चेन्नई: दिग्गज टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने प्रतिस्पर्धी टेनिस से तुरंत संन्यास लेने से इन्कार किया और कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत तरह से पेश किया गया। उन्होंने कहा कि असल में उनका लक्ष्य अगले साल एक और चेन्नई ओपन ट्रॉफी जीतना और अपने नए जोड़ीदार को उनका पहला ग्रैंडस्लैम खिताब दिलाने के लिये प्रेरित करना है।
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पेस और ब्राजील के आंद्रे सा ने 2017 की शुरूआत हार से की। वह बुधवार रात डबल्स के पहले दौर में पुरव राजा और दिविज शरण की भारतीय जोड़ी से हार गए थे। अब तक के सबसे सफल भारतीय खिलाड़ी से पूछा गया कि क्या यह उनका आखिरी चेन्नई ओपन है उन्होंने कहा, ‘मुझे वापसी की उम्मीद है। मुझे उम्मीद है कि मैं फिर से यहां ट्रॉफी हासिल करूंगा।’ पेस ने 6 बार चेन्नई ओपन का डबल्स खिताब जीता है। इनमें से 5 उन्होंने महेश भूपति (1997, 1998, 1999, 2002 और 2011) के साथ तथा छठा और आखिरी 2012 में सर्बिया के यांको टिपसारेविच के साथ जीता था।
पेस ने कहा, ‘मैं खेलना जारी रखूंगा। मुझे लगता है कि जब सोमदेव ने संन्यास की घोषणा की तब थोड़ी गलतफहमी हुई। किसी ने मुझसे सवाल किया और मैंने कहा कि यह आज, कल या 6 महीने या उससे भी बाद में हो सकता है ओर इसके बाद अचानक खबर बन गई कि लिएंडर संन्यास ले रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं अब भी अपनी टेनिस को चाहता हूं। मैं वास्तव में इसके प्रति जुनूनी हूं।’ पेस की अपने 111वें जोड़ीदार के साथ शुरूआत अच्छी नहीं रही लेकिन उन्होंने कि उन्हें ब्राजीली खिलाड़ी की योग्यता पर पूरा भरोसा है। आंद्रे सा ने अब तक कोई ग्रैंडस्लैम नहीं जीता है। पेस ने कहा, ‘मैं उन्हें ग्रैंडस्लैम जीतने के लिए प्रेरित करना चाहता हूं। अभी यह मेरा लक्ष्य है।’