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यह टूर्नामेंट सिर्फ ब्राह्मणों के लिए, इस खबर से मचा बवाल

 Written By: India TV Sports Desk
 Published : Jun 13, 2015 07:57 am IST,  Updated : Jun 13, 2015 08:08 am IST

नई दिल्ली: एक बैडमिंटन टूर्नामेंट आयोजित होने की खबर सोशल मीडिया में जोरो शोरो पर छायी हुई है। इस खबर को लेकर सोशल मीडिया में बहस चल रही है कि आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट

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यह टूर्नामेंट सिर्फ ब्राह्मणों के लिए, खबर से मचा बवाल

नई दिल्ली: एक बैडमिंटन टूर्नामेंट आयोजित होने की खबर सोशल मीडिया में जोरो शोरो पर छायी हुई है। इस खबर को लेकर सोशल मीडिया में बहस चल रही है कि आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट को आखिर पूरी तरह खुलकर क्यों नहीं बताया जा रहा है। क्योंकि इसमें एक ब्राह्मणों की एक खास उपजाति को ही भाग लेने की अनुमति दी गई है।

दैवज्ञ फाउंडेशन के नेत्रत्व में आयोजित होने वाले इस ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट 2015 के आयोजकों के अनुसार 20-21 जून को होने वाले इस इवेंट्स में सिर्फ दैवज्ञ ब्राह्मणों की ही अनुमती है। यह समुदाय के लोगों को इकट्ठा करने का एक जरिया माना जा रहा है। और खेलों में युवाओं को भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने की पहल बताया जा रहा है।

दैवज्ञ फाउंडेशन के प्रेजिडेंट श्रीनिवास कुडतकर ने कहा कि हमारा उद्देश्य किसी भी तरह का सांभ्रांतवादी या विशेषता जाहिर करने का नहीं है। बल्कि हम चाहते हैं कि हमारे समुदाय से उभरती हुईं प्रतिभाओं को अपनी पहचान बनाने और आगे बढ़ने का मौका मिले। इसके टूर्नामेंट के द्वारा हम युवा शटलरों की हर तरह से मदद करना चाहते हैं। जिससे समाज में उन्हें एक नयी पहचान मिले। देखा जाए तो इस टूर्नमेंट का फोकस  महाराष्ट्र, गोवा और तटीय

कर्नाटक
से आने वाले दैवज्ञ ब्राह्मणों पर है।

कुडतकर ने कहा हमें उत्तर प्रदेश नई दिल्ली और तमिलनाडु के समुदायों से भी ये खबर मिली है हो सकता है दूसरे चरण से हम ब्राह्मणों की सभी उपजातियों को शामिल करेंगे। क्योंकि इस साल हमें उनके निवेदन को मानने से इंकार करना पड़ा। कूडतकर ने इस बात पर जोर देकर कहा कि हमारे उद्देश्यों को गलत नही समझना चाहिये। यदि कोई और समुदाय ऐसा टूर्नामेंट आयोजित करना चहता है तो उसे ऐसे की पूरी आजादी है।

उन्होंने कहा अब देश के विभिन्न हिस्सों में मूलतः तटीय क्षेत्रों से आने वाले दैवज्ञ ब्राह्मण पाए जाते हैं। और हम उन्हें ऐसे आयोजनों से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। हमारी जल्द ही स्विमिंग और टेबल टेनिस टूर्नामेंट्स आयोजित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन की योजना स्पोर्ट्स अकडैमी खोलने की थी।

टूर्नामेंट ओपन का वास्तविक मतलब पूछने पर उन्होंने कि यह ओपन टूर्नमेंट सिर्फ आयु वर्गों के लिए है। हमने महिलाओं और पुरुषों के लिए सिर्फ दो कैटिगरीज बनाई है। जो कि 30 साल से ऊपर और 30 साल से कम की है। यह समुदाय के लोगों के इकट्ठा होने का अवसर है और हम इस टूर्नामेंट को उत्सव के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं।

राज्य में बैडमिंटन की गवर्निंग सरकारी संस्था कर्नाटक बैडमिंटन असोसिएशन को इस टूर्नमेंट से चौकन्ना होने का कोई कारण नजर नहीं आता। संस्था के मुताबिक, अगर यह टूर्नामेंट एक कम्युनिटी इवेंट है तो आयोजकों के पास इसे खुलकर आयोजित करने का अधिकार है लेकिन हमारे लिए यह इवेंट्स अमान्य है।

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