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Yam Panchak 2026: धनतेरस के साथ शुरू हो रहा है 5 दिनों का यम पंचक, जानिए क्यों और कैसे मनाया जाता है यह त्योहार

 Written By: Laveena Sharma
 Published : Nov 04, 2026 10:56 am IST,  Updated : Nov 04, 2026 10:56 am IST

यम पंचक का त्योहार कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी से लेकर कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि तक मनाया जाता है। इन पांच दिनों में यम देव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। चलिए जानते हैं इस साल यह पर्व कब से कब तक रहेगा।

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यम पंचक 2026 Image Source : INDIA TV

यम पंचक कोई एक दिन का पर्व नहीं, बल्कि 5 दिनों तक चलने वाला महापर्व है, जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है और समापन भाई दूज पर होता है। यह पर्व मुख्य रूप से उत्तर भारत के कुछ हिस्सों और  पड़ोसी देश नेपाल में मनाया जाता है। यह पांच दिनों की अवधि मृत्यु के देवता यमराज को समर्पित होती है। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान यमराज के नाम का दीपक जलाने से परिवार के सदस्यों पर से अकाल मृत्यु का खतरा टल जाता है। इसके साथ ही इस पर्व के दौरान जानवरों की भी पूजा होती है और उनके प्रति आभार व्यक्त किया जाता है। आइए जानते हैं कि इस साल यह पर्व कब मनाया जाएगा और इस दौरान कौन-कौन सी परंपराएं निभाई जाती हैं।

यम पंचक 2026 डेट

यम पंचक की शुरुआत 6 नवंबर 2026 से होगी और इसका समापन 11 नवंबर 2026 को होगा।

यम पंचक में क्या किया जाता है?

  1. पहला दिन: यम पंचक के पहले दिन कोए की पूजा होती है। धार्मिक मान्यताओं में कौओं को यमराज का संदेशवाहक माना जाता है। कहते हैं इस दिन इन्हें भोजन अर्पित करने से अनहोनी से रक्षा होती है।
  2. दूसरा दिन: इसके दूसरे दिन कुत्ते की पूजा होती है। सनातन धर्म में कुत्ते का संबंध भैरव बाबा और यमराज से माना जाता है।
  3. तीसरा दिन: यम पंचक के तीसरे दिन समृद्धि के प्रतीक के रूप में गायों की पूजा की जाती है। इसके अलावा इस दिन दिवाली का त्योहार भी मनाया जाता है जिसमें मुख्य रूप से देवी लक्ष्मी और गणेश भगवान की पूजा होती है।
  4. चौथा दिन: इस दिन बैलों की पूजा का विधान है। इसके अलावा इस दिन गोवर्धन पर्व भी मनाया जाता है।  
  5. पांचवां दिन: इस दिन भाई दूज का पर्व मनाया जाता है जो भाई-बहन के असीम प्रेम का प्रतीक है।

यम पंचक के दौरान यम दीपक जलाने की परंपरा

यम पंचक के दौरान शाम के समय घर के बाहर यम के नाम का दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है। ध्यान रहे कि यह चार मुख वाला सरसों के तेल का दीपक हो और इसे दक्षिण दिशा की ओर मुख करके रखा जाए। साथ ही दीपक जलाते समय यम देव से परिवार की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। इसके अलावा इस दौरान कुत्तों, गायों और पक्षियों को भोजन करवाना चाहिए।

यम पंचक का धार्मिक महत्व 

यम पंचक का त्योहार मुख्य रूप से सभी जीवों के प्रति आभार और सम्मान प्रकट करने की भावना को बढ़ावा देता है। इस दौरान यमराज की पूजा होती है। यम पंचक के दौरान लोग यमराज से अपने परिवार के सदस्यों की अनहोनी से रक्षा की कामना करते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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