गुरु और चंद्रमा दोनों ही ज्योतिष के शुभ ग्रह हैं। इन दोनों के बीच जब भी कोई योग बनता है तो शुभ फल कुछ राशियों को प्राप्त हो सकते हैं। ऐसा ही शुभ योग 18 सितंबर की रात में भी बनेगा। रात्रि 10 बजकर 45 मिनट पर चंद्रमा गुरु की राशि धनु में गोचर करेंगे वहीं इस दौरान गुरु, चंद्र ग्रह की राशि कर्क में हैं। ऐसे में दोनों ग्रह एक दूसरे की राशियों में होंगे और राशि परिवर्तन योग बनेगा। इस योग के चलते किन राशियों को लाभ मिल सकता है, आइए जानते हैं।
कर्क राशि
चंद्रमा आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए गुरु और चंद्रमा के बीच बनने वाले राशि परिवर्तन योग से आप अपने शत्रुओं को परास्त कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में अधूरे काम भी इस दौरान पूरे हो सकते हैं। माता के पक्ष के लोगों से धन लाभ मिल सकता है। प्रथम भाव में बैठे गुरु आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएंगे जिसके चलते आपका प्रदर्शन जीवन के हर क्षेत्र में बेहतर हो सकता है।
कन्या राशि
राशि परिवर्तन योग के दौरान गुरु आपके एकादश भाव यानि कि लाभ के भाव में होंगे और चंद्रमा सुख के चतुर्थ भाव में। इसलिए आपके लिए गुरु-चंद्र का यह योग बेहद लाभदायक साबित हो सकता है। इस राशि के कारोबारियों को अच्छी डील मिल सकती है, वहीं कुछ लोग अपना काम शुरू कर पाने में भी कामयाब हो सकते हैं। पारिवारिक जीवन में भाई-बहनों का भी आपको भरपूर सहयोग प्राप्त हो सकता है। माता के स्वास्थ्य में अच्छे बदलाव आ सकते हैं।
धनु राशि
गुरु आपकी राशि के स्वामी हैं और 18 सितंबर को चंद्रमा के साथ राशि परिवर्तन योग बनाएंगे। इस योग के चलते आपको अचानक से धन लाभ मिलने के योग हैं। आपके व्यवहार में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। अपनी वाणी से आप लोगों को सामाजिक स्तर पर प्रभावित कर सकते हैं। आर्थिक रूप से भी उन्नति के मार्ग पर आप अग्रसर हो सकते हैं। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलने के योग हैं।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के पंचम भाव में गुरु और दसवें भाव में चंद्रमा, राशि परिवर्तन योग के दौरान विराजमान रहेंगे। इस योग के चलते आपकी बौद्धिक क्षमता बढ़ सकती है। आप सही समय पर सही फैसले ले पाने में कामयाब हो सकते हैं। आपके अटके हुए कार्यों को भी गति मिलने के योग हैं। बेरोजगार लोगों को मनचाही जगह पर रोजगार मिल सकता है। उधार दिया धन वापस मिलने से आपकी आर्थिक स्थिति सुधर सकती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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