालकृष्ण की कीजै |
  • अपनों जनम सुफल करि लीजै |
  • श्रीयशुदा को परम दुलारौ |
  • बाबा की अखियन कौ तारो ||
  • गोपिन के प्राणन को प्यारौ |
  • इन पै प्राण निछावरी कीजै |
  • आरती बालकृष्ण की कीजै ||
  • बलदाऊ कौ छोटो भैया |
  • कनुआँ कहि कहि बोलत मैया |
  • परम मुदित मन लेत वलैया |
  • यह छबि नयननि में भरि लीजै |
  • आरती बालकृष्ण की कीजै ||
  • श्री राधावर सुघर कन्हैया |
  • ब्रजजन कौ नवनीत खवैया |
  • देखत ही मन नयन चुरैया |
  • अपनौ सरबस इनकूं दीजे |
  • आरती बालकृष्ण की कीजै ||
  • तोतरि बोलनि मधुर सुहावै |
  • सखन मधुर खेलत सुख पावै |
  • सोई सुकृति जो इनकूं ध्यावै |
  • अब इनकूं अपनों करि लीजै |
  • आरती बालकृष्ण की कीजै ||

श्री कृष्ण जन्म स्तुति (bhaye pragat kripala Bhajan Aarti)

भये प्रगट गोपाला दीनदयाला यशुमति के हितकारी।

हर्षित महतारी सुर मुनि हारी मोहन मदन मुरारी ॥
कंसासुर जाना मन अनुमाना पूतना वेगी पठाई।
तेहि हर्षित धाई मन मुस्काई गयी जहाँ यदुराई॥
तब जाय उठायो हृदय लगायो पयोधर मुख मे दीन्हा।
तब कृष्ण कन्हाई मन मुस्काई प्राण तासु हर लीन्हा॥
जब इन्द्र रिसायो मेघ पठायो बस ताहि मुरारी।
गौअन हितकारी सुर मुनि हारी नख पर गिरिवर धारी॥
कन्सासुर मारो अति हँकारो बत्सासुर संघारो।
बक्कासुर आयो बहुत डरायो ताक़र बदन बिडारो॥
तेहि अतिथि न जानी प्रभु चक्रपाणि ताहिं दियो निज शोका।
ब्रह्मा शिव आये अति सुख पाये मगन भये गये लोका॥
यह छन्द अनूपा है रस रूपा जो नर याको गावै।
तेहि सम नहि कोई त्रिभुवन सोयी मन वांछित फल पावै॥
नंद यशोदा तप कियो , मोहन सो मन लाय।
देखन चाहत बाल सुख , रहो कछुक दिन जाय॥
जेहि नक्षत्र मोहन भये ,सो नक्षत्र बड़िआय।
चार बधाई रीति सो , करत यशोदा माय॥

Krishna Janmashtami Puja Vidhi, Aarti Live Update: आज है श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, घर पर ऐसे करें लड्डू गोपाल की पूजा, जान लें संपूर्ण विधि

Krishna Janmashtami Aarti Kunj Bihari Ki Live

Auto Refresh
Refresh
  • 12:23 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    बांके बिहारी जी की आरती

    • श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,
    • हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।
    • आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,
    • श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं ।
    • ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥
    • मोर मुकुट प्यारे शीश पे सोहे,
    • प्यारी बंसी मेरो मन मोहे ।
    • देख छवि बलिहारी मैं जाऊं ।
    • ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥
    • चरणों से निकली गंगा प्यारी,
    • जिसने सारी दुनिया तारी ।
    • मैं उन चरणों के दर्शन पाऊं ।
    • ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥
    • दास अनाथ के नाथ आप हो,
    • दुःख सुख जीवन प्यारे साथ आप हो ।
    • हरी चरणों में शीश झुकाऊं ।
    • ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥
    • श्री हरीदास के प्यारे तुम हो ।
    • मेरे मोहन जीवन धन हो।
    • देख युगल छवि बलि बलि जाऊं ।
    • ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥
    • श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,
    • हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।
    • आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,
    • श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं ।
  • 11:55 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Krishna Janm Aarti: कृष्ण जन्म आरती लिरिक्स

    • भये प्रगट गोपाला दीनदयाला यशुमति के हितकारी।
    • हर्षित महतारी सुर मुनि हारी मोहन मदन मुरारी ॥
    • कंसासुर जाना मन अनुमाना पूतना वेगी पठाई।
    • तेहि हर्षित धाई मन मुस्काई गयी जहाँ यदुराई॥
    • तब जाय उठायो हृदय लगायो पयोधर मुख मे दीन्हा।
    • तब कृष्ण कन्हाई मन मुस्काई प्राण तासु हर लीन्हा॥
    • जब इन्द्र रिसायो मेघ पठायो बस ताहि मुरारी।
    • गौअन हितकारी सुर मुनि हारी नख पर गिरिवर धारी॥
    • कन्सासुर मारो अति हँकारो बत्सासुर संघारो।
    • बक्कासुर आयो बहुत डरायो ताक़र बदन बिडारो॥
    • तेहि अतिथि न जानी प्रभु चक्रपाणि ताहिं दियो निज शोका।
    • ब्रह्मा शिव आये अति सुख पाये मगन भये गये लोका॥
    • यह छन्द अनूपा है रस रूपा जो नर याको गावै।
    • तेहि सम नहि कोई त्रिभुवन सोयी मन वांछित फल पावै॥
    • नंद यशोदा तप कियो , मोहन सो मन लाय।
    • देखन चाहत बाल सुख , रहो कछुक दिन जाय॥
    • जेहि नक्षत्र मोहन भये ,सो नक्षत्र बड़िआय।
    • चार बधाई रीति सो , करत यशोदा माय॥
  • 11:35 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    राधा जी का स्मरण करते हुए करें श्रीकृष्ण के इस मंत्र का जप, मनोकामनाएं होंगी पूरी

     मंत्र- ॐ ऐं ह्रीं श्रीं नमो भगवते राधाप्रियाय राधा-रमणाय। गोपीजनवल्लभाय ममाभीष्टं पूरय पूरय हुं फट् स्वाहा।

  • 11:31 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Radha Krishna Aarti | राधा कृष्ण की आरती

    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • चंद्रमुखी चंचल चितचोरी। (राधा)
    • सुघर सांवरा सूरत भोरी। (कृष्ण)
    • श्यामा-श्याम एक-सी जोरी।(राधाकृष्ण)
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • पंचरंग चूनर केसर न्यारी। (राधा)
    • पट पीतांबर कामर कारी। (कृष्ण)
    • एकरूप अनुपम छबि प्यारी (राधाकृष्ण)
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • चंद्र-चंद्रिका चमचम चमकै। (राधा)
    • मोर मुकुट सिर दमदम दमकै। (कृष्ण)
    • युगल-प्रेम रस झमझम झमकै (राधाकृष्ण)
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • कस्तूरी कुंकुम जुत बिंदा। (राधा)
    • चंदन चारु तिलक ब्रज चंदा। (कृष्ण)
    • सुहृद-लाड़ली लाल सुनंदा। (राधाकृष्ण)
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • घूंमघुमारो घांघर सोहै। (राधा)
    • कटिकछनी कमलापति सोहै। (कृष्ण)
    • कमलासन सुर-मुनि-मन मोहै। (राधाकृष्ण)
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    •  
    • रत्नजटित आभूषण सुंदर। (राधा)
    • कौस्तुभमणि कमलांकित नटवर। (कृष्ण)
    • रणत्क्वणत् मुरली-ध्वनि मनहर। (राधाकृष्ण)
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • मंद हंसन मतवारे नैना। (राधा)
    • मनमोहन मन हारे सैना। (कृष्ण)
    • मृदु मुसुकावनि मीठे बैना। (राधाकृष्ण)
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • श्रीराधा भव-बाधा-हारी। (राधा)
    • संकट-मोचन कृष्ण मुरारी। (कृष्ण)
    • एक शक्ति, एकहि आधारी। (राधाकृष्ण)
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • जगज्ज्योति जगजननी माता। (राधा)
    • जगजीवन, जग-पितु जग-दाता।। (कृष्ण)
    • जगदाधार, जगद्विख्याता। (राधाकृष्ण)
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    •  
    • राधा राधा कृष्ण कन्हैया। (राधा)
    • भव-भय सागर पार लगैया। (कृष्ण)
    • मंगल-मूरति, मोक्ष-करैया। (राधाकृष्ण)
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • सर्वेश्वरी सर्व-दुख-दाहन। (राधा)
    • त्रिभुवनपति, त्रयताप-नसावन।। (कृष्ण)
    • परम देवि, परमेश्वर पावन। (राधाकृष्ण)
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • त्रिसमय युगलचरण चित ध्यावै। (राधा)
    • सो नर जगत परमपद पावै। (कृष्ण)
    • राधाकृष्ण ‘छैल’ मन भावै। (राधाकृष्ण)
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
    • ॐ जय श्रीराधा, जय श्रीकृष्ण,
    • श्रीराधाकृष्णाय नम:।।
  • 11:19 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    भगवान विष्णु की आरती (Om Jai Jagdish Hare )

    • ओम जय जगदीश हरे , स्वामी!
    • जय जगदीश हरे।
    • भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
    • ओम जय जगदीश हरे।
    • जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का।
    • स्वामी दुःख विनसे मन का।
    • सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
    • ओम जय जगदीश हरे।
    • मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं मैं किसकी।
    • स्वामी शरण गहूं मैं किसकी।
    • तुम बिन और न दूजा, आस करूं जिसकी॥
    • ओम जय जगदीश हरे।
    • तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।
    • स्वामी तुम अन्तर्यामी।
    • पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥
    • ओम जय जगदीश हरे।
    • तुम करुणा के सागर, तुम पालन-कर्ता।
    • स्वामी तुम पालन-कर्ता।
    • मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥
    • ओम जय जगदीश हरे।
    • तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
    • स्वामी सबके प्राणपति।
    • किस विधि मिलूं दयामय, तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय जगदीश हरे।
    • दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
    • स्वामी तुम ठाकुर मेरे।
    • अपने हाथ उठा‌ओ, द्वार पड़ा तेरे॥
    • ओम जय जगदीश हरे।
    • विषय-विकार मिटा‌ओ, पाप हरो देवा।
    • स्वमी पाप हरो देवा।
    • श्रद्धा-भक्ति बढ़ा‌ओ, संतन की सेवा॥
    • ओम जय जगदीश हरे।
    • श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे।
    • स्वामी जो कोई नर गावे।
    • कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥
    • ओम जय जगदीश हरे।
  • 10:57 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    श्रीकृष्ण को भोग लगाते समय करें इस मंत्र का जप

    मंत्र- त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये। गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर।।:

    मंत्र का अर्थ- "हे गोविन्द! जो कुछ भी मेरे पास है, वह आपका ही है। अब मैं वही भोज्य सामग्री आपको प्रेम पूर्वक अर्पित कर रहा हूं/ रही हूं। इसे स्वीकार करने की कृपा करें।" 

  • 10:17 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    जन्माष्टमी की रात चंद्र दर्शन करते समय करें इस मंत्र का जप

    जन्माष्टमी की रात्रि में चंद्र दर्शन के समय आपको नीचे दिए गए मंत्र का जप करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से आपको मानसिक शांति प्राप्त होती है। 

    मंत्र- सोमाय सोमेश्वराय सोमपतये सोमसम्भवाय सोमाय नमो नमः।

  • 9:49 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    मंत्र- 'ॐ नमो भगवते तस्मै कृष्णाया कुण्ठमेधसे सर्वव्याधि विनाशाय प्रभो माममृतं कृधि:।'

    अगर आप आरोग्य की प्राप्ति करना चाहते हैं तो श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन नीचे दिए गए मंत्र का जप आपको अवश्य करना चाहिए। यह मंत्र असाध्य रोग को भी ठीक कर सकता है। 

    मंत्र- 'ॐ नमो भगवते तस्मै कृष्णाया कुण्ठमेधसे सर्वव्याधि विनाशाय प्रभो माममृतं कृधि:।'

  • 9:28 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    नन्द के आनंद भयो भजन Video

  • 9:18 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    जन्माष्टमी की रात्रि में दीपक जलाते समय करें इस मंत्र का जप

    धर्मेश्चराय धर्मपतये धर्मसम्भवाय गोविन्दाय नमो नम:। जन्माष्टमी की रात्रि में श्रीकृष्ण पूजन के दौरान आपको इस मंत्र का जप दीपक जलाते समय करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से आपका मन भक्ति में लगता है और श्रीकृष्ण कृपा भी आपको प्राप्त होती है। 

  • 8:46 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    जन्माष्टमी पूजन के दौरान करें इस मंत्र का जप, सुधरेगा वैवाहिक जीवन

    भगवान कृष्ण की पूजा के दौरान जन्माष्टमी के दिन 'ॐ क्लीं कृष्णाय नमः' मंत्र का जप आपको अवश्य करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है। वहीं जो लोग अविवाहित हैं उन्हें योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। 

  • 8:10 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    रात्रि के समय कब करना है कान्हा जी का अभिषेक

    जन्माष्टमी की रात्रि में यानि 16 अगस्त की रात में 12 बजकर 4 मिनट से कृष्ण पूजा का शुभ समय है। इस दौरान ही आपको भगवान कृष्ण का अभिषेक भी करना चाहिए। शुभ मुहूर्त में अभिषेक करना से शुभ फलों की प्राप्ति आपको होती है। 

  • 7:55 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Ladoo Gopal Ji Ki Aarti: श्री लड्डू गोपाल जी की आरती

    • आरती श्री गोपाल जी की कीजे।
    • अपना जन्म सफल कर लीजे ।।
    • श्री यशोदा का परम दुलारा।
    • बाबा की अखियन का तारा ।।
    • गोपियन के प्राणों का प्यारा।
    • इन पर प्राण न्योछावर कीजे ।।
    • ।। आरती ।।
    • बलदाऊ के छोटो भैय्या ।
    • कान्हा कहि कहि बोलत मैय्या ।।
    • परम मुदित मन लेत बलैय्या।
    • यह छबि नैनन में भरि लीजे।।
    • ।। आरती ।।
    • श्री राधावर सुघर कन्हैय्या ।
    • ब्रज जन का नवनीत खवैय्या ।।
    • देखत ही मन नयन चुरैय्या।
    • अपना सर्वश्व इनको दीजे ।।
    • ।। आरती ।।
    • तोतर बोलनि मधुर सुहावे ।
    • सखन मधुर खेलत सुख पावे ।।
    • सोई सुकृति जो इनको ध्याये।
    • अब इनको अपनो करि लीजे ।।
    • ।। आरती ।।
  • 7:47 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    अर्धरात्रि में होगी मंदिरों में पूजा

    कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर रात्रि 12 बजे के बाद श्रीकृष्ण के मंदिरों में धूमधाम से पूजा-अर्चना की जाएगी। इस दौरान भक्त अपने घर के पूजा स्थल में भी पूजन करेंगे। रात्रि के समय पूजन के साथ ही व्रत का पारण भी किया जाएगा। 

  • 7:15 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    भगवान कृष्ण की पूजा में पंजीरी का भोग है बेहद आवश्यक

    बाल कृष्ण को पंजीरी का भोग लगाना बेहद आवश्यक माना गया है। धार्मिक मत के अनुसार पंजीरी के भोग से लड्डू गोपाल बेहद प्रसन्न होते हैं। पंजीरी आपको घी, मिश्री, सूखे मावों से मिलकर बनानी चाहिए। इसे प्रसाद के रूप में व्रत पारण के बाद आप घर के लोगों में भी बांट सकते हैं। 

  • 6:39 PM (IST)
    Posted by Naveen Khantwal

    भगवान कृष्ण का जन्म रात्रि में खीरे से क्यों करवाया जाता है?

    कृष्ण जन्माष्टमी की अर्ध रात्रि में एक डंठल वाला खीरा लेकर भगवान कृष्ण का जन्म करवाया जाता है। यह एक प्रतीकात्मक प्रक्रिया है जिसमें खीरे के डंठल को अलग किया जाता है। जैसे भगवान कृष्ण माता देवकी की गर्भनाल से अलग हुए थे उसी तरह डंठल को खीरे से अलग किया जाता है। इसके बाद विधि-विधान से श्रीकृष्ण की पूजा होती है और उन्हें भोग लगाया जाता है। 

  • 6:39 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Krishna Ji Ki Aarti Video: श्रीकृष्ण आरती

  • 5:33 PM (IST)
    Posted by Shailendra Tiwari

    जन्माष्टमी के दिन क्या करें

    पहले स्नान करके शुद्ध वस्त्र पहनें।
    फिर व्रत रखें और थोड़े टाइम पर अपनी शक्ति अनुसार व्रत करें, फल, दूध, माखाना, साबूदाना आदि फलाहार करें।
    रात में जन्म के समय भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक करें। पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से लड्डू गोपाल को स्नान कराएं।
    अब झूला सजाएं और लड्डू गोपाल को झुलाएं।
    फिर भजन, कीर्तन और आरती करें। दिनभर भक्ति भाव में रहें और रात 12 बजे आरती करें।
    कृष्ण को तुलसी पत्र अवश्य चढ़ाएं।

  • 4:33 PM (IST)
    Posted by Shailendra Tiwari

    जन्माष्टमी के दिन जरूर पढ़ें ये गीता के श्लोक

    भगवद्गीता से श्लोक (अर्जुन की उपासना)

    मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी मां नमस्कुरु।
    मामेवैष्यसि सत्यं ते प्रतिजाने प्रियोऽसि मे॥
    (भगवद्गीता 9.34)

    अर्थ- हे अर्जुन, मुझमें मन लगाओ, मेरी भक्ति करो, मेरी पूजा करो और मुझे प्रणाम करो। मैं निश्चित ही तुम्हारे पास आऊंगा क्योंकि तुम मेरे प्रिय हो।

  • 2:48 PM (IST)
    Posted by Shailendra Tiwari

    श्रीकृष्ण चालीसा का पाठ

    जन्माष्टमी की रात को पूजा के दौरान जातकों को श्रीकृष्ण चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए
    दोहा

    बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम।
    अरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम ॥

    पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पीताम्बर शुभ साज।
    जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचन्द्र महाराज ॥

    चौपाई 
    जय यदुनन्दन जय जगवन्दन ।
    जय वसुदेव देवकी नन्दन ॥

    जय यशुदा सुत नन्द दुलारे ।
    जय प्रभु भक्तन के दृग तारे ॥

    जय नट-नागर नाग नथैया ।
    कृष्ण कन्हैया धेनु चरैया ॥

    पुनि नख पर प्रभु गिरिवर धारो ।
    आओ दीनन कष्ट निवारो ॥

    वंशी मधुर अधर धरी तेरी ।
    होवे पूर्ण मनोरथ मेरो ॥

    आओ हरि पुनि माखन चाखो ।
    आज लाज भारत की राखो ॥

    गोल कपोल, चिबुक अरुणारे ।
    मृदु मुस्कान मोहिनी डारे ॥

    रंजित राजिव नयन विशाला ।
    मोर मुकुट वैजयंती माला ॥

    कुण्डल श्रवण पीतपट आछे ।
    कटि किंकणी काछन काछे ॥

    नील जलज सुन्दर तनु सोहे ।
    छवि लखि, सुर नर मुनिमन मोहे ॥10

    मस्तक तिलक, अलक घुंघराले ।
    आओ कृष्ण बांसुरी वाले ॥

    करि पय पान, पुतनहि तारयो ।
    अका बका कागासुर मारयो ॥

    मधुवन जलत अग्नि जब ज्वाला ।
    भै शीतल, लखितहिं नन्दलाला ॥

    सुरपति जब ब्रज चढ़यो रिसाई ।
    मसूर धार वारि वर्षाई ॥

    लगत-लगत ब्रज चहन बहायो ।
    गोवर्धन नखधारि बचायो ॥

    लखि यसुदा मन भ्रम अधिकाई ।
    मुख महं चौदह भुवन दिखाई ॥

    दुष्ट कंस अति उधम मचायो ।
    कोटि कमल जब फूल मंगायो ॥

    नाथि कालियहिं तब तुम लीन्हें ।
    चरणचिन्ह दै निर्भय किन्हें ॥

    करि गोपिन संग रास विलासा ।
    सबकी पूरण करी अभिलाषा ॥

    केतिक महा असुर संहारयो ।
    कंसहि केस पकड़ि दै मारयो ॥20

    मात-पिता की बन्दि छुड़ाई ।
    उग्रसेन कहं राज दिलाई ॥

    महि से मृतक छहों सुत लायो ।
    मातु देवकी शोक मिटायो ॥

    भौमासुर मुर दैत्य संहारी ।
    लाये षट दश सहसकुमारी ॥

    दै भिन्हीं तृण चीर सहारा ।
    जरासिंधु राक्षस कहं मारा ॥

    असुर बकासुर आदिक मारयो ।
    भक्तन के तब कष्ट निवारियो ॥

    दीन सुदामा के दुःख टारयो ।
    तंदुल तीन मूंठ मुख डारयो ॥

    प्रेम के साग विदुर घर मांगे ।
    दुर्योधन के मेवा त्यागे ॥

    लखि प्रेम की महिमा भारी ।
    ऐसे श्याम दीन हितकारी ॥

    भारत के पारथ रथ हांके ।
    लिए चक्र कर नहिं बल ताके ॥

    निज गीता के ज्ञान सुनाये ।
    भक्तन ह्रदय सुधा वर्षाये ॥30

    मीरा थी ऐसी मतवाली ।
    विष पी गई बजाकर ताली ॥

    राना भेजा सांप पिटारी ।
    शालिग्राम बने बनवारी ॥

    निज माया तुम विधिहिं दिखायो ।
    उर ते संशय सकल मिटायो ॥

    तब शत निन्दा करी तत्काला ।
    जीवन मुक्त भयो शिशुपाला ॥

    जबहिं द्रौपदी टेर लगाई ।
    दीनानाथ लाज अब जाई ॥

    तुरतहिं वसन बने ननन्दलाला ।
    बढ़े चीर भै अरि मुँह काला ॥

    अस नाथ के नाथ कन्हैया ।
    डूबत भंवर बचावत नैया ॥

    सुन्दरदास आस उर धारी ।
    दयादृष्टि कीजै बनवारी ॥

    नाथ सकल मम कुमति निवारो ।
    क्षमहु बेगि अपराध हमारो ॥

    खोलो पट अब दर्शन दीजै ।
    बोलो कृष्ण कन्हैया की जै ॥40

    ॥ दोहा ॥
    यह चालीसा कृष्ण का,पाठ करै उर धारि।
    अष्ट सिद्धि नवनिधि फल, लहै पदारथ चारि॥

  • 2:25 PM (IST)
    Posted by Shailendra Tiwari

    शाम के समय जरूर करें ये आरती

    शाम के समय कृष्ण पूजा के बाद तुलसी की पूजा करें और तुलसी मां की आरती जरूर करें।

    जय जय तुलसी माता,
    मैया जय तुलसी माता ।
    सब जग की सुख दाता,
    सबकी वर माता ॥
    ॥ जय तुलसी माता...॥

    सब योगों से ऊपर,
    सब रोगों से ऊपर ।
    रज से रक्ष करके,
    सबकी भव त्राता ॥
    ॥ जय तुलसी माता...॥

    बटु पुत्री है श्यामा,
    सूर बल्ली है ग्राम्या ।
    विष्णुप्रिय जो नर तुमको सेवे,
    सो नर तर जाता ॥
    ॥ जय तुलसी माता...॥

    हरि के शीश विराजत,
    त्रिभुवन से हो वंदित ।
    पतित जनों की तारिणी,
    तुम हो विख्याता ॥
    ॥ जय तुलसी माता...॥

    लेकर जन्म विजन में,
    आई दिव्य भवन में ।
    मानव लोक तुम्हीं से,
    सुख-संपति पाता ॥
    ॥ जय तुलसी माता...॥

    हरि को तुम अति प्यारी,
    श्याम वर्ण सुकुमारी ।
    प्रेम अजब है उनका,
    तुमसे कैसा नाता ॥
    हमारी विपद हरो तुम,
    कृपा करो माता ॥
    ॥ जय तुलसी माता...॥

    जय जय तुलसी माता,
    मैया जय तुलसी माता ।
    सब जग की सुख दाता,
    सबकी वर माता ॥

  • 2:02 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Om Jai Jagdish Hare Aarti: ॐ जय जगदीश हरे आरती लिरिक्स

    • ॐ जय जगदीश हरे,
    • स्वामी जय जगदीश हरे ।
    • भक्त जनों के संकट,
    • दास जनों के संकट,
    • क्षण में दूर करे ॥
    • ॥ ॐ जय जगदीश हरे ॥
    • जो ध्यावे फल पावे,
    • दुःख बिनसे मन का,
    • स्वामी दुःख बिनसे मन का ।
    • सुख सम्पति घर आवे,
    • सुख सम्पति घर आवे,
    • कष्ट मिटे तन का ॥
    • ॥ ॐ जय जगदीश हरे ॥
    • मात पिता तुम मेरे,
    • शरण गहूं किसकी,
    • स्वामी शरण गहूं मैं किसकी ।
    • तुम बिन और न दूजा,
    • तुम बिन और न दूजा,
    • आस करूं मैं जिसकी ॥
    • ॥ ॐ जय जगदीश हरे ॥
    • तुम पूरण परमात्मा,
    • तुम अन्तर्यामी,
    • स्वामी तुम अन्तर्यामी ।
    • पारब्रह्म परमेश्वर,
    • पारब्रह्म परमेश्वर,
    • तुम सब के स्वामी ॥
    • ॥ ॐ जय जगदीश हरे ॥
    • तुम करुणा के सागर,
    • तुम पालनकर्ता,
    • स्वामी तुम पालनकर्ता ।
    • मैं मूरख फलकामी,
    • मैं सेवक तुम स्वामी,
    • कृपा करो भर्ता॥
    • ॥ ॐ जय जगदीश हरे ॥
    • तुम हो एक अगोचर,
    • सबके प्राणपति,
    • स्वामी सबके प्राणपति ।
    • किस विधि मिलूं दयामय,
    • किस विधि मिलूं दयामय,
    • तुमको मैं कुमति ॥
    • ॥ ॐ जय जगदीश हरे ॥
    • दीन-बन्धु दुःख-हर्ता,
    • ठाकुर तुम मेरे,
    • स्वामी रक्षक तुम मेरे ।
    • अपने हाथ उठाओ,
    • अपने शरण लगाओ,
    • द्वार पड़ा तेरे ॥
    • ॥ ॐ जय जगदीश हरे ॥
    • विषय-विकार मिटाओ,
    • पाप हरो देवा,
    • स्वमी पाप(कष्ट) हरो देवा ।
    • श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,
    • श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,
    • सन्तन की सेवा ॥
    • ॐ जय जगदीश हरे,
    • स्वामी जय जगदीश हरे ।
    • भक्त जनों के संकट,
    • दास जनों के संकट,
    • क्षण में दूर करे ॥
    • ॥ ॐ जय जगदीश हरे ॥
  • 1:08 PM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Janmashtami Badhai Geet: लल्ला की सुन के मै आयी यशोदा मैया देदो बधाई लिरिक्स

    • लल्ला की सुन के मै आयी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई,
    • कान्हा की सुनके मै आयी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई,
    • लाला जनम सुन आयी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई,
    • दे दो बधाई मैया दे दो बधाई,
    • दे दो बधाई मैया दे दो बधाई,
    • लल्ला की सुन के मैं आयी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई ॥
    • टीका भी लूँगी मैया,
    • बिंदियां भी लूँगी,
    • रेशम की लूँगी रजाई,
    • यशोदा मैया देदो बधाई,
    • लल्ला की सुन के मैं आयी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई ॥
    • साड़ी भी लूँगी मैया,
    • लहँगा भी लूँगी,
    • धोती भी लूँगी मैया,
    • कुर्ता भी लूँगी,
    • पगडि की होगी चढ़ाई,
    • यशोदा मैया देदो बधाई,
    • लल्ला की सुन के मैं आयी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई ॥
    • हरवा भी लूँगी मैया,
    • चूड़ी भी लूँगी,
    • कंगना पे होगी चढ़ाई,
    • यशोदा मैया देदो बधाई,
    • लल्ला की सुन के मैं आयी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई ॥
    • चन्द्र सखी भज,
    • बाल कृष्ण छवि,
    • नित नित जाऊँ बलिहारी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई,
    • लल्ला की सुन के मैं आयी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई ॥
    • लल्ला की सुन के मै आयी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई,
    • कान्हा की सुनके मै आयी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई,
    • लाला जनम सुन आयी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई,
    • दे दो बधाई मैया दे दो बधाई,
    • दे दो बधाई मैया दे दो बधाई,
    • लल्ला की सुन के मैं आयी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई ॥
  • 11:45 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी भजन (Shri Krishna Govind Hare Murari)

    • सच्चिदानंद रूपाय विश्वोत्पत्यादिहेतवे,
    • तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयं नम: ॥
    • श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
    • हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
    • हे नाथ नारायण...॥
    • पितु मात स्वामी, सखा हमारे,
    • हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
    • हे नाथ नारायण...॥
    • ॥ श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी...॥
    • बंदी गृह के, तुम अवतारी
    • कही जन्मे, कही पले मुरारी
    • किसी के जाये, किसी के कहाये
    • है अद्भुद, हर बात तिहारी ॥
    • है अद्भुद, हर बात तिहारी ॥
    • गोकुल में चमके, मथुरा के तारे
    • हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
    • श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
    • हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
    • पितु मात स्वामी, सखा हमारे,
    • हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
    • अधर पे बंशी, ह्रदय में राधे
    • बट गए दोनों में, आधे आधे
    • हे राधा नागर, हे भक्त वत्सल
    • सदैव भक्तों के, काम साधे ॥
    • सदैव भक्तों के, काम साधे ॥
    • वही गए वही, गए वही गए
    • जहाँ गए पुकारे
    • हे नाथ नारायण वासुदेवा॥
    • श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
    • हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
    • पितु मात स्वामी सखा हमारे,
    • हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
    • गीता में उपदेश सुनाया
    • धर्म युद्ध को धर्म बताया
    • कर्म तू कर मत रख फल की इच्छा
    • यह सन्देश तुम्ही से पाया
    • अमर है गीता के बोल सारे
    • हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
    • श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी,
    • हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
    • पितु मात स्वामी सखा हमारे,
    • हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥
    • त्वमेव माता च पिता त्वमेव
    • त्वमेव बंधू सखा त्वमेव
    • त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव
    • त्वमेव सर्वं मम देव देवा
    • ॥ श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी...॥
    • राधे कृष्णा राधे कृष्णा
    • राधे राधे कृष्णा कृष्णा ॥
    • राधे कृष्णा राधे कृष्णा
    • राधे राधे कृष्णा कृष्णा ॥
    • हरी बोल, हरी बोल,
    • हरी बोल, हरी बोल ॥
    • राधे कृष्णा राधे कृष्णा
    • राधे राधे कृष्णा कृष्णा
    • राधे कृष्णा राधे कृष्णा
    • राधे राधे कृष्णा कृष्णा ॥
  • 11:06 AM (IST)
    Posted by Shailendra Tiwari

    जन्माष्टमी की भोग लिस्ट

    • माखन मिश्री (चीनी के साथ मक्खन)
    • पेढ़ा
    • मालपुआ
    • रसगुल्ला
    • गुलाब जामुन
    • कलाकंद
  • 10:27 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    श्रीकृष्ण जन्म बधाई गीत: लल्ला की सुन के मै आयी यशोदा मैया देदो

    • लल्ला की सुन के मै आयी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई,
    • कान्हा की सुनके मै आयी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई,
    • लाला जनम सुन आयी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई ।
    • देदो बधाई मैया देदो बधाई,
    • लल्ला की सुन के मै आयी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई ।
    • टीका भी लूँगी मैया,
    • बिंदियां भी लूँगी,
    • रेशम की लूँगी रजाई,
    • यशोदा मैया देदो बधाई ।
    • साड़ी भी लूँगी मैया,
    • लहँगा भी लूँगी,
    • धोती भी लूँगी मैया,
    • कुर्ता भी लूँगी,
    • पगडि की होगी चढ़ाई,
    • यशोदा मैया देदो बधाई ।
    • हरवा भी लूँगी मैया,
    • चुड़ि भी लूँगी,
    • कंगना पे होगी चढ़ाई,
    • यशोदा मैया देदो बधाई।
    • चन्द्र सखी भज,
    • बाल कृष्ण छवि,
    • नित नित जाऊँ बलिहारी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई ।
    • लल्ला की सुन के मै आयी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई,
    • कान्हा की सुनके मै आयी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई,
    • लाला जनम सुन आयी,
    • यशोदा मैया देदो बधाई ।
  • 9:48 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    जन्माष्टमी पर इस मंत्र का जरूर करें जाप

    ॐ कृष्णाय नमः
    भावार्थ- हे श्री कृष्ण, मेरा नमन स्वीकार करो।

  • 8:45 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    ao Bhog Lagao Mere Mohan, Bhog Aarti: आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन

    • आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…
    • दुर्योधन को मेवा त्यागो,
    • साग विदुर घर खायो प्यारे मोहन,
    • आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…
    • भिलनी के बैर सुदामा के तंडुल
    • रूचि रूचि भोग लगाओ प्यारे मोहन…
    • आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…
    • वृदावन की कुञ्ज गली मे,
    • आओं रास रचाओ मेरे मोहन,
    • आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…
    • राधा और मीरा भी बोले,
    • मन मंदिर में आओ मेरे मोहन,
    • आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…
    • गिरी, छुआरा, किशमिश मेवा,
    • माखन मिश्री खाओ मेरे मोहन,
    • आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…
    • सत युग त्रेता दवापर कलयुग,
    • हर युग दरस दिखाओ मेरे मोहन,
    • आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…
    • जो कोई तुम्हारा भोग लगावे
    • सुख संपति घर आवे प्यारे मोहन,
    • आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…
    • ऐसा भोग लगाओ प्यारे मोहन
    • सब अमृत हो जाये प्यारे मोहन,
    • आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…
    • जो कोई ऐसा भोग को खावे
    • सो त्यारा हो जाये प्यारे मोहन,
    • आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…
    • आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…
  • 7:59 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं - Aarti: Shri Banke Bihari Teri Aarti Gaun)

    • श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,
    • हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।
    • आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,
    • श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं ।
    • ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥
    • मोर मुकुट प्यारे शीश पे सोहे,
    • प्यारी बंसी मेरो मन मोहे ।
    • देख छवि बलिहारी मैं जाऊं ।
    • ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥
    • चरणों से निकली गंगा प्यारी,
    • जिसने सारी दुनिया तारी ।
    • मैं उन चरणों के दर्शन पाऊं ।
    • ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥
    • दास अनाथ के नाथ आप हो,
    • दुःख सुख जीवन प्यारे साथ आप हो ।
    • हरी चरणों में शीश झुकाऊं ।
    • ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥
    • श्री हरीदास के प्यारे तुम हो ।
    • मेरे मोहन जीवन धन हो।
    • देख युगल छवि बलि बलि जाऊं ।
    • ॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥
    • श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,
    • हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।
    • आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,
    • श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं ।
  • 7:15 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    !!श्रीकृष्ण आरती भजन!! नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की

    • आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।
    • नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की ।
    • हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की ॥
    • जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की ।
    • गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।
    • नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की ।
    • नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।
    • गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की ।
    • हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की ॥
    • आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।
    • नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की ।
    • नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।
    • नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • कोटि ब्रह्माण्ड के, अधिपति लाल की ।
    • हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की ॥
    • गौ चराने आये, जय हो पशुपाल की ।
    • गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • कोटि ब्रह्माण्ड के, अधिपति लाल की ।
    • नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • गौ चराने आये, जय हो पशुपाल की ।
    • नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • पूनम के चाँद जैसी, शोभी है बाल की ।
    • हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की ॥
    • आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।
    • गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • कोटि ब्रह्माण्ड के, अधिपति लाल की ।
    • नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • गौ चराने आये, जय हो पशुपाल की ।
    • नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • भक्तो के आनंदकंद, जय यशोदा लाल की ।
    • हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की ॥
    • जय हो यशोदा लाल की, जय हो गोपाल की ।
    • गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • कोटि ब्रह्माण्ड के, अधिपति लाल की ।
    • नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • गौ चराने आये, जय हो पशुपाल की ।
    • नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • आनंद से बोलो सब, जय हो बृज लाल की ।
    • हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की ॥
    • जय हो बृज लाल की, पावन प्रतिपाल की ।
    • गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • कोटि ब्रह्माण्ड के, अधिपति लाल की ।
    • नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • गौ चराने आये, जय हो पशुपाल की ।
    • नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की॥
    • आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।
    • नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
    • जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की ।
    • हाथी घोडा पालकी, जय कन्हिया लाल की ॥
    • बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की ।
    • नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की ॥
  • 6:51 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    आरती श्री बाल कृष्ण जी (Aarti Shri Bal Krishna Ki Keejen)

    आरती बाल कृष्ण की कीजै,
    अपना जन्म सफल कर लीजै ॥

    श्री यशोदा का परम दुलारा,
    बाबा के अँखियन का तारा ।
    गोपियन के प्राणन से प्यारा,
    इन पर प्राण न्योछावर कीजै ॥
    ॥आरती बाल कृष्ण की कीजै...॥

    बलदाऊ के छोटे भैया,
    कनुआ कहि कहि बोले मैया ।
    परम मुदित मन लेत बलैया,
    अपना सरबस इनको दीजै ॥
    ॥आरती बाल कृष्ण की कीजै...॥

    श्री राधावर कृष्ण कन्हैया,
    ब्रज जन को नवनीत खवैया ।
    देखत ही मन लेत चुरैया,
    यह छवि नैनन में भरि लीजै ॥
    ॥आरती बाल कृष्ण की कीजै...॥

    तोतली बोलन मधुर सुहावै,
    सखन संग खेलत सुख पावै ।
    सोई सुक्ति जो इनको ध्यावे,
    अब इनको अपना करि लीजै ॥
    ॥आरती बाल कृष्ण की कीजै...॥

    आरती बाल कृष्ण की कीजै,
    अपना जन्म सफल कर लीजै ॥

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।