नयी दिल्ली: अंपायर बिवी बोडेन मैच के दौरान चैक्के, छक्के या आउट होने के अपने टेड़े-मेड़े इशारे के लिए क्रिकेट प्रेमियों में मशहूर रहे हैं। उनका ये अंदाज़ उन्हें सबसे अलग अंपायर बनाता था और वह बराबर चर्चा में बने रहते थे। लेकिन इस बार बिली इसलिए चर्चा में हैं क्योंकि न्यूज़ीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें अंपायरों की अंतरराष्ट्रीय पैनल से हटा लिया है। वह अब अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग नहीं करेंगे।
बिली का अंपायर बनना एक मजबूरी थी। दरअसल वह तेज़ गेंदबाज़ बनना चाहते थे लेकिन 21 साल की उम्र में ही उन्हें गठिया हो गया जिसकी वजह से वह अपना सपना पूरा नहीं कर सके। इस बीमारी से निराश बिली को लगा कि अब उनका और क्रिकेट का नाता कभी नहीं जुड़ पाएगा लेकिन तभी अंपायरिंग करने का ख़्याल उनके मन में आया।
बिली का कहना है कि उनकी बीमारी उनके लिए वरदान साबित हुई क्योंकि अगर वह क्रिकेट खेल रहे होते तो वह शायद इतना लोकप्रिय नही होते। गठिया की वजह से बिली अंगुली सीधा नहीं कर पाते और उनके हाथ भी पूरी तरह खड़े नहीं होते। यही वजह है कि वह चौक्के, छक्के का इशारा टेड़ी अंगुली से करते थे।