Exclusive Blog by Chetan Sharma
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला वनडे मैच पूरी एकदिवसीय सीरीज़ के भाग्य को निर्धारित करने की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण रोल प्ले करेगा। अकसर यह सीरीज़ का पहला मैच ही होता है, जो जीत मिलने पर खिलाड़ियों में उत्साह और आत्मविश्वास भरता है और यह पहला मैच ही होता है, जो पराजय मिलने पर उनका मनोबल तोड़कर रख देता है। इसलिए आज महेंद्र सिंह धोनी मैच जीतने के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगा देंगे। उम्मीद है कि भारतीय टीम छह बल्लेबाज़ों और पांच गेंदबाज़ों के साथ मैदान पर उतरेगी। जडेजा सातवें नंबर पर बल्लेबाज़ी करेंगे और एक ऑलराउंडर के रूप में टीम में रहेंगे।
आज का मैच जीतने के लिए खासतौर से हमारे तेज़ गेंदबाज़ों को बेहतर प्रदर्शन करना होगा। हमने हालिया कुछ मैचों में आखिरी पांच ओवर्स में काफी खराब प्रदर्शन किया। हालांकि यह भी सच है कि हमें पास्ट में नहीं जाना चाहिए। हर मैच एक नई चुनौती लेकर आता है और वनडे मैच के लिए तो माना ही जाता है कि जो टीम मैच वाले दिन अच्छा प्रदर्शन करती है, वही जीतती है, उसने उस मैच से पहले कैसा प्रदर्शन किया, यह मायने नहीं रखता।
वर्तमान सीरीज़ के पहले मैच में भारत को ऑस्ट्रेलियाई टीम पर धावा बोलने की ज़रूरत है। अगर धोनी एंड कंपनी ऐसा करने में सफल रहती है, तो ऑस्ट्रेलिया बैकफुट पर आ जाएगा और तब एक मैच क्या सीरीज़ भी जीती जा सकती है। वैसे भी ऑस्ट्रेलिया की टीम का मनोबल तोड़ने के लिए तो ऑस्ट्रेलियाई प्रेस ही काफी है, जो हारने पर अपने खिलाड़ियों को बहुत ज़्यादा क्रिटिसाइज़ करती है। एक मैच हारने पर ही वहां की प्रेस ऑस्ट्रेलियाई टीम के बारे में नकारात्मक टिप्पणियां करने लगेगी, जिससे आगे के मैचों में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी गिरे हुए मनोबल के साथ मैच खेलने उतरेंगे। वैसे भी ये वो पुरानी ऑस्ट्रेलियाई टीम तो है नहीं, जो किसी भी हालात में मैच जीत जाती थी। आज ऑस्ट्रेलिया की टीम उतनी मज़बूत नहीं है, उसे हराया जा सकता है, बस आपको उन पर धावा बोलने की ज़रूरत है और अग्रेसिव क्रिकेट खेलनी होगी।
मैं फिर कहूंगा कि अगर आज भारत के तेज़ गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन कर दिया, तो फिर बाकी का काम अश्विन और जडेजा संभाल लेंगे। दोनों ही इस वक्त बहुत शानदार क्रिकेट खेल रहे हैं। खासतौर से अश्विन जब अपनी हाइट का इस्तेमाल करके गेंद डालेंगे, तो ऑस्ट्रेलिया की पिचों पर उन्हें काफी बाउंस मिलेगा, वहां ग्राउंड भी बड़े हैं, इसलिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों के लिए अश्विन को खेलना आसान नहीं होगा। अश्विन और जडेजा के बीस ओवर्स भी मैच में काफी इंपोर्टेंट रहेंगे।
बल्लेबाजी में भारतीय टीम अच्छी नज़र आती है। धवन, कोहली, रोहित शर्मा, कप्तान धोनी औऱ सातवें नंबर पर जडेजा तक सभी अच्छी बल्लेबाजी करते हैं, लेकिन मैच के भाग्य का फैसला तो आज तेज़ गेंदबाज़ ही करेंगे। ज़्यादातर भारतीय गेंदबाज़ों के साथ एक दिक्कत है कि वो यार्कर्स और स्लो बॉल का इस्तेमाल नहीं करते। आज का मैच जीतने के लिए उन्हें अनुशासन से गेंदबाज़ी करनी होगी, थ्री-क्वार्टर के स्पॉट पर पूरी प्लानिंग के साथ बॉलिंग करनी होगी। नए साल का यह पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच है, इसे भारतीय टीम को हर हालत में जीतना होगा, ताकि आगे के मैचों में भारतीय खिलाड़ी ऊंचे मनोबल के साथ खेलें।
(चेतन शर्मा इंडिया टीवी के क्रिकेट एक्सपर्ट औऱ पूर्व भारतीय तेज़ गेंदबाज हैं। वह दुनिया के पहले गेंदबाज़ थे जिन्होंने 1987 के विश्वकप में तीन बल्लेबाज़ों को तीन गेंदों में क्लीन बोल्ड करके हैट्रिक बनाई थी। उन्हें World Cup hat-trick man भी कहा जाता है।)