ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के कप्तान के रुप में माइकल क्लार्क की आलोचना करने वालों में एक नाम और सामने आ गया है। पूर्व तेज़ गेंदबाज़ मिशल जॉन्सन ने कहा है कि क्लार्क की कप्तानी में टीम में 'ज़हरीला' माहौल था।
जॉन्सन ने दावा किया कि कुछ खिलाड़ी क्लार्क की कप्तानी में खेलना नहीं चाहते थे। जॉन्सन ने पिछले साल ऐशेज़ सिरीज़ हारने के बाद सन्यास ले लिया था। उन्होंने कहा कि 2011 में रिकी पोंटिंग से कप्तानी लेने के बाद क्लार्क के नेतृत्व में टीम टूट गई थी।
डेली मेल के अनुसार जॉन्सन ने फ़ॉक्स स्पोर्ट्स से कहा: 'काफी कुछ बदल गया था। टीम नहीं रही थी। अलग-अलग गुट बन गए थे और माहौल ज़हरीला हो गया था। सब लोग देख रहे ते कि माहौल ख़राब हो रहा है लेकिन इसे ठीक करने के लिए कुछ नहीं किया गया। टीम में रहने में मज़ा नहीं आ रहा था। आप जब देश के लिए खेलते हैं तो आपको मज़ा आना चाहिये।
उन्होंने कहा, वो एक ख़राब अनुभव था, बुरा समय था, हम में से कुछ लोग खेलना नहीं चाहते थे। नये खिलाड़ियों को भी मज़ा नहीं आ रहा था।
2013 में भारत दौरे पर जॉन्सन उन चार खिलाड़ियों में थे जिन पर होमवर्क न करने पर बैन लगा दिया गया था। ये होमवर्क कोच मिकी आर्थर ने दिया था।
जॉन्सन ने बताया कि 2013 में भारत में प्रतिबंध लगने के बाद क्लार्क के साथ उनके संबंध ख़राब हो गए थे। उन्होंने कहा: 'मुझे ये पसंद नहीं आया। मुझे लगता है कि उस समय टीम में संबंध काफी ख़राब थे। मैं ख़ुद को बाहरी महसूस करता था।'
इस महीने क्लार्क की आत्मकथा रिलीज़ होने के बाद से क्लार्क पर लगातार हमले हो रहे हैं। क्लार्क ने एक टीवी बेंट में कहा भी था कि 2013 में इंग्लैंड दौरे पर कुछ खिलाड़ियों का व्यवहार 'ट्यूमर की तरह' था।