नयी दिल्ली: संदीप पाटिल की अध्यक्षता वाली सीनियर चयनसमिति सोमवार को जब यहां आखिरी दो वनडे और पहले दो टेस्ट मैचों के लिये टीम का चयन करने के लिये बैठेगी तो उसे तेज गेंदबाजी के अगुआ इशांत शर्मा की अनुपस्थिति में गेंदबाजी संयोजन को लेकर माथापच्ची करनी पड़ सकती है।
वनडे टीम में किसी तरह का हैरानी भरा फैसला होने की संभावना नहीं है। चयनकर्ता केवल रविचंद्रन अश्विन की चोट पर गौर करेंगे लेकिन टेस्ट मैचों के लिये गेंदबाजी संयोजन तैयार करना आसान नहीं होगा क्योंकि दिल्ली की तरफ से हरियाणा के खिलाफ रणजी ट्राफी मैच खेलते हुए इशांत की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था।
श्रीलंका की सरजमीं पर 22 साल बाद पहली बार 2-1 से टेस्ट श्रृंखला जीतने वाली टीम के अधिकतर सदस्यों के मोहाली और बेंगलुरू में होने वाले मैचों के लिये टीम में बने रहने की संभावना है।
मुरली विजय, शिखर धवन, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा और रोहित शर्मा का बल्लेबाजों में चयन तय है। के एल राहुल को रिजर्व बल्लेबाज होना चाहिए। उन्होंने श्रीलंका में एक शतक बनाया लेकिन बाकी पारियों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाये।
मांसपेशियों में खिंचाव के कारण श्रीलंका के खिलाफ आखिरी टेस्ट मैच में नहीं खेलने वाले रिद्धिमान साहा की विकेटकीपर के रूप में वापसी तय है हालांकि नमन ओझा का दावा भी कम करके नहीं आंका जा सकता है।
भुवनेश्वर कुमार, उमेश यादव और वरूण आरोन के रूप में तीन तेज गेंदबाजों को टीम में रखा जा सकता है। स्टुअर्ट बिन्नी आलराउंडर होने के कारण टीम में जगह बना सकते हैं। श्रीलंका के खिलाफ अंतिम टेस्ट मैच में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था।
भारतीय टीम को हालांकि इशांत की कमी खलेगी। वह मोहाली टेस्ट में एक मैच का प्रतिबंध लगने के कारण नहीं खेल पाएंगे लेकिन मांसपेशियों में खिंचाव के कारण उनका दूसरे टेस्ट में खेलना भी संदग्णि्ध है। चयनकर्ता उन्हें टीम में रख सकते हैं और इस बीच उनकी फिटनेस का आकलन किया जा सकता है।
यहां तक कि स्पिन विभाग में भी अश्विन की फिटनेस को लेकर अच्छी खबर का इंतजार है। यह आफ स्पिनर ग्रीन पार्क में पहले वनडे मैच के दौरान केवल 4.4 ओवर ही कर पाया था।
यदि अश्विन फिट नहीं हो पाते हैं तो सौराष्ट्र की तरफ से दो घरेलू मैचों में 24 विकेट लेने वाले गेंदबाजी आलराउंडर रविंद्र जडेजा को टीम में रखा जा सकता है। जडेजा हमेशा भारतीय परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। सीनियर स्पिनर हरभजन सिंह और अमित मिश्रा के भी अपना स्थान बरकरार रखने की संभावना है।
सीमित ओवरों में महेंद्र सिंह धोनी की टीम पहले दो वनडे में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पायी लेकिन राष्ट्रीय चयनकर्ता बाकी बचे दो मैचों के लिये वर्तमान टीम पर भरोसा जता सकते थे।
कानपुर में 304 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम रोहित शर्मा के 150 रन के बावजूद पांच रन से हार गयी लेकिन इंदौर में गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन करके 247 रन का बचाव किया।
भुवनेश्वर कुमार नयी गेंद का जिम्मा संभाल रहे हैं। उनके साथ उमेश यादव और मोहित शर्मा यह भूमिका निभा रहे हैं। इशांत के चोटिल होने के कारण किसी अन्य तेज गेंदबाज को टीम से जोड़ने की संभावना कम हो गयी है।
अश्विन चोटिल होने के बावजूद टीम का हिस्सा बने रह सकते हैं क्योंकि उनकी चोट बहुत गंभीर नहीं है। हरभजन सिंह ने हालांकि दूसरे मैच में अपनी उपयोगिता साबित कर दी और उन्हें बरकरार रखा जा सकता है।
धोनी इसके अलावा टीम में बहुत अधिक बदलाव करने के पक्षधर भी नहीं रहे हैं और वह आखिरी दो मैचों के लिये भी कोई बदलाव नहीं करने के लिये कह सकते हैं।
मध्यक्रम में सुरेश रैना की फार्म चिंता का विषय है लेकिन सीमित ओवरों की टीम में उनकी जगह पक्की है। इस पर धोनी की राय महत्वपूर्ण होगी।
भारत वनडे रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका से उपर दूसरे स्थान पर है और उसे अपना यह स्थान बरकरार रखने के लिये पांच मैचों की श्रृंखला में अच्छा प्रदर्शन करना होगा।