एंटवर्प: गोलकीपर सविता ने विरोधी टीम के कई हमलों को नाकाम किया जिससे भारतीय महिला हाकी टीम ने विश्व लीग सेमीफाइनल्स के पांचवें स्थान के प्ले आफ में जापान को 1-0 से हराकर ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीद बढ़ा दी।
भारतीय की ओर से मैच विजयी गोल रानी रामपाल ने 13वें मिनट में दागा। वंदना कटारिया के शाट को जापान की गोलकीपर ने रोक दिया लेकिन रानी ने रिबाउंड पर गेंद को गोल में पहुंचा दिया।
दिन की स्टार हालांकि सविता रही जो जापान की स्ट्राइकरों और भारत के गोल के बीच चट्टान की तरह डटी रहीं।
अंतिम क्वार्टर में जापान को पांच पेनल्टी कार्नर मिले लेकिन इसके बावजूद विरोधी टीम सविता को छकाकर एक भी गोल नहीं कर सकी।
भारतीय टीम पहले क्वार्टर में हासिल की गई बढ़त को अंत तक बरकरार रखने में सफल रही और सविता ने 36 साल में पहली बार ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने की भारत की संभावना बढ़ा दी।
भारतीय महिला टीम अब तक सिर्फ एक बार 1980 में मास्को ओलंपिक खेलों का हिस्सा रही है। ओलंपिक कोटा जब आवंटित किया जाएगा तो यहां पांचवां स्थान भारतीय महिला टीम को भी खेलों के महाकुंभ में जगह दिला सकता है।
यहां एंटवर्प और हाल में वेलेंसिया में संपन्न हुए विश्व लीग सेमीफाइनल्स में तीन तीन ओलंपिक कोटा दांव पर लगे हैं।
पांच महाद्वीपीय चैम्पियन को सीधे ओलंपिक में प्रवेश मिलेगा और कई टीमों के दोहरे क्वालीफिकेशन की उम्मीद है और ऐसे में उन टीमों को भी ओलंपिक कोटा मिल सकता है जिन्हौं दो विश्व लीग सेमीफाइनल्स में शीर्ष चार में जगह नहीं बनाई हो।
वेलेंसिया टूर्नामेंट से जर्मनी, ग्रेट ब्रिटेन और चीन ने तीन ओलंपिक कोटा हासिल किए हैं। यहां से भी तीन टीमों को ओलंपिक कोटा मिलेगा लेकिन एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक विजेता दक्षिण कोरिया पहले ही ओलंपिक में स्थान बना चुका है।
भारतीय टीम ने आज के मैच में आत्मविश्वास से शुरूआत की क्योंकि इससे पहले वह पिछले साल इंचियोन एशियाई खेलों के कांस्य पदक के मुकाबले में भी जापान को हरा चुकी थी।
भारत ने पहले क्वार्टर के 13वें मिनट में ही गोल दाग दिया जब लिलिमा मिंज ने गेंद को वंदना की ओर बढ़ाया जिन्होंने बायें छोर से आक्रमण किया। वंदना के रिवर्स शाट को हालांकि गोलकीपर सकियो असानो ने रोक दिया लेकिन रिबाउंड पर रानी रामपाल ने गोल दागकर भारत को बढ़त दिला दी।
जापान को 20वें मिनट में पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन हाजुकी नगाई का डिफलेक्शन गोल से दूर रहा।
भारत को 25वें मिनट में गोल करने का शानदार मौका मिला जब विरोधी के दो डिफेंडरों के सामने उसकी तीन स्ट्राइकर सर्कल में थी लेकिन वंदना दिशाहीन पास देकर एक बार फिर मौका गंवा दिया।