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गुरु और शुक्र पर्वत पर तारे का चिह्न होता है शुभ, हथेली के सभी पर्वतों पर जानें इसका फल

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Sep 02, 2026 04:39 pm IST,  Updated : Sep 02, 2026 04:39 pm IST

हस्तरेखा शास्त्र के जरिए आज हम आपको बताएंगे कि हथेली के विभिन्न पर्वतों पर तारे के चिह्न का क्या अर्थ होता है। यह चिह्न कुछ जगहों पर शुभ तो कुछ स्थानों पर चुनौतीपूर्ण भी माना गया है।

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हस्तरेखा शास्त्र Image Source : MAGNIFIC

हस्तरेखा शास्त्र में हथेली पर पाए जाने वाले कई चिह्नों में से एक है तारे का चिह्न। इसे हस्तरेखा शास्त्र में मुख्य चिह्नों में से एक माना जाता है। हथेली के अलग-अलग पर्वतों पर इसका फल भी अलग होता है। कुछ स्थानों पर यह चिह्न जहां बेहद शुभ परिणाम देने वाला माना जाता है वहीं कुछ स्थानों पर ये चुनौतीपूर्ण भी साबित हो सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं तारे के चिह्न के फलों के बारे में। 

गुरु पर्वत पर तारे का चिह्न 

अगर हथेली में तारे का चिह्न गुरु पर्वत पर है और गुरु पर्वत उभरा हुआ भी है तो इसे बेहद शुभ प्रतीक माना जाता है। गुरु पर्वत पर तारे का निशान होने से व्यक्ति को जीवन में मान-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है इसके साथ ही करियर के क्षेत्र में भी ऐसे लोग उपलब्धियां पा सकते हैं। आपके बता दें कि गुरु पर्वत तर्जनी उंगली के ठीक नीचे वाले भाग को कहा जाता है। 

शनि पर्वत पर तारे का चिह्न

मध्यमा उंगली के ठीक नीचे वाले भाग को शनि पर्वत कहा जाता है। शनि पर्वत पर अगर तारे का चिह्न हथेली और उंगली के जोड़ पर बना हो तो इसे शुभ संकेत नहीं माना जाता। ऐसे लोग दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। ऐसे लोग गलत कार्यों के कारण चर्चा में आ सकते हैं। 

सूर्य पर्वत पर तारे का चिह्न 

सूर्य पर्वत रिंग फिंगर के ठीक नीचे वाले भाग में बनता है। सूर्य पर्वत पर तारे का निशान अच्छा माना जाता है। ऐसे लोगों को प्रतिष्ठा और सर्वोच्च पद मिलने की संभावना होती है। हालांकि धन, पद होने के साथ ही कुछ निराशा भी ऐसे लोगों के जीवन में हो सकती है। अक्सर ऐसे लोगों का बुढ़ापा बहुत अच्छी तरह से कटता है। 

बुध पर्वत पर तारे का चिह्न 

बुध पर्वत छोटी उंगली के सबसे नीचे वाले भाग को कहा जाता है। यहां तारे का निशान होना शुभ माना गया है। बुध पर्वत पर बना तारे का निशान व्यक्ति को कारोबार में सफलता दिला सकता है। इसके साथ ही शोध कार्य भी ऐसे लोग कर सकते हैं। वार्तालाप करने में भी ऐसे लोग अच्छे होते हैं। 

चंद्र पर्वत पर तारे का चिह्न 

हथेली में चंद्र पर्वत पर तारे का निशान शुभ नहीं माना जाता। ऐसे लोगों को पानी से सावधान रहना चाहिए क्योंकि डूबकर इनकी मृत्यु होने की आशंका होती है। इसके साथ ही ऐसे लोग बहुत अधिक सोच-विचार करने वाले होते हैं और मानसिक रोगों की चपेट में आ सकते हैं। 

शुक्र पर्वत पर तारे का चिह्न 

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की हथेली में शुक्र पर्वत (अंगूठे के ठीक नीचे वाला भाग) तारे का निशान होता है उनको प्रेम में सफलता प्राप्त होती है। इसके साथ ही भौतिक सुख भी ऐसे लोग जीवन में प्राप्त कर सकते हैं। शुक्र पर्वत से क्या कुछ जानकारी मिलती है इसके बारे में आप हमारी वेबसाइट पर विस्तार से पढ़ सकते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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