विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का 24 दिसंबर को धमाकेदार आगाज हुआ। टूर्नामेंट के पहले दिन कुल 22 शतक बने, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। वहीं, बिहार की टीम ने 550 से ज्यादा रन बनाते हुए नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। इस बीच रविचंद्रन अश्विन का विजय हजारे ट्रॉफी पर बड़ा बयान सामने आया है। रविचंद्रन अश्विन ने विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार द्वारा अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ बनाए गए वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर पर हैरान करने वाली प्रतिक्रिया दी है। जहां एक ओर उन्होंने ऐतिहासिक बल्लेबाजी की जमकर सराहना की, वहीं दूसरी ओर इसे आदर्श मुकाबला नहीं बताते हुए घरेलू क्रिकेट के स्ट्रक्चक पर सवाल भी खड़े किए।
बिहार के कप्तान ने जड़ा सबसे तेज लिस्ट-ए शतक
विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के प्लेट ग्रुप मुकाबले में बिहार ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 6 विकेट पर 574 रन ठोककर लिस्ट-ए क्रिकेट का अब तक का सबसे बड़ा टीम स्कोर बना दिया। इस ऐतिहासिक पारी के नायक रहे 19 साल के वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने महज 84 गेंदों पर 190 रन की विस्फोटक पारी खेली। वहीं कप्तान साकिबुल गनी ने सिर्फ 40 गेंदों पर 128 रन जड़ते हुए 32 गेंदों में शतक पूरा किया, जो किसी भारतीय बल्लेबाज का सबसे तेज लिस्ट-ए शतक है।
सूर्यवंशी की पारी खास तौर पर चर्चा में रही। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने सिर्फ 36 गेंदों में शतक पूरा किया और अपनी पारी में 16 चौके और 15 छक्के लगाए। अरुणाचल प्रदेश की गेंदबाजी पूरी तरह बेबस नजर आई। जवाब में उनकी टीम 177 रन पर सिमट गई और बिहार ने 397 रन के विशाल अंतर से जीत दर्ज की। हालांकि, अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस मुकाबले की प्रतिस्पर्धात्मकता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वैभव सूर्यवंशी तारीफ के हकदार हैं। लेकिन उन्हें फिर से यह सवाल पूछना पड़ेगा। कुछ टीमों के बीच क्वालिटी का अंतर बहुत ज्यादा है। जमीन-आसमान का फर्क। ऐसे मुकाबलों में कोई प्रतिस्पर्धा नहीं रहती। यह आदर्श मुकाबला नहीं है।
डेवलपिंग टीमों पर पड़ेगा गलत असर?
अश्विन ने यह भी साफ किया कि विरोधी टीम की कमजोरी के आधार पर रिकॉर्ड पारियों को कमतर नहीं आंका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर आप अपने मोहल्ले में भी बड़ा स्कोर बनाते हैं, तब भी वह बड़ा स्कोर ही होता है। दोहरा शतक कहीं भी हो, दोहरा शतक ही होता है। लेकिन साथ ही उन्होंने चिंता जताई कि इस तरह के एकतरफा मुकाबले डेवलपिंग टीमों के आत्मविश्वास पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। अगर हम सच में चाहते हैं कि अरुणाचल प्रदेश जैसी टीमें आगे बढ़ें, तो ऐसे मैच उनके कॉन्फिडेंस के साथ क्या करेंगे? अश्विन की इस टिप्पणी के बाद घरेलू क्रिकेट में प्लेट और एलीट ग्रुप की संरचना को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।