नई दिल्ली: खेल की दिवानगी और कामयाबी पाने की चाह जब सर चढ़ जाए तो वो अपने आगे कुछ नहीं सुनती इस बात को हरियाणा की इन महिला एथलीटों ने साबित कर दिया है। इन महिला खिलाड़ियों ने सिर्फ हरियाणा में ही नहीं बल्की पूरे समाज में एक मिसाल कायम किया है। खेल से ध्यान न भटके उसके लिए इन महिलाओं ने अपनी शादी का ऑफर भी ठुकरा दिया। महिला खिलाड़ियों का यह फैसला 2016 में होने वाले रियो ओलंपिक के लिए है।
भारतीय हॉकी टीम की खिलाड़ी दीपिका ठाकुर की बात करें या पहलवान ललिता सहरावत और गीता फोगट की इन तीनों यह फैसला करके अपने परिवार वालों को चौंका दिया है। एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक इन तीनों ने कहा है कि कम से कम रियो ओलंपिक खत्म होने तक इनकी शादी टाल दी जाए।
दीपिका को अक्टूबर में शादि का अल्टीमेट-
दीपिका ने कहा, 'मेरी मां ने मुझे इस अक्टूबर तक शादी करने का समय दिया था। लेकिन अब हम ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं तो अब शादी ओलंपिक के बाद ही होगी। हालांकी अभी तक भारतीय महिला टीम का रियो का टिकट फाइनल नहीं हुआ है। फिर भी अक्टूबर के अंत तक इसमें हिस्सा लेने वाली टीमों के नाम फाइनल हो सकेंगे। हालांकि बेल्जियम में हुई हॉकी वर्ल्ड लीग में पांचवें नंबर पर रहकर भारतीय महिला टीम ने ओलंपिक में अपना स्थान लगभग पक्का कर लिया है।
ललिता के साथ उनके मंगेतर-
सामाजिक दबाव के चलते हरियाणा में लड़कियों की शादी 20 वर्ष से कम की आयु में ही हो जाती है, जबकि भारत में महिलाओं के लिए शादी की उम्र 21 वर्ष है. पहलवान ललिता 22 वर्षीय हैं और उन पर भी शादी का दबाव है. हालांकि वो इस मामले में भाग्यशाली हैं कि उनके मंगेतर ने उन्हें खेल पर फोकस करने के लिए समय दिया है. 2012 में पूर्व इंटरनेशनल पहलवान बलराज और ललिता की सगाई हुई थी. ललिता 2014 ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं. सितंबर में अमेरिका में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए ललिता आठ सदस्यीय टीम का हिस्सा पहले ही बन चुकी हैं।
गीता ने टाला फैसला-
गीता फोगट ने भी अपनी शादी का प्लान फिलहाल टाल दिया है। ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनकर इतिहास रचने वाली गीता पहले लंदन ओलंपिक तक शादी की बात नहीं करना चाहती थी लेकिन अब रियो ओलंपिक तक उनका शादी करने का कोई इरादा नहीं है।