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लवलीना के पास इतिहास रचने का मौका, 6 मुक्केबाजों से पदक की उम्मीद; अखिल कुमार ने बताई प्लेयर्स की खासियत

 Reported By: Samip Rajguru Written By: Govind Singh
 Published : Jul 20, 2024 10:51 pm IST,  Updated : Jul 21, 2024 03:03 pm IST

पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत के लिए 6 मुक्केबाज मेडल की दावेदारी पेश करेंगे। इन 6 में से लवलीना बोरगोहेन पहले ओलंपिक पदक जीत चुकी हैं। उनके पास दूसरा मेडल जीतने का चांस है।

Lovlina Borgohain And akhil kumar - India TV Hindi
Lovlina Borgohain And akhil kumar Image Source : GETTY/YOUTUBE

पेरिस ओलंपिक में दम दिखाने के लिए भारतीय मुक्केबाज पूरी तरह से तैयार हैं। ओलंपिक में भारत की तरफ से मुक्केबाजी में अभी तक सिर्फ तीन ही बॉक्सर मेडल जीत पाए हैं। इनमें विजेंद्र सिंह, मैरी कॉम और लवलीना बोरगोहेन के नाम शामिल हैं। इन प्लेयर्स के पास ओलंपिक का ब्रॉन्ज मेडल मौजूद है। पेरिस ओलंपिक 2024 में 6 भारतीय मुक्केबाजों से मेडल की उम्मीद है। इनमें निशांत देव, अमित पंघाल, लवलीना, निकहत जरीन, जैस्मीन लेम्बोरिया और प्रीति पवार शामिल हैं। ये खिलाड़ी पिछले कुछ समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। पेरिस ओलंपिक में हिस्सा ले रहे भारतीय मुक्केबाजों पर पूर्व बॉक्सर अखिल कुमार ने अपनी राय रखी है। 

इतिहास रचने की दहलीज पर लवलीना 

इंडिया टीवी के स्पोर्ट्स एडिटर समीप राजगुरु के साथ खास बातचीत में अखिल कुमार ने कहा कि हमें अपने काम फोकस करना है और ये सोचना है कि जीतना ही है। फिट रहना है और प्रोपर रिकवरी करनी है। जब आपकी रिकवरी पूरी होगी, तो आपके माइंड में ऑक्सीजन लेवल ज्यादा होगा। आप अच्छा रिजल्ट दे सकते हो। ओलंपिक में सपोर्टिंग स्टाफ रोल का अहम होगा। क्योंकि सोशल मीडिया के जमाने में हर किसी के पास हर किसी के बाउट का वीडियो है। लवलीना के पास डबल मेडल का चांस है। अलग दिखने के लिए ये करना ही होगा। भारतीय बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। अगर वह पेरिस ओलंपिक में मेडल जीतने में सफल हो जाती हैं, तो वह ओलंपिक के इतिहास में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय मुक्केबाज बन जाएंगी। 

निकहत के पास मेडल जीतने का चांस: अखिल कुमार

निकहत जरीन के पास मेडल जीतने के चांस है। जिस तरह से हम टफ बॉक्सर से भिड़ते हैं। उससे फायदा मिलता है। एक बॉक्सर का अच्छा आइक्यू होना बहुत ही जरूरी है। निकहत स्ट्रांग रही है और वह चैंपियन रही है। हर एक गेम उसने खेला और मेडल जीते हैं। इस तरह से अमित पंघाल और निशांत देव है। निशांत सोच समझकर और रुककर खेलता है। 

अखिल कुमार ने पेरिस ओलंपिक में हिस्सा लेने भारतीय मुक्केबाजों की बताई खासियत

अखिल कुमार ने कहा कि 6 बॉक्सर हिस्सा ले रहे हैं और उनके 20 लोग सपोर्ट स्टाफ में जा रहे हैं ताकि कल को कोई एसक्यूज ना रहे। लेकिन अगर मेडल नहीं आए, तो उसकी जवाबदेही होनी चाहिए। 6 के 6 बॉक्सर अच्छे हैं। अमित पंघाल के पास अनुभव है। पहले उसका सेलेक्शन नहीं हुआ। फिर उसने क्वालीफाई किया। मैंने उसकी बाइट देखी है। उसके पास लड़ने का जिद्दीपन है। निकहत के अंदर भी यही है। निशांत देव टेक्निकल तौर पर अच्छा है। उम्मीद का मतलब है कोई भी जीते। पेरिस ओलंपिक के लिए भारतीय बॉक्सिंग का हमारा दल अच्छा है। 

पेरिस ओलंपिक में बॉक्सिंग के इवेंट में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ी

निकहत जरीन: महिला 50 किग्रा

प्रीति पवार: महिला 54 किग्रा

जैस्मीन लेम्बोरिया: महिला 57 किग्रा

लवलीना बोरगोहेन: महिला 75 किग्रा

अमित पंघाल: पुरुष 51 किग्रा

निशांत देव: पुरुष 71 किग्रा

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