नई दिल्ली: भारत और इंगलैंड के बीच शुरू हो हुई 5 मैचों की टेस्ट सिरीज़ में मेहमान टीम ने टॉस जीत कर बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। यह सिरीज़ पिछले तीन दशक में भारतीय सरजमीं पर पांच टेस्ट की पहली श्रृंखला होगी और पहले टेस्ट के साथ टेस्ट केंद्र के रूप में राजकोट का पदार्पण होगा।
दुनिया की नंबर एक टीम भारत और पिछली बार उसे चार साल पहले घरेलू सरजमीं पर हराने वाले इंग्लैंड के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। इंग्लैंड ने 2012 में पहला मैच गंवाने के बाद वापसी करते हुए चार टेस्ट की श्रृंखला 2-1 से जीती थी। इंग्लैंड की जीत में तब ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की बेहतर स्पिन जोड़ी ने अहम भूमिका निभाई थी लेकिन इस दौरे पर दोनों ही टीम का हिस्सा नहीं हैं। मौजूदा कप्तान एलिस्टेयर कुक और विवादास्पद बल्लेबाज केविन पीटरसन ने तब शानदार बल्लेबाजी की थी। पीटरसन अब इंग्लैंड टीम का हिस्सा नहीं हैं।
वहीं भारत के मौजूदा टेस्ट कप्तान विराट कोहली चार साल पहले इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सरजमीं पर और फिर इंग्लैंड में पांच मैचों की श्रृंखला में 3-1 से शिकस्त झेलने वाली टीम इंडिया का हिस्सा थे और उन्होंने इन दोनों श्रृंखलाओं के दौरान मिले कड़े सबक को भुलाया नहीं होगा। इंग्लैंड की टीम हालांकि इस बार यहां बांग्लादेश में दो टेस्ट की श्रृंखला 1-1 से बराबर करके आई है जहां उसे मेजबान टीम के खिलाफ पहली बार टेस्ट मैच में शिकस्त का सामना भी करना पड़ा।
इंग्लैंड ने दौरे पर कोई अभ्यास मैच नहीं खेला
इसके अलावा लगभग एक हफ्ते पहले भारत पहुंचने वाले इंग्लैंड ने दौरे पर कोई अभ्यास मैच नहीं खेला है। टीम के सबसे सफल टेस्ट गेंदबाज जेम्स एंडरसन भी कंधे की चोट से पूरी तरह नहीं उबरे हैं और कम से कम पहले टेस्ट में नहीं खेल पाएंगे।
कुक और अपना 100वां टेस्ट खेलने वाले आलराउंडर स्टुअर्ट ब्राड दोनों ने कहा है कि आक्रामक शैली में अगुआई करने वाले कोहली की कप्तानी में खेलने वाली भारतीय टीम के खिलाफ वे अंडरडाग के रूप में शुरूआत करेंगे।
कोहली की नजरें भी इंग्लैंड के खिलाफ बल्ले से अपने खराब रिकार्ड में सुधार करने पर टिकी होंगी। भारतीय टीम का हालांकि इंग्लैंड को लेकर चिंतित होना लाजमी है। कोच अनिल कुंबले चाहते हैं कि टीम रणनीति को उसी तरह अमलीजामा पहनाए जैसा उन्होंने पिछली श्रृंखला में न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-0 की जीत के दौरान किया था।
भारत में पहली बार DRS का इस्तेमाल
उप कप्तान अजिंक्य रहाणे ने भी कल कुछ नये चेहरों वाली इंग्लैंड की टीम के खिलाफ आत्ममुग्धता के खतरों के प्रति चेताया था। यह भारत में पहली टेस्ट श्रृंखला होगी जिसमें अंपायरों के फैसले की समीक्षा प्रणाली (DRS) का इस्तेमाल किया जाएगा जिसका BCCI अब तक विरोध करता रहा है। आठ साल पहले श्रीलंका में एकमात्र श्रृंखला में डीआरएस की मौजूदगी में खेलने वाला भारत इस प्रणाली को लेकर रणनीति बना रहा है।
भारत घरेलू मैदान पर 14 टेस्ट में अजेय
कोलकाता में 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ शिकस्त के बाद से भारत घरेलू मैदान पर 14 टेस्ट में अजेय रहा है। लोकेश राहुल, शिखर धवन और रोहित शर्मा के चोटिल होने के बावजूद भारत का बल्लेबाजी क्रम मजबूत है।
कोहली एक बार फिर बल्लेबाजी में रहाणे के साथ अगुआई करेंगे। मुरली विजय, टीम में वापसी करने वाले गौतम गंभीर और न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम के शीर्ष स्कोरर रहे चेतेश्वर पुजारा से भी टीम को काफी उम्मीदें होंगी। पुजारा यहां अपने घरेलू मैदान पर खेलेंगे।
एंडरसन की कमी खलेगी
इंग्लैंड को एंडरसन की कमी खलेगी जो चोट से लगभग उबर चुके हैं और जल्द ही टीम से जुड़ सकते हैं। स्टुअर्ट ब्राड की अगुआई में हालांकि इंग्लैंड का गेंदबाजी आक्रमण मजबूत है। उसके पास स्टीवन फिन और क्रिस वोक्स जैसे तेज गेंदबाजों के अलावा बेन स्टोक्स जैसा आलराउंडर भी है। बल्लेबाज के रूप में शुरूआत करने वाले मोईन अली अब टीम के शीर्ष स्पिनर बन गए हैं। इस आफ स्पिनर को बायें हाथ के स्पिनर जफर अंसारी और लेग स्पिनर आदिल राशिद का साथ मिलेगा। आफ स्पिनर गैरेथ बेटी एक अन्य विकल्प हैं।
भारत: विराट कोहली (कप्तान), मुरली विजय, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, रविचंद्रन अश्विन, रिद्धिमान साहा, रविंद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, हार्दिक पंड्या।
इंग्लैंड: एलिस्टेयर कुक (कप्तान), हसीब हमीद, जो रूट, बेन डकेट, बेन स्टोक्स, जानी बेयरस्टा, मोईन अली, क्रिस वोक्स, आदिल राशिद, स्टुअर्ट ब्राड, जफर अंसारी।