एमएस धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई का सफर इस साल के आईपीएल में खत्म हो गया है। हालांकि टीम अपने बचे हुए चार मैच और इस टूर्नामेंट में खेलेगी, लेकिन अगर यहां से चार के चार मैच जीत भी लिए जाएं तो भी टॉप 4 में जगह नहीं बनेगी। यानी अब टीम केवल मैच पूरे करने के लिए खेलेगी। इस बीच सवाल ये है कि पांच बार की आईपीएल चैंपियन टीम का ये हाल हुआ किसलिए। कहां गलती हुई। कौन कौन से वे खिलाड़ी हैं, जिन्हें टीम ने मोटी रकम में खरीदा था, लेकिन वे पूरी तरह से फुस्स पटाखा साबित हुए।
रिटेंशन में ही गलती कर बैठी थी चेन्नई की टीम
दरअसल चेन्नई की इस हालत की कहानी पिछले साल ही लिख दी गई थी, जब मेगा ऑक्शन हुआ था। टीम ने कुछ ऐसे खिलाड़ी रिटेन कर लिए थे, जो किस भी काम के नहीं थे, वहीं जब ऑक्शन की बारी आई तो फिर वही गलती हुई। टीम ने कुछ ऐसे खिलाड़ियों पर दांव खेला जो बुरी तरह से फ्लॉप रहे। चेन्नई ने एमएस धोनी के अलावा चार और खिलाड़ी रिटेन किए थे। हालांकि धोनी अनकैप्ड खिलाड़ी के तौर पर चार करोड़ रुपये में रिटेन किए थे, लेकिन बाकी को काफी मोटी रकम दी गई। कप्तान रुतुराज गायकवाड पर 18 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वे शुरुआती मैचों में खेले, लेकिन कर कुछ भी नहीं पाए। बीच सीजन वे चोटिल होकर बाहर हो गए और जब टीम की कहानी करीब करीब खत्म हो चुकी थी, तब धोनी को फिर से कमान संभालनी पड़ी। रवींद्र जडेजा पर भी टीम ने 18 करोड़ रुपये खर्च किए जो अपनी छाप छोड़ने में कामयाब नहीं हो पाए।
शिवम दुबे और मथीशा पथिराना पर खर्च कर दी मोटी रकम
इसके अलावा चेन्नई ने शिवम दुबे को 12 करोड़ और मथीशा पथिराना को 13 करोड़ रुपये में रिटेन किया, ये टीम की सबसे कमजोर कड़ी साबित हुए। शिवम दुबे ने अपनी टीम के लिए इस साल 10 मैच खेलकर केवल 248 रन बनाए। उनका औसत 31 का रहा, वहीं उन्होंने 132.62 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। बीच के ओवर्स में रन बनाने की जिम्मेदारी शिवम दुबे पर रही, लेकिन एक दो मैच को छोड़ दें तो बाकी में वे पूरी तरह से नाकाम रहे। उनके नाम इस दस मैच में केवल एक अर्धशतक है, इससे उनकी बल्लेबाजी के बारे में जाना जा सकता है।
नहीं चला मथीशा पथिराना का भी जादू
मथीशा पथिराना ने इस साल अब तक अपनी टीम के लिए 8 मैच खेलकर कुल 9 ही विकेट लिए हैं। ना तो वे विकेट ले पाए और ना ही रन रोकने में ही सफल रहे। उन्होंने कितनी वाइड बॉल फेंकी, उसकी तो कोई गितनी ही नहीं है। अक्सर आखिर के कुछ ओवर्स में उनकी जमकर धुनाई हुई। रवींद्र जडेजा ने 10 मैच खेलकर केवल 183 रन ही अपनी टीम के लिए बनाए हैं। जो किसी भी सूरत में अच्छा नहीं कहा जा सकता।
शिवम, पथिराना और अश्विन को रिलीज कर सकती है टीम
अब अगले साल के आईपीएल में तो वक्त है और टीमें अपने कौन से खिलाड़ी रिटेन करेंगी और किसे जाने देंगे, इसमें भी समय है, लेकिन माना जाना चाहिए कि शिवम दुबे और महीशा पथिराना को अपने साथ रोकने में टीम कतई दिलचस्पी नहीं दिखाएगी। इसमें एक और नाम जोड़ा जा सकता है, वो है रविचंद्रन अश्विन का। जो कुछ भी नहीं कर पाए। अश्विन ने इस साल अब त सात मैच खेलकर 5 विकेट ही लिए हैं। वैसे तो वे आलराउंडर हैं, लेकिन उनके बल्ले से रन भी नहीं बने। अश्विन अब इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर हो चुके हैं, ऐसे में वे अगले साल कि कितने फिट रहेंगे, ये भी दूर की बात है।