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Motivational Chaupai: मुश्किल समय में टूट रहा हौसला? संकट में सहारा बनेंगी सुंदरकांड की ये चौपाइयां, आत्मविश्वास से आगे बढ़ने को करती हैं प्रेरित

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Jun 04, 2026 10:52 pm IST,  Updated : Jun 04, 2026 10:55 pm IST

Sundarkand Motivational Chaupai: जीवन में कई बार ऐसे हालात बन जाते हैं, जब मेहनत के बावजूद सफलता नहीं मिलती और व्यक्ति निराश महसूस करने लगता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुंदरकांड में वर्णित कुछ चौपाइयां कठिन समय में मनोबल बढ़ाने, आत्मविश्वास जगाने और सकारात्मक सोच बनाए रखने की प्रेरणा देती हैं।

Sundarkand Chaupai- India TV Hindi
संकट में सहारा बनेंगी सुंदरकांड की चौपाईयां Image Source : FILE IMAGE

Sundarkand Motivational Chaupai: लाइफ में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। कभी सफलता कदम चूमती है तो कभी लगातार असफलताएं मिलती हैं, जो व्यक्ति का आत्मविश्वास कमजोर कर देती हैं। ऐसे समय में आध्यात्मिक ग्रंथ जीवन को नई दिशा देते हैं। गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित सुंदरकांड को साहस, धैर्य और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इसमें वर्णित कई चौपाइयां ऐसी हैं, जो कठिन परिस्थितियों में मानसिक शांति देती है। यही कारण है कि मुश्किल समय में इनका पाठ या स्मरण करना लाभकारी माना जाता है। यहां पढ़िए ऐसी 4 चौपाइयां, जो संकट में सहारा और हौसला देती हैं।

जब असंभव लगे काम

कवन सो काज कठिन जग माहीं।

जो नहि होइ तात तुम पाहीं।।

यह चौपाई उस प्रसंग से जुड़ी है जब जामवंत जी बजरंगबली को उनकी शक्ति का स्मरण कराते हैं। जब व्यक्ति अपने लक्ष्य को लेकर असमंजस में हो, तब यह चौपाई खुद पर भरोसा बनाए रखने की प्रेरणा देती है। इसका अर्थ है कि दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास के साथ कोई भी कार्य असंभव नहीं होता। 

चलते रहने का संदेश

राम काज कीन्हें बिनु, मोहि कहां विश्राम।।

हनुमान जी के इस भाव में कर्म और समर्पण का संदेश छिपा है। इसका अर्थ है कि जब तक लक्ष्य पूरा न हो जाए, तब तक प्रयास जारी रखने चाहिए। यह चौपाई कठिन परिस्थितियों में भी हार न मानने और निरंतर आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देती है।

जब परिणाम को लेकर सताए चिंता

जेहि के जेहि पर सत्य सनेहू।
सो तेहि मिलइ न कछु संदेहू।।

इस चौपाई का भाव है कि जिस कार्य के प्रति सच्ची निष्ठा, मेहनत और समर्पण होता है, उसकी सफलता की संभावना भी बढ़ जाती है। यह व्यक्ति को परिणाम की चिंता छोड़कर अपने प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करने की सीख देती है।

मुश्किल में मिलेगी मन को शांति

दीन दयाल बिरिदु संभारी।
हरहु नाथ मम संकट भारी।।

जब व्यक्ति खुद को असहाय महसूस करता है और कोई रास्ता नजर नहीं आता, तब यह चौपाई ईश्वर के प्रति विश्वास और समर्पण का भाव जगाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका स्मरण मन को शांति देता है और कठिन समय में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने में मदद करता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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