Navratri Vrat Kaise Rakhe: सनातन धर्म में नवरात्रि व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं जो भी श्रद्धालु नवरात्रि के नौ दिन सच्चे मन से व्रत रहकर सुबह-शाम माता रानी की विधि विधान पूजा करता है उसके सारे मनोरथ पूर्ण हो जाते हैं। जो भक्त पूरे नवरात्र व्रत नहीं रह पाते हैं वे कम से कम पहले और आखिरी नवरात्र का व्रत तो जरूर ही रहते हैं। बता दें इस बार नवरात्रि व्रत का प्रारंभ 11 अक्टूबर से हो रहा है और इसका समापन 19 अक्टूबर को होगा। यहां हम आपको बताएंगे नवरात्रि व्रत की विधि और नियम।
नवरात्रि व्रत कब से कब तक?
नवरात्रि व्रत की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो रही है और इसका समापन 19 अक्टूबर को होगा। कई लोग नवरात्रि की नवमी पर अपना व्रत खोल लेते हैं तो कई इसके अगले दिन अपना व्रत पारण करते हैं।
नवरात्रि व्रत की विधि क्या है?
- नवरात्रि व्रत रखने जा रहे हैं तो सबसे पहले नवरात्रि के पहले दिन सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें। अगर आप पहले और आखिरी नवरात्र का व्रत रहेंगे तो इसका संकल्प लें और अगर पूरे नवरात्र व्रत रहेंगे तो माता रानी के सामने नौ दिनों के व्रत का संकल्प लें।
- व्रत रखने वाले लोगों को सुबह-शाम माता रानी की विधि विधान पूजा करनी चाहिए। उनकी आरती करें और भोग जरूर लगाएं।
- इस व्रत में अन्न का सेवन नहीं किया जाता है। सिर्फ फलाहारी भोजन ग्रहण कर सकते हैं।
- व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन किया जाता है।
- इस दौरान किसी से वाद-विवाद नहीं करना चाहिए।
- संभव हो तो माता के मंदिर भी जरूर जाएं।
- व्रत के दौरान बाल, दाढ़ी और नाखून नहीं काटने चाहिए।
नवरात्रि व्रत में क्या खा सकते हैं?
- कुट्टू का आटा
- सिंघाड़े का आटा
- राजगिरा का आटा
- साबूदाना
- समा के चावल
- फल, मेवे
- दूध, दही, पनीर
- आलू, शकरकंद
- लौकी, खीरा, टमाटर
- सेंधा नमक
- काली मिर्च
- जीरा
- हरी मिर्च
- टमाटर
- अरबी
- कद्दू
- समा के चावल
- घी
- मखाना और मूंगफली
नवरात्रि व्रत कितने प्रकार से रख सकते हैं?
नवरात्रि व्रत आप तीन तरह से रख सकते हैं। आप पूरे नौ दिन के व्रत रख सकते हैं। अगर ये संभव नहीं हो तो आप नवरात्रि की अष्टमी और नवमी को व्रत रख सकते हैं। इसके अलावा आप चाहें तो पहला और आखिरी नवरात्र का व्रत भी रह सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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