ऑस्ट्रेलिया ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट में 214 रन की शानदार जीत दर्ज कर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है, लेकिन अब दूसरे मुकाबले से पहले टीम की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। चोट से जूझ रहे स्टार ऑलराउंडर कैमरून ग्रीन की वापसी अभी तय नहीं है। वहीं, विकेटकीपर जोश इंग्लिस की फिटनेस को लेकर कुछ राहत भरे संकेत मिले हैं। दूसरे टेस्ट में इन दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धता के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी क्रम पर भी सबकी नजरें रहेंगी।
ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने साफ किया है कि ग्रीन को दूसरे टेस्ट के लिए फिट घोषित करने से पहले कुछ और जरूरी जांच और अभ्यास सत्रों से गुजरना होगा। साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरा टेस्ट रविवार, 18 अक्टूबर से गकेबरहा के सेंट जॉर्ज पार्क में खेला जाएगा। ग्रीन पेट की मांसपेशियों में चोट के कारण डरबन में खेले गए पहले टेस्ट से बाहर रहे थे। ऑस्ट्रेलियाई टीम को उम्मीद थी कि वह दूसरे मुकाबले तक फिट हो जाएंगे, लेकिन फिलहाल उनकी वापसी को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। मैकडोनाल्ड ने कहा कि ग्रीन की रिकवरी अच्छी हो रही है। अगले तीन-चार दिनों में उन्हें कुछ और चीजों से गुजरना होगा। इसके बाद उनकी स्थिति का आकलन किया जाएगा। सॉफ्ट टिश्यू इंजरी में रिकवरी की रफ्तार अचानक तेज भी हो सकती है।
इंग्लिस की वापसी को लेकर राहत
ग्रीन के मुकाबले जोश इंग्लिस की वापसी की संभावनाएं कुछ बेहतर नजर आ रही हैं। वह पिछले महीने साउथ अफ्रीका के खिलाफ ODI सीरीज के दौरान उंगली में चोट लगने के कारण पहले टेस्ट में नहीं खेल पाए थे। हालांकि, उन्होंने हाल ही में नेट्स में बल्लेबाजी का अभ्यास किया है। मैकडोनाल्ड के मुताबिक, इंग्लिस ने लंच के दौरान नेट्स में कुछ अभ्यास सत्र किए और उनका अनुभव अच्छा रहा। अब यह देखना होगा कि उंगली पर लगे स्प्लिंट के साथ बल्लेबाजी करते समय वह कितना सहज महसूस करते हैं। गकेबरहा पहुंचने के बाद उनके कुछ और अभ्यास सत्र होंगे, जिनसे उनकी फिटनेस को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।
कूपर कोनोली की भी खुल सकती है किस्मत
दूसरे टेस्ट के लिए कूपर कोनोली के नाम पर भी विचार किया जा सकता है। वह पहले टेस्ट से बाहर रहे थे। उनकी ऑफ स्पिन गेंदबाजी ऑस्ट्रेलिया के लिए अहम साबित हो सकती है। ग्रीन अगर बल्लेबाज के तौर पर भी टीम में लौटते हैं, तो साउथ अफ्रीका में वह गेंदबाजी नहीं कर पाएंगे। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया को टीम का संतुलन तय करते समय एक अतिरिक्त स्पिन विकल्प की जरूरत महसूस हो सकती है। कोनोली की दावेदारी इसी वजह से मजबूत हो सकती है। हालांकि, निक मैडिनसन और ब्यू वेबस्टर की प्लेइंग-11 में जगह को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। गौरतलब है कि पहले टेस्ट में 214 रन की जीत के बाद ऑस्ट्रेलिया की नजरें अब सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत करने पर हैं। दूसरा टेस्ट 18 से 22 अक्टूबर तक गकेबरहा में खेला जाएगा, जबकि सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला 27 से 31 अक्टूबर तक केपटाउन में होगा।
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