नई दिल्ली: बांग्लादेश में टेस्ट खत्म होने के बाद अब बारी है वन डे की यानी खेल के साथ खिलाड़ियों के कपड़ों के रंग भी बदलेंगे लेकिन डर इस बात का है कही ड्रैसिंग रुम का माहौल भी ना बदल जाए।
दरअसल एक सल्तनत के दो बादशाह हैं । कहने को तो ये पेशेवर खिलाड़ी है लेकिन है तो इंसान...भारतीय क्रिकेट बदल चुका है...और यहां का भविष्य विराट है तो क्या धोनी इस बदले हुए माहोल में अपने आप को ढाल पाएंगे...मुश्किलें विराट को भी हो सकती है...।
ये है मामला-
धोनी-विराट के कप्तान के कमरे को लेकर भारतीय अधिकारियों और होटल के बीच माथापच्ची। विराट को नहीं कहां गया कमरा छोड़ने को। धोनी के लिए अलग से बुक करवाना पड़ा कप्तानी suite
विराट ने ऑस्ट्रेलियन में टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली
इस दौरान उन्होंने 4 टेस्ट खेले जहां 86.50 की औसत से 692 रन बनाए थे । जिसमें 4 शतक और एक अर्धशतक लगाया था।
लेकिन इसके बाद हुए ट्राई सीरीज़ में विराट ने 4 मैचों में सिर्फ 8 की औसत से 24 रन बनाए ।
पिछले 1 साल में भी विराट की बल्लेबाज़ी के दो पहलू दिखे हैं ।
पिछले 1 साल में धोनी की कप्तानी में विराट कोहली ने 19 मैच में सिर्फ 38 की औसत से रन बनाए...
जबकि इसी दौरान विराट ने 5 मैच में कप्तानी की और इन मैचों में 82.2 के धमाकेदार औसत से रन जोड़े...
लेकिन दूसरी तरफ टेस्ट कप्तानी छोड़ने के बाद धोनी पर दबाव कम हुआ है । ऐसे उनकी बल्लेबाजी में भी दिख रहा है ।
धोनी ने ऑस्ट्रेलिया में ट्राई सीरीज़ के दौरान 3 मैच खेले ।
जिसमें उन्होंने 42 की औसत से 85 रन बनाए ।
वही वर्ल्ड कप के 8 मुकाबलों में धोनी ने 59.25 की औसत से 237 रन बनाए है।
साफ है टेस्ट की जिम्मेदारी छोड़ने के बाद धोनी...पुराने लय में लौट रहे है । लेकिन आंकड़ों का सच ये है कि विराट धोनी की कप्तानी में खास प्रदर्शन नहीं कर रहे। खेल में कॉम्पिटिशन होना कोई नई बात नहीं है । लेकिन दो कप्तानों के बीच के कोल्ड वॉर में टीम को नुकसान ना हो ये दोनों बड़े खिलाडी को