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Pehla Shradh Kab Hai 2025: पहला श्राद्ध कब है, जानिए इस दिन किनका श्राद्ध किया जाता है और पूजा का मुहूर्त क्या रहेगा

 Written By: Laveena Sharma
 Published : Sep 07, 2025 09:45 am IST,  Updated : Sep 07, 2025 09:45 am IST

Pehla Shradh Kab Hai 2025: पितृ पक्ष का प्रतिपदा श्राद्ध 8 सितंबर 2025, सोमवार को है। इस तिथि पर उन लोगों का श्राद्ध किया जाता है जिनका स्वर्गवास किसी भी महीने के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को हुआ हो।

pehla shradh kab hai 2025- India TV Hindi
पहला श्राद्ध कब है 2025 Image Source : FREEPIK

Pehla Shradh Kab Hai 2025: आचार्य इंदु प्रकाश जी अनुसार प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध कर्म करने वाले व्यक्ति को राजा के समान सुख की प्राप्ति होती है और  उसे हर तरह के सुख-साधन आसानी से मिल जाते हैं। बता दें इस साल पितृ पक्ष 7 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर तक रहेगा। इन 16 दिनों की अवधि में लोग अपने पितरों का विधि विधान श्राद्ध करेंगे। इन श्राद्धों को सम्पन्न करने के लिए कुतुप, रौहिण आदि मुहूर्त शुभ माने जाते हैं। चलिए जानते हैं पहले श्राद्ध का मुहूर्त क्या रहने वाला है।

पहले श्राद्ध का मुहूर्त 2025 (Pehla Shradh Muhurat 2025)

  • प्रतिपदा श्राद्ध - 8 सितंबर 2025, सोमवार
  • कुतुप मुहूर्त - 11:09 ए एम से 11:59 ए एम
  • अवधि - 00 घण्टे 50 मिनट्स
  • रौहिण मुहूर्त - 11:59 ए एम से 12:49 पी एम
  • अवधि - 00 घण्टे 50 मिनट्स
  • अपराह्न काल - 12:49 पी एम से 03:18 पी एम
  • अवधि - 02 घण्टे 29 मिनट्स
  • प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ - सितम्बर 07, 2025 को 11:38 पी एम बजे
  • प्रतिपदा तिथि समाप्त - सितम्बर 08, 2025 को 09:11 पी एम बजे

घर पर श्राद्ध कैसे करें (Ghar Par Shradh Kaise Kare)

पितृ पक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध किया जाता है। सबसे पहले, पितर की देहांत तिथि के अनुसार पितृ पक्ष की तिथि चुनें। फिर श्राद्ध करने वाली तिथि पर सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। जहां श्राद्ध करना है वहां तिल, जौ, कुशा, गंगाजल, खीर, पूड़ी, दाल, चावल, मिठाई, फल और धूप-दीप लेकर बैठें। दोपहर में दक्षिण दिशा की ओर मुख करके श्राद्ध शुरू करें। एक तांबे के पात्र में गंगाजल, तिल और जौ मिलाकर पितरों का नाम और गोत्र लेते हुए तर्पण करें। एक थाली में भोजन परोसकर पितरों को भोग लगाएं और गाय, कौए और कुत्ते को भोजन खिलाएं। "ॐ पितृभ्य: नम:" मंत्र का जाप करें। अंत में ब्राह्मण या जरूरतमंद को भोजन कराकर उन्हें दान की चीजें दें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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