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जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप: बेल्जियम को हरा भारत बना वर्ल्ड चैम्पियन

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 18, 2016 08:30 pm IST,  Updated : Dec 18, 2016 08:30 pm IST

भारत ने FIH जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में बेल्जियम को हराकर जूनियर हॉकी का वर्ल्ड कप अपने नाम कर लिया है। इससे पहले भारत ने यह खिताब 15 साल पहले जीता था।

Photo: Hockey India- India TV Hindi
Photo: Hockey India

लखनऊ: भारत ने FIH जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में बेल्जियम को हराकर जूनियर हॉकी का वर्ल्ड कप अपने नाम कर लिया है। इससे पहले भारत ने यह खिताब 15 साल पहले जीता था। भारत ने खिताब की आशा लिए पहली बार फाइनल में पहुंची बेल्जियम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और 2-1 से शानदार जीत हासिल की।

भारत के लिए गुरजंत सिंह (सातवां मिनट) और सिमरनजीत सिंह (23वां मिनट) ने गोल किए जबकि बेल्जियम के लिए आखिरी मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर फेब्रिस वॉन बोकरिज ने गोल किया। पहले ही मिनट से भारतीय टीम ने अपने आक्रामक तेवर जाहिर कर दिए थे और तीसरे मिनट में उसे पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला। मनप्रीत के स्टाप पर हरमनप्रीत हालांकि इसे गोल में नहीं बदल सके। इसके 3 मिनट बाद भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन इसे भी गोल में नहीं बदला जा सका। भारतीयों ने हमले करने का सिलसिला जारी रखा और अगले ही मिनट गुरजंत ने टीम का खाता खोला। सुमित के स्कूप से गेंद को पकडते हुए गुरजंत ने शाट लगाया और गोलकपर के सीने से टकराकर गेंद भीतर चली गई। 

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मैच को लेकर दर्शकों का उत्साह देखते ही बनता था। (फोटो: Hockey India)

भारत की बढत 10वें मिनट में दुगुनी हो जाती लेकिन नीलकांत शर्मा गोल के सामने आसान मौका चूक गए। इस दौरान सारा मैच भारतीय सर्कल में हो रहा था लेकिन 20वें मिनट में बेल्जियम ने पहला हमला बोला। सुमित की अगुवाई में भारतीय डिफेंस ने उसे नाकाम कर दिया। भारतीय फॉरवर्ड पंक्ति ने गजब का तालमेल दिखाते हुए कई मौके बनाए और 23वें मिनट में बढत दुगुनी कर दी। हरमनप्रीत मैदान के दूसरे छोर से गेंद को लेकर भीतर आए और नीलकांत को पास दिया जिसने गुरजंत को गेंद सौंपी और बायें फ्लैंक से गुरंजत से मिले पास पर सिमरनजीत ने इसे गोल में बदला। बेल्जियम को पहले हाफ में 30वें मिनट में मिला एकमात्र पेनल्टी कॉर्नर बेकार गया। पहले हाफ में भारत की 2-0 से बढ़त बरकरार रही।

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भारतीय टीम ने इस मैच में शानदार खेल दिखाया। (फोटो: Hockey India)

दूसरे हाफ में भी आक्रामक हॉकी का सिलसिला जारी रहा और 47वें मिनट में भारत को तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला हालाकि कप्तान हरजीत गेंद को रोक नहीं सके। भारत ने एक और आसान मौका गंवाया जब गुरजंत विरोधी गोल के भीतर अकेले गेंद लेकर घुसे थे लेकिन गोल पर निशाना नहीं लगा सका। रिबाउंड पर परविंदर सिंह भी गोल नही कर सके। अगले मिनट के भीतर भारत को दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन बेल्जियम के गोलकीपर लोइक वॉन डॉरेन ने दोनों शाट बचा लिए। आखिरी मिनट में बेल्जियम को मिले पेनल्टी कॉर्नर को फेब्रिस ने गोल में बदला लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

Photo: Hockey India
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मैच के दौरान एक दर्शक। (फोटो: Hockey India)

15 साल पहले ऑस्ट्रेलिया के होबर्ट में गगन अजीत सिंह की कप्तानी में खिताब अपने नाम करने के बाद भारत ने पहली बार जूनियर हॉकी विश्व कप जीता। भारत 2005 में स्पेन से कांस्य पदक का मुकाबला हारकर चौथे स्थान पर रहा था और उस समय भी कोच हरेंद्र सिंह ही थे, जो कि वर्तमान में भी भारतीय जूनियर हॉकी टीम के कोच हैं। इससे पहले 2013 में दिल्ली में हुए टूर्नामेंट में भारत दसवें स्थान पर रहा था।

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