लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में 19 जुलाई को अनोखा रिकॉर्ड देखने को मिला। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर परीक्षा ली और ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो इस प्रतिष्ठित मैदान पर पहले कभी नहीं हुआ था। ODI इतिहास में पहली बार लॉर्ड्स पर किसी पारी में पहले और दूसरे दोनों विकेट के लिए 100 से अधिक रन की साझेदारी देखने को मिली। बेन डकेट, जैकब बेथेल, जो रूट और जोस बटलर की शानदार पारियों की बदौलत इंग्लैंड ने निर्णायक तीसरे ODI में 50 ओवर में 3 विकेट पर 387 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
भारतीय गेंदबाजों ने किया निराश
इंग्लैंड की शुरुआत भले ही संयमित रही और पहले 10 ओवर के पावरप्ले में टीम ने 58 रन बनाए, लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों पर ऐसा हमला बोला गया कि मैच का पूरा रंग बदल गया। 11वें से 30वें ओवर के बीच इंग्लिश बल्लेबाजों ने मैदान के चारों ओर शॉट लगाए और गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में ला दिया।
ओपनर बेन डकेट और जैकब बेथेल ने पहले विकेट के लिए 192 रन जोड़कर भारतीय गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया। डकेट ने 135 गेंदों पर 18 चौकों और एक छक्के की मदद से शानदार 141 रन बनाए। वहीं, बेथेल ने 93 गेंदों में 11 चौके और दो छक्कों की बदौलत 91 रन की शानदार पारी खेली। हालांकि, वह अपने शतक से चूक गए और प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर कैच थमा बैठे।
टॉप 3 बल्लेबाजों ने जड़ा 50+ स्कोर
बेथेल के आउट होने के बाद भी इंग्लैंड की रनों की रफ्तार में कोई कमी नहीं आई। सलामी बल्लेबाज बेन डकेट और जो रूट के बीच दूसरे विकेट के लिए 101 रनों की बेहतरीन पार्टनरशिप हुई। बेन डकेट 44वें ओवर में जब पवेलियन लौटे, तो इंग्लिश टीम का स्कोर 300 रन के करीब पहुंच चुके थे।
अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने भी भारत के खिलाफ लगातार तीसरे ODI में अर्धशतक जड़ने का कमाल किया। रूट ने सिर्फ 48 गेंदों में 9 चौकों की मदद से नाबाद 74 रन बनाए, जबकि पूर्व कप्तान जोस बटलर ने आखिरी ओवरों में विस्फोटक अंदाज दिखाते हुए महज 13 गेंदों पर चार चौके और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 41 रन ठोक दिए।
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